व्यंग्य जुगलबंदी 49 - बाबागिरी के मरफ़ी के नियम

image

(चित्र - साभार - काजल कुमार )

मरफ़ी का नियम हर जगह लागू होता है. बाबागिरी में भी. कुछ नियम ये हैं –

· दुनिया में कुछ नहीं बदलता. बाबागिरी भी नहीं.

· सबसे बड़ा अंधविश्वास है कि, बाबागिरी जैसी कोई चीज नहीं होती.

· किसी भी दिए गए बाबा के सामने दूसरा दिया गया बाबा बड़ा (डेरा या आश्रम वाला) होता है.

· हर बाबा, बाबागिरी को दोहराता है.


· सदैव संभल कर रहें, दिए गए किसी भी आने वाले समय में, और अधिक संख्या में बाबा पैदा होने वाले होते हैं.

· मुस्कुराएँ. कल और अधिक बाबा पैदा होने वाले हैं.

· किसी भी दिए गए बाबे का डेरा (आश्रम) जितना बड़ा होगा, वो बाबा उतना ही अधिक पतित होगा.

· जितना दिखाई देता है, बाबा उससे ज्यादा पतित होता है.


· बाबे के जितने ज्यादा फालोअर (अंधभक्त) होंगे, बाबा उतना ही अधिक पतित होगा.

· बाबा अपने भक्तों की संख्या के अनुपात में पतित होता है.

· दिया गया कोई भी बाबा, अनुमान से अधिक पतित होता है.

· बाबा जितना शांत और निस्पृह बाहर से दिखता है, उतना ही भयभीत, लोभी और अशांत भीतर से होता है.


· बाबा जब अपने प्रवचनों में त्याग की बात करता है तो वो अपने बारे में नहीं कहता होता है.

· बाबा प्रवचन में जो बात कहता है उसका पालन वो स्वयं किसी सूरत नहीं करता.

· लोगों को पता होता है कि बाबाओं के पास जाना गलत है फिर भी वे जाते हैं.

· यदि आप किसी बाबा के प्रवचन सुनकर सोते हैं तो रात्रि में दुःस्वप्न आते ही हैं.


· लोगों को चिरायु और दीर्घायु का आशीर्वाद देने वाले बाबा स्वयं बीमार और अल्पायु होते हैं.

· सभी बाबे एक जैसे होते हैं – बुरे या और, अधिक बुरे

· यदि बाबा द्रव्यमान है तो भक्त गुरुत्वबल है.

· बाबाओं की सुलभता व उपलब्धता उनकी आवश्यकता के व्युत्क्रमानुपाती में होती है.


· जो ऊपर जाता है वह नीचे आता ही है - बाबाओं में भी.

· यदि कहीं बाबा नहीं भी होता है, तो लोग अपने लिए शून्य में से भी एक बाबा बना लेते हैं.

· किसी भी दिए गए बाबे के विरुद्ध एफ़आईआर, कोर्ट-केस, सजा आदि होने के बाद भी, असली भक्तों को बाबा का असली रंगरूप नजर नहीं आता.

· विश्व के महानतम बाबाओं के उत्थान-पतन में मानवीय भूलों का हाथ रहा है – दूसरे मानवों के.


· नए बाबा नई समस्याएँ पैदा करते हैं.

· गलतियाँ करना मनुष्य का स्वभाव है, परंतु ढेरों, सुधारी नहीं जा सकने वाली गलतियों के लिए एक गुरु बाबा की आवश्यकता होती है.

· दुनिया में सब संभव है. बाबागिरी भी.

· बाबा के आशीर्वाद से आपको तमाम तरक्की, सुख सम्पत्ति मिलेगी, परंतु, फिर, पहले, इसके लिए, अपनी अंटी से बाबा के आश्रम में दान करना होगा.


...यूँ और भी नियम हैं. कुछ आपको भी याद आ रहे हों तो कृपया बताएँ !

0 टिप्पणी "व्यंग्य जुगलबंदी 49 - बाबागिरी के मरफ़ी के नियम"

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.