ई-शिष्टाचार (e-Etiquette) - आपके डिजिटल जीवन के लिए 101 गाइडलाइन 91-100

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101 ई-शिष्टाचार

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एक समय था, जब आदमी जेंटलमेन (सभ्य पुरुष) होता था और स्त्री - लेडी. परंतु आज? आज हम रोज कुछ इस तरह के प्रश्नों का सामना करते हैं – “क्या यह ठीक होगा कि मैं किसी अजनबी के फ़ेसबुक मित्र निवेदन को अनदेखा कर दूं?” “रेस्त्रॉ में टेबल पर मोबाइल फ़ोन रखना क्या शिष्टाचार के विरुद्ध है?” या “कैफ़े कॉफ़ी डे के फ्री वाई-फ़ाई को मैं बिना कुछ ऑर्डर किए कितनी देर तक मुफ़्त में प्रयोग करता रह सकता हूँ?”
डिजिटल लाइफ़ स्टाइल हमारे दैनिंदनी जीवन और आचार व्यवहार तथा शिष्टाचार में बड़ी मात्रा में परिवर्तन ला रहे हैं. अब लाख टके का सवाल ये है कि ऐसे में, नए, डिजिटल जमाने में ई-शिष्टाचार सीखने के लिए हम किसकी शरण में जाएँ?
यहाँ पर ई-एटीकेट में संकलित 101 ई-शिष्टाचारों को विशेष अनुमति से खास आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं. इन ई-शिष्टाचारों को लंबे समय के अंतराल में तमाम प्रयोक्ताओं के सुझावों के आधार पर संकलित किया गया है, और हर किसी के लिए उपयोगी हैं. तो, आपके लिए पहला शिष्टाचार यह है कि इसे अधिकाधिक लोगों तक प्रेषित करें ताकि हम सबका डिजिटल जीवन शिष्टाचार मय हो.

ई-शिष्टाचार – 91-100

91.    अपने संबंधों में रोबॉटिक डिजिटल प्रभाव न लाएँ. सहिष्णु, सहनीय व उदार बनें.


92.    अपने व्यक्तिगत अथवा व्यवसायिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने हेतु अपने मोबाइल के साथ-2 लैंडलाइन नंबर (यदि कोई हो) भी उन्हें दें.

93.    अपने बच्चों के इंटरनेट सर्फिंग को चुपके से मॉनीटर करने के बजाए नेट सर्फिंग  उनके साथ बैठकर करें.

94.    जिस चैनल के जरिए आपको कोई दुःखद समाचार मिलता है तो उसी चैनल का प्रयोग संवेदना संदेश भेजने के लिए भी करें.

95.    आपके कंप्यूटर अथवा लैपटॉप का स्क्रीन आपके लिए हर हमेशा निजी नहीं होता. न्यूडिटी, हॉरर अथवा हिंसा के दृश्यों की झलक आपके सहकर्मी अथवा आस-पड़ोस के यात्रियों की भावनाओं को आहत कर सकते हैं.

96.    हेडसेट लगाकर यत्र-तत्र-सर्वत्र घूमना पिछली सदी में ही आउट ऑफ़ फ़ैशन हो चुका है.

97.    यदि आपके फ़ोन, कंप्यूटर या प्रिंटर चलते चलते बंद हो जाएँ तो परेशान होकर उन्हें झटकें-पटकें नहीं. यदि वे काम नहीं कर रहे हैं तो इसका अर्थ है कि उनमें कुछ खराबी है, जिसे दूर करना आवश्यक है.

98.    डिजिटल मीडिया डाइट (कंप्यूटर-इंटरनेट) से कभी दूरी बनाएँ और यदा कदा उपवास भी रखें.

99.    अपने मोबाइल फ़ोनों को दाह-संस्कार, कक्षाओं, लाइब्रेरी, मीटिंग अथवा अन्य जहाँ कहीं भी ये दूसरों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं, वहाँ बन्द रखें.


100.    विभिन्न देशों में डिजिटल शिष्टाचार और डिजिटल आचार-व्यवहार-विचार भिन्न-2 होते हैं. विदेश प्रवास से पहले वहाँ के ई-एटीकेट जान समझ लें.

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5 टिप्पणियाँ "ई-शिष्टाचार (e-Etiquette) - आपके डिजिटल जीवन के लिए 101 गाइडलाइन 91-100"

  1. मेरे विचार से हिन्दी चिट्टाकारों के लिये सबसे महत्वपूर्ण ई-शिष्टाचार निम्न हैं
    १- अपनी प्रविष्टियां दूसरे को पढ़ने के लिये न भेजें।
    २- जवाब देते समय reply all का प्रयोग न करें।
    ३- केवल उसी को बधाई, चित्र वगैरह भेजें जो आपको भेजता हो या आपसे उसके लिये कहे।

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  2. @उन्मुक्त

    :)

    वैसे, चिट्ठाकारों के लिए ई-शिष्टाचार की बात चली है तो, कुछ और हैं -
    * एक सी टिप्पणी हर कहीं न ठोंकें
    * अपने ताजा पोस्ट की लिंक युक्त टिप्पणी न ठोंकें
    * प्रविष्टियों को बिन पढ़े टिप्पणियाँ न करें
    * प्रविष्टियों के विषय से इतर टिप्पणियाँ न करें
    * सिर्फ आमद दर्ज करवाने हेतु टिप्पणियाँ न करें
    * एक ही पोस्ट को चार जगह न छापें
    * व्यक्तिगत प्रसंशा, खुन्नस आदि युक्त प्रविष्टियाँ न लिखें, बल्कि इसके लिए व्यक्तिगत ईमेल का प्रयोग करें
    * बिना किसी लिंक अथवा संदर्भ दिए विशिष्ट घटना या व्यक्ति को इंगित करती प्रविष्टियाँ न लिखें
    * ...इत्यादि.

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  3. सहमत। अब इन्हें एक पीडीएफ़ में कर के लाया जाय, ठीक रहेगा।

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  4. उपयोगी रहा यह सिलसिला.

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आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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