मंगलवार, 26 सितंबर 2017

व्यंग्य जुगलबंदी 52 : आपकी रेलगाड़ी में ब्रेक है या नहीं?

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व्यंज़ल

किसी की एक्सप्रेस, दुरंतो या पैसेंजर रेलगाड़ी

कोई समय पर है तो कोई विलम्बित रेलगाड़ी


भगवे और हरे रंग में उलझा है जमाना उधर

चलो चलाएँ इधर किसी और रंग की रेलगाड़ी


चलने का ही तो सवाल है यारों कहीं तो चलें

तेरी पश्चिम को तो मेरी दक्षिण की है रेलगाड़ी


इधर की हवा में सुकून जरा कम हो चला है

चलो फिर उधर को ले चलें अपनी रेलगाड़ी


औरों की पटरियाँ तोड़ने में ही तो मजा है रवि

नहीं तो हर कोई नहीं चलाता अपनी रेलगाड़ी

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