संदेश

August, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इंटरनेट एक्सप्लोरर 11 में अब अपनी हिंदी की वर्तनी जांचें

चित्र
आप पूछेंगे कि अब कौन इंटरनेट एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करता है? फिर भी, ताकि सनद रहे, और माइक्रोसॉफ़्ट-प्रिय जनता के लिए - अंततः अब इंटरनेट एक्सप्लोरर में हिंदी वर्तनी जांच की सुविधा अंतर्निर्मित आने लगी है.इससे पहले, एक थर्ड पार्टी प्लगइन के जरिए इस काम को अंजाम दिया जाता था, जो सभी जगह काम नहीं करता था.इंटरनेट एक्सप्लोरर 11 में हिंदी वर्तनी जांच की सुविधा पाने के लिए, इंटरनेट एक्सप्लोरर के सेटिंग > इंटरनेट विकल्प > मैनेज एड ऑन में जाकर स्पेलिंग करेक्शन पर क्लिक करें और सूची में से हिंदी चुनें. और डाउनलोड तथा इंस्टाल करें पर क्लिक करें. कुछ ही समय में यह सुविधा आपके इंटरनेट एक्सप्लोरर पर मौजूद होगी.आपकी हिंदी की वर्तनी जांच के लिए एक और सुविधा. यह जीमेल, फ़ेसबुक, ट्विटर, ब्लॉग आदि के इनपुट विंडो पर तो काम करता ही है, तकनीकी हिंदी समूह के फ़ॉन्ट कन्वर्टरों के इनपुट विंडो में भी बढ़िया काम करता है – जैसे कि नीचे के चित्र में स्पष्ट है:हालांकि, गलत वर्तनी के लिए सुझाए शब्दों में यह बहुत बार गड़बड़ा जाता है. फिर भी, बड़े पाठों के त्वरित वर्तनी जांच के लिेए यह बेहद काम का है, क्योंकि प…

बर्फीला पानी भरा बाल्टी चुनौती

चित्र
और, ये अजीब सा ब्लॉग-पोस्ट शीर्षक, कोई यूपीएससी के किसी प्रश्न का घटिया हिंदी अनुवाद नहीं है.आजकल दुनिया में एक दूसरे को चुनौती देने की बाढ़ आई हुई है. लोग – खासकर सेलेब्रिटी, नामचीन लोग एक दूसरे को चैलेंज दे रहे हैं. और जहाँ, कुछ अतिनामचीन, ***रत्न टाइप के सचिनिया लोग ऐसी चुनौतियों की परवाह नहीं पाल रहे तो कुछ सोनाची टाइप लोग खुद ही चुनौती लिए ले रहे हैं भले ही यह पता न हो कि ये चुनौती आखिर किस लिए ली और दी जा रही है. चुनौतियों की इसी तर्ज पर, आइस बकेट चैलेंज का देसी वर्जन राइस बकेट चैलेंज भी चालू हो गया है. और, न केवल चुनौतियां स्वीकारी जा रही हैं, उन्हें नायाब, नए-नवेले, सर्वथा मौलिक तरीके से अंजाम देने की कोशिशें भी हो रही हैं.परंतु हम देसी लोगों के लिए, जो डेंगू और मलेरिया की मार से बारहों महीना मरे पड़े रहते हैं , कुछ ऐसे बेहद जरूरी किस्म के चैलेंज होते तो जन-जागरण के लिए ज्यादा अच्छे नहीं होते? ऊपर से, इन्हें तो सैकड़ों हजारों नए, नायाब, मौलिक तरीकों से अंजाम भी दिया जा सकता है -डर्ट बकेट चैलेंज पान की पीक बकेट चैलेंज पॉलीथीन की पन्नियां बकेट चैलेंज नाली की पानी बकेट चैलेंज�…

देश की सुरक्षा में नया खतरा!

चित्र
ये तो भाई एकदम अलग ही, मौलिक विचार है! दूसरे शब्दों में, हम-आप ट्विटरिए फेसबुकिए देशद्रोही! :)

2014 में कैसा है भारतीय ब्लॉगजगत का हाल?

चित्र
बिज़नेसवर्ल्ड और इंडीब्लॉगर ने सम्मिलित रूप से दिसंबर 2013 में एक ब्लॉग-सर्वेक्षण किया और साथ ही कई स्रोतों से आंकड़े जुटाए. इन आंकड़ों को समेट कर एक दिलचस्प स्लाइडशो तैयार किया गया है जिसे आप ऑनलाइन यहाँ देख सकते हैं – http://www.indiblogger.in/state-of-the-indian-blogosphere/2014/बहरहाल, इस सर्वेक्षण की कुछ प्रमुख बातें संदर्भ स्वरूप यहाँ दी जा सकती हैं – 1. ब्लॉगर अपने आप में ब्रांड (होते) हैं 2. इंटरनेट की अधिकांश (सार्थक?) सामग्री के सृजक ब्लॉगर (ही होते) हैं 3. ऑनलाइन सोशल मीडिया के सर्वाधिक पुराने माध्यमों में से एक है – ब्लॉग 4. भारतीय ऑनलाइन जगत में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज करने वाला माध्यम है – ब्लॉग 5. ब्लॉगों में हर किस्म की सार्थक सामग्री होती है 6. तीन-चौथाई ब्लॉगर पुरुष हैं (स्त्रीवादियों, जागो!) 7. 88 प्रतिशत भारतीय अभी भी अंग्रेज़ी में ही ब्लॉग लिखते हैं! हिंदी में केवल 5%. यानी, कठिन हिंदी - कंप्यूटर समेत ब्लॉगरों को भी कठिन लगती है, और जाहिर है, जनता सरल अंग्रेज़ी की ओर भाग जाती है. 8. यात्रा और खान-पान के ब्लॉग सर्वाधिक लिखे-पढ़े जाते हैं. सिनेमा और टेक्नोलॉज…

आवश्यकता आविष्कार की जननी है!

चित्र
रिमोट होल्डर ट्रे. गीकी लोगों के लिए टीप है कि वहां पर ८ चैनल यूनिवर्सल रिमोट भी है. :)

यदि मैं तानाशाह होता तो…

चित्र
मैं तानाशाह होता तो... एक अध्यापक जी “गाय हमारी माता है” पर निबंध लिखवा-लिखवा कर जब निहायत ऊब गए तो एक दिन उन्होंने अपने विद्यार्थियों को एक नया विषय दिया. निबंध का विषय था – “मैं तानाशाह होता तो...” एक विद्यार्थी को पूरे अंक मिले. 100 में 100. किसी ने सूचना का अधिकार लगा कर उसकी उत्तर-पुस्तिका की प्रतिलिपि हासिल कर ली और उसे वाट्सएप्प पर चढ़ा दिया. देखते-देखते यह वायरल हो गया. अपना भी धर्म बनता है कि इसे आगे अपने तमाम संपर्कों को फारवर्ड करें. लिहाजा पेश है वह निबंध – यदि मैं तानाशाह होता... मैं तानाशाह होता तो पुलिस और न्यायालय को एक झटके में पूरी तरह से खत्म कर देता. न्याय तो वैसे भी किसी को मिलता नहीं है, कभी मिलता भी है तो बहुत देर से – न्याय में देरी यानी अन्याय. और, जब न्यायालय ही नहीं रहेंगे तो भला पुलिस का क्या काम! मैं तानाशाह होता तो भ्रष्टाचार और घूसखोरी को कानूनी करार दे देता, और इन पर सेवा कर लगा देता. खूब, जी भर कर भ्रष्टाचार करो, घूसखोरी करो और जम के सर्विस टैक्स दो. जनता का भी भला और सरकार का भी भला. मैं तानाशाह होता तो हर किस्म के अतिक्रमण को मौलिक अधिकार घोषित…

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें