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April, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक शाम कन्याकुमारी के नाम

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कन्याकुमारी में विराट, अनंत समुद्र में से सूर्योदय और सूर्यास्त को देखने का अपना अलग अनुभव है. इन चित्रों से उस माहौल की कल्पना आप भी कर सकते हैं -

सचिन क्रिकेट से सन्यास तो तब भी नहीं लेंगे!

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क्या खयाल है आपका? क्या अब सचिन क्रिकेट से सन्यास ले लेंगे?

क्या आपका गूगल डिस्क (Google Drive) तैयार है?

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मेरा तो नहीं है. तैयार होने का इंतजार कर रहा हूं. वैसे, गूगल के मुफ़्त 5 जीबी के मुकाबले मेरे पास माइक्रोसॉफ़्ट का 25 जीबी डिस्क पहले से तैयार और उपयोग में है. मगर उपयोगिता? बहुत ही कम. शायद भरोसे की समस्या.तो सवाल ये है कि गूगल डिस्क में आखिर नया क्या है जो पब्लिक इसे लेने के लिए लाइन में लगे?गूगल की साइट से उठाया गया नीचे दिया गया माल बांच लें - शायद कुछ जानकारी बढ़े (और अनुवाद के बारे में भी आप अपनी टिप्पणी में कुछ कहें!)Google डिस्क. सब कुछ रखें. कुछ भी साझा करें. हर जगह पहुंचें.Google डिस्क हर जगह है— वेब पर, आपके घर पर, ऑफिस में, और चलते-फिरते. इसलिए आप जहां भी हैं, आपकी चीज़ें बस... वहींहैं. उपयोग के लिए तैयार, शेयर करने के लिए तैयार. 5 GB मुफ्त के साथ आरंभ करें. इसके लिए Google डिस्क उपलब्ध है:PC और Mac iPhone and iPad (coming soon) Android उपकरणअपनी फ़ाइलें
सुरक्षित स्‍थान पर रखें.घटनाएं घटित होती हैं.आपका फ़ोन तैराकी के लिए जाता है. आपका लैपटॉप चिरनिद्रा में लीन होता है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके उपकरणों को क्या हुआ है, आपकी फ़ाइलें Google डिस्क में सुरक्षित रूप से…

अपने ब्लॉग / साइट में लगाएं बहुभाषी गिरगिट कोड

पहले भोमियो और फिर बाद में चिट्ठाजगत.कॉम की प्रॉक्सी सर्वर की सुविधा से कुछ समय पूर्व तक हिंदी (भारतीय भाषा) साइटों को अन्य भारतीय भाषा में एक क्लिक पर बदलने की सुविधा हासिल थी. अब ये दोनों ही सुविधाएं बंद हैं. यूनिमेधा पर यह सुविधा अभी उपलब्ध है. जब तक यह सुविधा उपलब्ध है आप इसका लाभ ले सकते हैं. अपनी साइट पर निम्न कोड कॉपी कर लगाएं. ध्यान दें कि जहाँ जहाँ भी http://www.rachanakar.org लिखा है, वहाँ अपनी साइट के यूआरएल से बदल दें.<p>Read <strong>Rachanakar</strong> in your own INDIC script:</p>
<p><a href="http://uni.medhas.org/transliterate.php5?file=http://www.rachanakar.org&amp;transliterate_to_button=%E0%A6%85" target="_blank"><strong><font color="#9b00d3">Bangla</font></strong></a><strong> | </strong><a href="http://uni.medhas.org/transliterate.php5?file=http://www.rachanakar.org&amp;transliterate_to_button=%E0%AA%85" target="_blank"><str…

131 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and therees sunil handa draft

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी497वकील और दादी माँवकीलों को दादी माँ से ऐसे प्रश्न करने ही नहीं चाहिए थे जिनके उत्तर वे सुन न सकें। एक छोटे शहर की अदालत में अभियोजन पक्ष के वकील ने अपने पहले गवाह के रूप में एक बुजुर्ग दादी माँ को कटघरे में बुलाया। उनके पास जाकर वकील ने उनसे पूछा - “श्रीमती जोन्स, क्या आप मुझे जानती हैं? “ दादी ने उत्तर दिया - “हां-हां क्यों नहीं मि. विलियम्स! मैं तुम्हें तब से जानती हूं जब तुम जवान थे। और यदि मैं साफ-साफ कहूं तो तुमने मुझे बहुत निराश किया है। तुम झूठे हो, तुमने अपनी पत्नी को धोखा दिया है, तुम लोगों से झूठ बोलकर उन्हें फुसलाते हो और पीठ पीछे उनकी बुराई करते हो। तुम अपने आप को तीसमार खां समझते हो जबकि तुम्हारे पास इतनी भी अक्ल नहीं है कि अपने आप को समझ सको। हां मैं तुम्हें जानती हूं मि. विलियम्स! “ वकील भौचक्का रह गया! जब उसे कुछ समझ में नहीं आया कि क्या करे, उसने बचाव पक्ष के वकील की ओर इशारा करते हुए पूछा - “श्रीमती जोन्स, क्या आप बचाव पक्ष के वकील को जानती हैं? “ दादी ने फिर उत्तर दिया - “क्य…

130 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी493चार्ली चैपलिनएक बार चार्ली चैपलिन ने समाचार पत्र में एक विज्ञापन देखा कि शहर में “चार्ली चैपलिन जैसा दिखो “ प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। चार्ली चैपलिन ने भी उस प्रतियोगिता में भाग लिया, परंतु हार गए। प्रतियोगिता में हारने के बाद वे बोले - “बनावटी वेशधारी व्यक्ति जीत गया और वास्तविक व्यक्ति हार गया। वे मेरी वेशभूषा की नकल तो कर सकते हैं किंतु मेरे दिमाग और सोच की नहीं। मुझे इस प्रतियोगिता को हारने की खुशी जीतने वाले व्यक्ति से ज्यादा है क्योंकि मैं ही वास्तविक चार्ली चैपलिन हूं। “ 494सबसे सटीक उत्तरगणित की टीचर ने 07 वर्ष के अर्नब को गणित पढ़ाते समय पूछा - “यदि मैं तुम्हें एक सेब, एक सेब और एक सेब दूं तो तुम्हारे पास कुल कितने सेब हो जायेंगे? “ कुछ ही सेकेण्ड में अर्नब ने उत्तर दिया - “चार! “ नाराज टीचर को अर्नब से इस सरल से प्रश्न के सही उत्तर (तीन) की आशा थी। वह नाराज होकर सोचने लगी - “शायद उसने ठीक से प्रश्न नहीं सुना। “ यह सोचकर उसने फिर प्रश्न किया - “अर्नब ध्यान से सुनो, यदि मैं तुम्…

आपके मोहल्ले के बीट का पुलिसिया किससे बदतर है?

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--मेरे देश में सियासत शायद थोड़ी सी कम है...

129 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी489अच्छी प्रतिष्ठा को नुक्सान नहींमुल्ला नसरुद्दीन को एक व्यक्ति ने सूचना दी कि एक समाचार पत्र में उसके खिलाफ बुरी बातें छपीं है। तुम उस अखबार के खिलाफ क्या कार्रवाई करोगे?मुल्ला ने उत्तर दिया - "कोई कार्रवाई नहीं करूंगा। जितने लोगों के यहां यह अखबार आता है, उनमें से आधे लोगों ने यह खबर पढ़ी नहीं होगी। जिन्होंने यह खबर पढ़ी होगी, उनमें से आधे लोगों को समझ में नहीं आयी होगी। जितने लोगों को यह खबर समझ में आयी होगी, उनमें से आधे लोगों ने इसपर कोई विश्वास नहीं किया होगा। और जिन लोगों ने इस खबर पर विश्वास किया होगा, उनमें से आधे लोगों से मुझे कोई लेना-देना नहीं है।ऐसे प्रश्नों का यही सबसे बेहतर उत्तर है। भले ही कोई व्यक्ति तुम्हारे बारे में जानबूझकर दुष्प्रचार करे, तुम्हारे सच्चे मित्र और सगे-संबंधी उस बात पर यकीन नहीं करेंगे और जो यकीन करेंगे, उनसे तुम्हें कोई लेना-देना नहीं होता।490पूर्वग्रहमेरे एक साथी ने मुझसे कहा कि उसने विधानसभा में यह वाक्य सुना है -"वह धोखेबाज है। उसने अपना वोट हमारे व…

128 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी486गुरूजी के उत्तरगुरूजी के उत्तरों को प्रायः एक फार्मूले की तरह दुहराना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण होता है जितना कि अपनेआप में वह उत्तर। यह कहानी एक ऐसे गुरूजी से संबंधित है जिन्होंने जीवनपर्यंत मौन व्रत धारण किया हुआ था। चूंकि गुरूजी हमेशा मौन रहा करते थे, इसीलिए शिष्यों को अपनी भाषायी और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए गुरूजी के संभावित उत्तर का स्वयं अनुमान लगाना पड़ता था। इसका परिणाम यह हुआ कि उनका प्रत्येक शिष्य उनकी ही तरह बुद्धिमान हो गया और अपने गुरूजी के स्थान पर उपदेश देने में सक्षम हो गया। गुरू सिर्फ एक मार्गदर्शक की तरह होता है जो सही राह दिखाता है। यह शिष्य पर निर्भर करता है कि वह अपने गुरू के बताये रास्ते पर चले या नहीं। 487अंधी चाल चलनाभयंकर हवा और बारिश के दौरान कसी हुयी रस्सी पर नियाग्रा प्रपात को पार करने के खतरनाक स्टंट के बाद महान जुम्ब्राती को एक अत्यंत उत्साही समर्थक मिला। उस समर्थक ने जुम्ब्राती को अपनी वापिसी की यात्रा उसी रस्सी पर एक पहिए चलाते हुए पूरा करने के लिए कहा…

127 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी484फिलिस्तीन के दो समुद्रफिलिस्तीन में दो समुद्र हैं। दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। एक को गैलीलि सागर कहते हैं जिसका पानी इतना स्वच्छ, निर्मल और पेय है। इस सागर में मछलियां रहती हैं और लोग तैरते हैं। इसके चारों ओर हरे-भरे वृक्ष और मैदान हैं। कई लोगों ने इसके चारों ओर अपने घर बना लिये हैं। यीशू मसीह ने भी इस सागर को कई बार पार किया है। दूसरे समुद्र का नाम मृत सागर है और यह बिल्कुल अपने नाम के अनुरूप है। इसका सब कुछ मृत है। इसका पानी इतना खारा है कि कोई भी पीकर बीमार पड़ जाये। इसमें एक भी मछली नहीं है। इसके किनारों पर कोई वनस्पति नहीं उगती। कोई भी व्यक्ति इसकी दुर्गंध के कारण इसके आसपास नहीं रहना चाहता। इन सागरों के बारे में रोचक तथ्य यह है कि एक ही नदी इन दोनों को जोड़ती है। तो इसमें खास बात क्या है? सिर्फ यह कि एक प्राप्त करके देता भी है और दूसरा प्राप्त करके अपने पास रख लेता है। जॉर्डन नदी गैलीलि सागर के शीर्ष से प्रवाहित होती है और निचली ओर से बाहर निकलती है। इसके बाद जॉर्डन नदी मृत सागर मे…

धन्यवाद एनिमीग्राफ : फ़ेसबुक जैसे सोशल मीडिया अंततः एंटी-सोशल हो ही गए.

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अभी तक हम गर्व से अपने 5000 (भई, सीमा ही इतनी है, क्या करें!) फ़ेसबुक मित्रों की सूची सबको बताते फिरते थे. फ़ेसबुक दुश्मन (आप इनमें से चाहे जो भी कह लें - शत्रु, दुश्मन, वैरी, विरोधी, बैरी, मुद्दई, रिपु, अरि, प्रतिद्वंद्वी, प्रतिद्वन्द्वी, मुखालिफ, मुख़ालिफ़, रकीब, रक़ीब, अनुशयी, अराति, सतर, अयास्य, अमित्र, अमीत, वृजन, अरिंद, अरिन्द, अरुंतुद, अरुन्तुद, तपु) की बात तो कोई करता ही नहीं था.फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट तो एकदम आइडियल दुनिया लगती थी. यहाँ बस मित्र और मित्र ही बसते थे. दुश्मनों का तो कोई ठौर ठिकाना ही नहीं था जैसे. परंतु ऐसा कहीं होता है? जहाँ आपके दस मित्र होते हैं तो बीस-चालीस दुश्मन भी होते हैं. सीधे शब्दों में कहें तो फेसबुक अब तक आपके प्रोफ़ाइल का आधा सच ही बताता फिरता था. बाकी का आधा सच वो गोल कर जाता था. आपके दुश्मनों के बारे में कहीं कोई जगह ही नहीं थी इसमें. और, बकौल पॉल न्यूमैन - फेसबुक में तो आपका (या किसी का भी,) कोई कैरेक्टर ही नहीं था क्योंकि, वहाँ किसी का कोई दुश्मन ही नहीं था.परंतु धन्यवाद फेसबुक एप्प - एनिमीग्राफ. अब हम सार्वजनिक रूप से अपने दुश्मनों को…

126 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी483जीसस का वकील के साथ संवाद - एक सच्चा धार्मिकज्यादातर समय क्राइस्ट ने जीसस को अपने आप से अलग रखा क्योंकि वे अपने मुखबिर की बातों पर भरोसा कर सकते थे। वे जानते थे कि उनका गुप्तचर भरोसे के काबिल है क्योंकि समय - समय पर वे अन्य लोगों से भी जीसस की बातों और गतिविधियों के बारे में जानकारी लेते रहते थे और इस तरह अपने गुप्तचर के संदेश की पड़ताल करते थे। उन्होंने अपने गुप्तचर के संदेशों को प्रायः सटीक पाया। लेकिन जब क्राइस्ट ने सुना कि जीसस अपने नगर में उपदेश देने जा रहे हैं और यह कि वे कभी-कभी सभा में सबसे पीछे की ओर बैठ चुपके से अपने बारे में बातें सुनते थे। एक अवसर पर जब उन्होंने ऐसा किया तो यह देखा कि एक वकील जीसस से प्रश्न कर रहा है। कानून के जानकार व्यक्ति ने अपने सारे दांवपेंच जीसस के सामने प्रयोग किए परंतु जीसस उनमें से ज्यादातर के उत्तर देने में सक्षम थे, यद्यपि क्राइस्ट के अनुसार उनमें से कुछ तरीके सर्वथा अनुचित थे। बहस के दौरान प्रायः कहानियां सुनाने से अतिरिक्त कानूनी तत्व शामिल होते हैं। ल…

125 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी481सुखी वैवाहिक जीवन का रहस्यएक दंपति का वैवाहिक जीवन 60 वर्ष से अधिक हो चुका था। उन्होंने एक - दूसरे से कभी कोई बात नहीं छुपायी। वे सभी मसलों पर आपस में बात किया करते थे। उनके बीच में कभी कोई रहस्य नहीं था, सिवाय एक जूते के डिब्बे के, जो उस वृद्ध महिला की अल्मारी में ऊपर की ओर रखा रहता था। महिला ने अपने पति को यह कह रखा था कि वह कभी भी उस डिब्बे को खोलकर न देखे। पति ने भी इतने वर्ष उस डिब्बे की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। एक दिन वह बुजुर्ग महिला बहुत बीमार पड़ गयी। डॉक्टरों ने बताया कि उसके बचने की उम्मीद बहुत कम है। एक - दूसरे के मध्य सभी शेष विषयों की जानकारी लेने के उद्देश्य से पति उस जूते के डिब्बे बिस्तर पर पड़ी महिला के पास लेकर पहुंचा। महिला ने भी माना कि जूते के डिब्बे के रहस्य से पर्दा उठाने का यही सही वक्त है। जब पति ने उस डिब्बे को खोला तो उसमें कढ़ाईकारी की हुयीं दो गुड़ियां और $ 95000/- मिले। पति ने इसके बारे में जानना चाहा। महिला ने उत्तर दिया - "जब हमारी शादी हुयी थी तो मेरी दादी…

124 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी479साबुन के डिब्बेएक महिला ने एक दुकान से नहाने के साबुन खरीदे। जब उसने उनमें से एक साबुन के डिब्बे को खोला तो पाया कि उसके अंदर साबुन है ही नहीं। वह खाली डिब्बा था। उस महिला ने उत्पादक कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज़ करायी और मुआवजा हासिल किया। इस प्रकरण के बाद कंपनी के समक्ष यह पता लगाने की चुनौती थी कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? वे यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटना दोबारा न हो? उस महिला को मुआवज़ा देने के अलावा उनकी काफी बदनामी भी हुयी थी। विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद यह पता चला कि साबुन की पैकिंग के दौरान एक या दो डिब्बे साबुन पैक हुए बिना खाली छूट जाते थे। पैक होने के बाद भरे डिब्बे और खाली डिब्बे में पता लगाना बहुत कठिन काम था। एक-एक डिब्बे की जांच करना बहुत दुष्कर कार्य था। अतः तकनीकी विभाग के प्रमुख को इस समस्या का हल ढ़ूढ़ने के लिए कहा गया। उन्होंने एक विस्तृत रिपोर्ट बनायी और एक कंप्यूटर आधारित प्रणाली स्थापित करने का सुझाव दिया जिसमें एक-एक साबुन का वज़न और स्कैन होने की व्यवस्था थी। इस प्रणाली की स…

हिंदी तेरे कितने जाल पते?

अभी कुछ दिन पहले थोड़ी खोजबीन कर रहा था तो कुछ हिंदी शब्द युक्त कुछ दिलचस्प जाल-पते हाथ लगे. इनमें से अधिकांश ब्लॉग या संबंधित प्लेटफ़ॉर्म से हैं और हो सकता है कि इनमें से कई 404 त्रुटि भी दिखाएं या फिर कई अन्य साइट को रीडायरेक्ट करें. फिर भी, सूची आपके लिए प्रस्तुत है -hindi-blog-list.blogspot.com
hindi-blog-podcast.blogspot.com
hindi-blog-podcast.tumblr.com
hindi-khabar.hindyugm.com
hindi-lyrics.blogspot.com
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123 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी477हीरे की खरीदएक धनी डच व्यापारी हीरों के अपने संग्रह को और अधिक समृद्ध करने के लिए एक विशेष प्रकार का हीरा खरीदना चाहता था। न्यूयॉर्क के एक प्रसिद्ध डीलर ने ऐसे हीरे को देखने और खरीदने के लिए उसे आमंत्रित किया। वह व्यापारी तत्काल न्यूयॉर्क रवाना हो गया। उस विक्रेता ने अपने सबसे अनुभवी और विशेषज्ञ सेल्समैन को हीरा बेचने के काम पर लगाया। सेल्समैने द्वारा हीरे की गुणवत्ता और खूबसूरती के संबंध में समस्त जानकारी प्राप्त होने के बाद भी व्यापारी ने हीरा न खरीदने का निर्णय लिया। इसके पहले कि वह दुकान से बाहर जाता, दुकान के मालिक ने उससे कहा - "अगर आपके पास समय हो तो मैं उन हीरों को फिर से दिखाता हूं।" ग्राहक तैयार हो गया। दुकान के मालिक ने सेल्समैन द्वारा कही गयी किसी भी बात को नहीं दुहराया। उसने हीरे को हाथ में लेकर देखा और सिर्फ इसकी खूबसूरती और विलक्षणता के बारे में बताया कि किस तरह यह अन्य हीरों से अलग है। ग्राहक ने तत्काल वह हीरा खरीद लिया। हीरे को अपनी शर्ट की जेब में रखते हुए वह दुक…

फाइटर टोड्स भी बन गए ब्लॉगर!

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पुरानी कहावत थी - जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि. अब मामला बदल गया है, या इसमें थोड़ा सा सुधार हो गया है. कवि का स्थान ब्लॉगर ने ले लिया है. ब्लॉगर अब हर जगह पाया जाता है. यहाँ तक कि कॉमिक्स में भी!राज कॉमिक्स ने कुछ समय पहले एक नया कॉमिक्स - ब्लागर फाइटर टोड्स  छापा जिसका केंद्रीय पात्र एक ब्लॉगर है जो अपनी ब्लॉग पोस्टों के जरिए इंटरनेट में फिशिंग जाल फैलाकर लोगों को लूटता है. परंतु इस ब्लॉगर से जरा सी गलती हो जाती है. वो फाइटर टोड्स से भी अनजाने में पंगा ले लेता है. नतीजे में उसे मिलती है फाइटर टोड्स की मार और जेल की हवा.फाइटर टोड्स इस कॉमिक्स में भी अपने विशिष्ट शैली के मजाहिया संवादों तथा बेवकूफी भरी हरकतों से पाठकों का मनोरंजन करने में सफल रहे हैं. फाइटर टोड्स के दीवानों को यह अंक भी पसंद आएगा.इस कॉमिक्स को ई-कॉमिक के रूप में आप राज कॉमिक्स से खरीद सकते हैं कीमत है मात्र 12 रुपए.और यदि इसका प्रिंट संस्करण चाहिए तो वह भी मात्र 17 रुपए में उपलब्ध है.ब्लॉगर फाइटर टोड्स कॉमिक्स को ऑनलाइन खरीदने के लिए यहाँ जाएँ -http://www.rajcomics.com/index.php?page=shop.product_details&flyp…

क्या आप सोशल मीडिया यानी ब्लॉग, ट्विटर, फ़ेसबुक में मनमर्जी कुछ भी लिख देते हैं?

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तो जरा सावधान हो जाइए.लन्दन की एक अदालत द्वारा ललित मोदी के खिलाफ दिया गया फैसला सोशल मीडिया के अतिरेकियों के लिए कड़ी चेतावनी है। आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने वर्ष 2010 में टि्वटर पर न्यूजीलैंड के क्रिकेटर क्रिस केयन्र्स पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था। तेज गेंदबाज केयन्र्स ने ललित मोदी पर लन्दन में मानहानि का मुकदमा दर्ज कर दिया, जिसका निर्णय 27 मार्च 2012 को आया है। लन्दन के उच्च न्यायालय ने क्रिस केयन्र्स की दलील को स्वीकार करते हुए ललित मोदी को चार लाख नब्बे हजार पौंड का मुआवजा अदा करने का आदेश दिया।वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ व प्राचार्य प्रोफेसर हरबंश दीक्षित का लिखा पूरा आलेख पत्रिका में यहाँhttp://www.patrika.com/article.aspx?id=33266 पढ़ें

122 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी475सर्वोत्तम गाउनराजकुमारी अलीना को सुंदर वस्त्र पहनने का बहुत शौक था। उसके पास बहुत सारी सुंदर गाउन थीं। कुछ गाउन सिल्क की बना हुयीं थी और कुछ सैटिन की। ज्यादातर गाउनों में फीते, मनके और झालरें लगी हुयी थीं। उसके पास लगभग सभी रंगों की गाउन थीं। प्रत्येक गाउन विशेष रूप से उसके नाप की बनायी गयी थी। परिधान सिलने के लिए उसके पास दरजिनों की अपनी अलग टीम थी। एक दिन राजकुमारी ने अपनी मुख्य सेविका से यूं ही कहा - "मेरी ज्यादातर गाउन दाहिने हाथ की कलाई पर गंदी हो गयी हैं। केवल कुछ गाउन ही गंदी नहीं हुयीं हैं। ऐसा कैसे संभव है?" मुख्य सेविका ने बिना दाग वाली सभी गाउन को अलग किया। उसने सभी दरजिनों को बुलाकर इसके बारे में पूछा। उसे ज्ञात हुआ कि ये सभी गाउन एक ही दरजिन द्वारा सिली गयीं हैं। उसने तत्काल उस दरजिन को बुलाया। अपने बुलावे से अचंभित वह दरजिन भागी-भागी आयी। मुख्य सेविका ने उससे कहा - "राजकुमारी जी का कहना है कि तुम्हारे द्वारा सिली गयी गाउनों की दाहिनी कलाई भोजन करते समय गंदी नहीं ह…

121 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी472मन में इच्छा रखना वैसा ही है जैसे मरे हुए चूहे को पकड़नाएक चील अपनी चोंच में मरे हुए चूहे को पकड़कर उड़ गयी। जैसे ही अन्य चीलों ने उस चील को चूहा ले जाते हुए देखा, वे उसके आसपास मडराने लगीं और उस पर हमला शुरू कर दिया। चीलों ने उसे चोंच मारना शुरू कर दिया जिससे वह लहुलुहान हो गयी। हालाकि वह इस हमले से अचंभित थी परंतु उसने चूहे को नहीं छोड़ा। लेकिन अन्य चीलों के लगातार हमले के कारण चूहा उसकी पकड़ से छूट गया। जैसे ही वह चूहा उसकी पकड़ से छूटा, उन सभी चीलों ने, जो उसके आसपास मडरा रही थीं, सारा ध्यान उस चूहे पर लगा दिया। वह चील एक पेड़ पर बैठ गयी और सोचने लगी।उसने सोचा - पहले मैंने सोचा कि बाकी सभी चीलें मेरी दुश्मन थीं लेकिन जैसे ही मैंने चूहे को छोड़ा वे सभी मुझसे दूर चली गयीं। इसका मतलब यह है कि उनकी मुझसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। वह चूहा ही उनके हमले का कारण था। गलती मेरी थी कि मैं चूहे को अपनी चोंच में दबाये रही। मुझे उस चूहे को पहले ही छोड़ देना चाहिए था लेकिन मैं बेवकूफ यह सोच रही थी कि वे सभी …

आजकल के छात्रों के तो सिर्फ फ़ेसबुक पन्ने ही अच्छे रहते हैं...

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120 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी471 जमनालाल बजाज पर लिखित पुस्तक से कुछ अंशजमनालाल बजाज ने व्यापार में ईमानदारी को हमेशा सर्वोपरि मूल्य माना। शुरूआत में ही उन्होंने ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर आधारित आचरण नियम बनाए और हमेशा कड़ाई से उनका पालन किया। एक बार उन्हें पता चला कि उनका एक अभिकर्ता रुई का वजन बढ़ाने के लिए उन्हें गीला कर देता था। जमनालाल ने तत्काल उस अभिकर्ता और प्रबंधक को नौकरी से निकाल दिया। कई लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि यह तो सारी दुनिया में चलता है और यदि उन्होंने भी ऐसा नहीं किया तो कंपनी को भारी घाटा होगा। लेकिन जमनालाल अडिग रहे। "घाटा होता है तो होता रहे परंतु हम सत्य और ईमानदारी का दामन नहीं छोड़ेंगे।" उनके प्रबंधकगण शुरूआत में तो उनके फैसले से नाराज़ हुए लेकिन जल्द ही उन्होंने यह पाया कि जैसे ही जमनालाल की ईमानदारी का समाचार चारों ओर फैला, लोग अधिक मूल्य देकर भी उनसे सामान खरीदना चाहते थे। जमनालाल बजाज ने कभी बाजार के दावपेंचों को नहीं अपनाया। उन्होंने वहीं चीजें बेचीं जो वास्तव में उन्होंने …

संता-बंतावाद : सरदार जी पर चुटकुलों पर एक दर्शन

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जैसे पश्चिम में ब्लॉड चुटकुले प्रसिद्ध हैं, ठीक उसी तरह भारतीयों में संता-बंता के चुटकुले प्रसिद्ध हैं. चुटकुले संता-बंता से शुरू होते हैं तो खत्म भी वहीं होते हैं. सरदारजी पर और या संता-बंता पर किसी ने चुटकुला सुनाना शुरू किया नहीं और इधर ठहाके लगे नहीं. आप कोई चुटकुला सुनाने की शुरूआत करते हैं एक बार एक सरदार जी.. या फिर एक बार संता... और आप देखेंगे कि आपके श्रोताओं का पूरा ध्यान आप की ओर लग गया है. उनके फनी बोन में गुदगुदी की शुरूआत हो गई है. और अगर आपका पंचलाइन खराब निकला, चुटकुले सुनाने की शैली भी धारदार नहीं है, तब भी संता-बंता और सरदार जी के चुटकुलों से यह सुनिश्चित हो जाता है कि श्रोता-पाठक ठहाके तो लगाएंगे ही. भारत के सबसे बड़े कॉलम लेखक खुशवंत सिंह, जो स्वयं सरदार जी हैं, अपने लेखों के अंत में जे पी सिंह काका जैसे लोगों द्वारा भेजे संता-बंता और सरदारजी के चुटकुले शामिल करते रहे हैं और उनके स्थापित होने और लोकप्रिय होने में इन चुटकुलों का बड़ा हाथ रहा है. उन्होंने इन चुटकुलों के कई संग्रह प्रकाशित करवाए जो बेस्ट सेलर रहे हैं, और बकौल खुशवंत सिंह, भारत में चुटकुले गर्म पकौड़ो…

कुछ रचनाकारों व चिट्ठाकारों को जबरन छुट्टी पर नहीं भेज देना चाहिए?

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सेना के मुखिया को जबरन छुट्टी पर भेजने की बात की जा रही है. पर आप यदि अपने इधर आजू बाजू देखेंगे तो पाएंगे कि जनता में से बहुतों को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने की जरूरत है. आइए, कुछ पड़ताल करें. · सबसे पहले तो अपने भीतर झांकें. हममें से बहुत से चिट्ठाकारों और रचनाकारों को स्वयं-जबरन-छुट्टी (सेल्फ-फोर्स्ड-लीव) पर नहीं चले जाना चाहिए? इंटरनेट पर कचरा शायद कुछ कम फैलेगा. तो देर किस बात की! · देश के नेताओं को जबरन छुट्टी नहीं भेज देना चाहिए? कुर्सी के लालच में जोड़तोड़ और भ्रष्टाचार के किस्से शायद कुछ कम सुनाई दें! · देश की तमाम पुलिस फोर्स को जबरन छुट्टी पर नहीं भेज देना चाहिए? प्रतिफल में भ्रष्टाचार में भारत की रैंकिंग शायद थोड़ी सी सुधर जाए. · देश के अफसरों को जबरन छुट्टी पर नहीं भेज देना चाहिए? नतीजतन फ़ाइलों के लालफ़ीते खुलेंगे और उनमें लगी धूल शायद कुछ झड़ जाए. · देश की माताओं बहनों को भी घरू कार्य से जबरन छुट्टी पर भेजे जाने की जरूरत है. हमारे जैसे पुरुषों की अक्ल तो उनकी “मायके जाने की धमकी” से ही ठिकाने लग जाती है. · और अंत में, दुनिया भर के पंडितों, मौलवियों, पादरियों, धर्म-गुरुओं …

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