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भगवान के लिए, आज अर्थ अवर न मनाएं, बिजली बन्द नहीं करें!

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आखिर क्यों?विवरण यहाँ देखें -सावधान! ऊर्जा बचत के लिए ‘अर्थ आवर’ बन सकता है ‘डिज़ॉस्टर आवर’
(चित्र - साभार : जागरण)

118 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी467दर्द -हाँ, पीड़ा - वैकल्पिकइसमें कोई संदेह नहीं कि किसी भी तरह की चोट या क्षति, चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक, दर्द का कारण बनती है। दर्द होना तय है परंतु उसकी पीड़ा वैकल्पिक है - चाहे महसूस करो या नहीं। एक सर्जन का साक्षात्कार आ रहा था जिसने एक संत के नितंब का ऑपरेशन किया था। सर्जन ने बताया कि सर्जरी के बाद जब संत ने दर्द की कोई शिकायत नहीं की तो उन्हें यह कहना पड़ा - "स्वामी जी, यदि आप अपने दर्द के बारे में नहीं बतायेंगे तो मुझे कैसे पता चलेगा कि घाव ठीक हो रहा है या नहीं? आपके कथन से तो मुझे कुछ स्पष्ट ही नहीं हो रहा है।" संत ने उत्तर दिया - "इसमें कोई संदेह नहीं कि शरीर को दर्द महसूस हो रहा है परंतु मुझे इसकी पीड़ा नहीं है।" 468गंगा में स्नान करने से सभी पाप धुल जायेंगे?एक व्यक्ति ने स्वामी रामकृष्ण से कहा - "मैं गंगा में स्नान करने जा रहा हूं। क्या आप मानते हैं कि पवित्र गंगा में स्नान करने से सभी पाप धुल जायेंगे?" स्वामी रामकृष्ण बहुत साधारण व्यक्ति थे। वे बो…

संगीत के दीवानों के लिए जरूरी डाउनलोड

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आप गीत-संगीत के दीवाने हैं. ठीक है. परंतु क्या आप उच्च-गुणवत्ता के, हाई-डेफ़िनिशन संगीत के दीवाने हैं? यदि हाँ तो ये डाउनलोड आपके लिए ही है.संगीत को लेकर गंभीर बहस छिड़ सकती है कि वो स्टीरियो मोड में परिपूर्ण है या फिर अब नए 5.1 या 7.1 फ़ॉर्मेट में ज्यादा बेहतर है. परंतु यदि आप बहस से ऊपर उठकर 5.1 या सराउंड मोड में कुछ बेहतर संगीत का आनंद लेना चाहते हैं तो आपके पास न्यूनतम 5.1 डॉल्बी सराउंड सिस्टम मैच करते स्पीकर सेट के साथ होना आवश्यक है. और यदि ये ब्रांड बोस/मरांज/डेनन/यामाहा हो तो क्या कहने. ओन्क्यो भी चलेगा. वैसे, आजकल बहुत से पर्सनल कंप्यूटरों व लैपटॉप में 5.1 सराउंड सिस्टम की भी सुविधा होती है और आपके हाई-फ़ाई / होमथिएटर से जोड़ने के लिए ऑप्टिकल/डिजिटल कोएक्सिएल आउट पोर्ट भी उपलब्ध रहता है.  आपको अपने कंप्यूटर के एसपीडीएफ डिजिटल आउट को होमथिएटर से कोएक्सिएल केबल के जरिए जोड़ना होगा , और कंप्यूटर के साउंड सेटिंग में साउंड आउटपुट स्पीकर के बजाए डिजिटल एसपीडीएफ आउट पर सेट करना होगा.ये डाउनलोड फ्लैक (FLAC) फ़ाइल फ़ॉर्मेट में हैं जो ध्वनि की पूरी गुणवत्ता को बनाए रखते हैं. इन फ्लैक फ…

117 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी247स्वर्ग से ऊपरएक संत हर दूसरे चौथे दिन अपने मठ से कुछ घंटों के लिए बिना बताए कहीं चले जाते थे. संत के भक्तों व शिष्यों ने सोचा कि गुरु अवश्य ही किसी स्वर्गिक गुप्त स्थल पर जाते हैं जहाँ शायद वे ईश्वर से गुप्त रूप से मिलते हों. इस बात का पता लगाने के लिए उन्होंने एक भक्त को जासूसी करने भेजा. अगली दफा जब गुरु चुप चाप बिना बताए कहीं निकले तो उन पर नजर रखने वाला भक्त भी चुपचाप पीछे हो लिया. भक्त ने देखा कि संत एक गरीब, बेसहारा बूढ़ी औरत की कुटिया में गए, वहाँ साफ सफाई की, खाने पीने की चीजों का इंतजाम किया और उनकी सेवा करने लगे. भक्त यह देख वापस आ गया. साथियों ने पूछा कि कुछ पता चला कि संत कहाँ जाते हैं? “संत तो स्वर्ग से भी ऊपर की जगह पर जाते हैं” जासूस का जवाब था. -- 248अभी भी जेल मेंनाजी कंसनट्रेशन कैंप में रह चुका एक व्यक्ति अपने मित्र से मिलने पहुँचा. मित्र भी कैंप में साथ था और अत्याचारों का गवाह था. बात बात में बात निकली तो मित्र ने पूछा – “क्या तुम नाजी अत्याचारों को भूल गए हो? और…

क्या आप सट्टे का कोई श्योर शॉट नंबर लगाकर नावाँ कमाना चाहते हैं? शीघ्र संपर्क करें!

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कल सुबह सुबह मेरे मोबाइल पर एक फ़ोन कॉल आया.वैसे तो मैं अपने मोबाइल फ़ोन के नंबर के प्रति बेहद सचेत रहता हूँ, और इस कोशिश में रहता हूँ कि ऐन-केन-प्रकारेण मेरा नंबर किसी को मिले नहीं. क्योंकि आज के जमाने में मोबाइल तो उस जिन्न की तरह है जो जब तब, बिना आगा पीछा सोचे प्रकट हो जाता है और बजने लगता है और कहता है - मेरे आका! बात करो. और कभी कभी तो 500 - 1000 की गेदरिंग में जहाँ पिनड्रॉप सन्नाटा होता है, किसी न किसी का मोबाइल बज ही जाता है. भले ही इसके लिए पहले से ताकीद की हुई हो कि भइए, मोबाइल बंद कर लो या साइलेंट में कर लो. पर शायद लोगों को या तो मोबाइल बंद करना नहीं आता या साइलेंट मोड में डालना नहीं आता.बहरहाल, मैं बता रहा था कि मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया था.उस बंदे ने पहले पुष्टि की कि मेरा नाम रवि है. इसका अर्थ यह हुआ कि वह कोई रेंडम नंबर डायल नहीं कर रहा था. उसे किसी विश्वस्त सूत्र से यह नंबर मिला होगा.मेरे हाँ कहने पर  अपना नाम बताया और बोला - "यदि आप आज शाम खुलने वाले सट्टे पर नंबर लगाकर रुपया कमाना चाहते हैं तो मैं वह श्योर शॉट नंबर आपको बता सकता हूँ."मेरा माथा ठनका. यह तो …

116 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी243गरीब स्त्री का दानयीशु मसीह देवालय में बैठे थे. वहां दान पात्र में भक्तगण अपने सामर्थ्यानुसार सिक्के डाल रहे थे. अमीर अपने बटुए खोलते और खनखनाते सोने की अशर्फियों में से कुछ निकालते और गर्व से कुछ इस तरह पात्र में डालते कि लोगों को एकाध झलक तो मिल ही जाए. इतने में एक गरीब स्त्री वहाँ आई. उसने अपनी मुट्ठी में तांबे का एक सिक्का दबा रखा था. वह बड़ी देर से हिम्मत जुटा रही थी कि अशर्फियों के दान के बीच वह अपना तांबे का सिक्का डाले तो कैसे. अंततः उसने थोड़ी हिम्मत दिखाई और जब दानपात्र के पास कोई नहीं था तो उसने चुपके से वह पैसा दानपात्र में डाल दिया. यीशु बड़ी और उनके अनुयायी दूर से उस स्त्री को देख रहे थे, जबकि उस स्त्री को इसका भान नहीं था. यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा – ईश्वर इस स्त्री के एक सिक्के से ज्यादा प्रसन्न होगा बजाए उन धनिकों की अशर्फियों से. --- 244अच्छे शासन के मूलभूत तत्वकन्फ़्यूशियस से उसके एक शिष्य ने एक बार पूछा – “अच्छे शासन के मूलभूत तत्व क्या हैं?” कन्फ़्यूशियस ने उत्त…

115 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी238कीमती रत्नों से भी कीमतीभारत के अंतिम वायसराय अर्ल माउन्टबेटन के भतीजे राजकुमार फिलिप का विवाह राजकुमारी एलिजाबेथ से तय हो गया तो यह समाचार सुनकर महात्मा गांधी ने वायसराय को बधाई देते हुए कहा – बड़ी प्रसन्नता की बात है कि आपका भतीजा भविष्य की रानी से शादी कर रहा है. इस शुभ अवसर पर मैं उन्हें कोई उपहार देना चाहता हूँ. सोच रहा हूँ कि क्या दूं. मेरे पास तो कोई मूल्यवान वस्तु नहीं है. इस पर वायसराय ने कहा – “आपके पास चरखा है. आप इनके लिए कुछ बुन सकते हैं.” और गांधी जी ने एक बढ़िया टेबल-क्लॉथ बुनकर तैयार किया. जिसे माउन्टबेटन ने राजकुमारी एलिजाबेथ को इस टिप्पणी के साथ भिजवाया – “इस उपहार को कीमती रत्नों के साथ तालबंद कर रखना... यह भी उतना ही कीमती है. इसे उस व्यक्ति ने खुद अपने हाथों से बुनकर तैयार किया है जो भारत के अहिंसात्मक स्वतंत्रता आंदोलन के अगुआ हैं...” --- 239नम्रताबुद्ध ने सत्य की तलाश में लगे एक व्यक्ति से कहा – “यदि तुम सचमुच सत्य की तलाश में लगे हो तो एक चीज का पता तुम्हें होना चाह…

ओह, तो सरकारी स्कूल के बच्चे नक्सली ऐसे बनते हैं!

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सरकारी स्कूल के बच्चों के नक्सली बनने के सैकड़ों कारणों में से यह है एक कारण. एक दो कारण तो आपको भी पता होंगे. नहीं?(समाचार कतरन - साभार दैनिक भास्कर)

114 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी465ईश्वर के लिए कोई स्थान नहींएक सज्जन और सम्मानित वृद्ध ने एक दिन यह निश्चय किया कि वह अपने घर के नजदीक स्थित चर्च की सदस्यता ग्रहण करेगा। उसने उस पुराने तौरतरीकों वाले चर्च के पादरी को बुलाया एवं अपनी इच्छा व्यक्त की। पादरी ने अलगाव दिखाते हुए कहा - "मेरे प्रिय सज्जन, मुझे नहीं लगता कि आप चर्च की सदस्यता ग्रहण करके खुश होंगे, यद्यपि मैं आपके नेक इरादों की सराहना करता हूं। बल्कि आपको चर्च में मेरे लोगों के बीच आकर अच्छा नहीं लगेगा। मुझे भय है कि वहां आकर आपको शर्मिंदगी महसूस होगी और शायद वे लोग भी असहज हो जायेंगे। मैं आपको यह सलाह दूंगा कि आप अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। ईश्वर आपको सही राह दिखाये।" एक सप्ताह बाद उस वृद्ध सज्जन की पादरी से राह चलते फिर मुलाकात हो गयी। उन्होंने पादरी को रोकते हुए कहा - "आदरणीय महोदय, मैंने आपकी सलाह मानते हुए अपने फैसले पर विचार किया। अंततः ईश्वर ने मुझे एक संदेश भेजा। ईश्वर ने मुझसे कहा कि मैं चर्च की सदस्यता ग्रहण करने के चक्कर में न पड़ूं। फिर…

113 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी463लाला लाजपत रायआज ही मैंने लाला लाजपतराय द्वारा लिखित आर्यसमाज का इतिहास नामक पुस्तक पढ़कर समाप्त की है। पिछले रविवार मैं अध्यापिका के पद पर नियुक्ति हेतु एक महिला का साक्षात्कार ले रहा था। मैंने उससे पूछा कि वह किस स्कूल में पढ़ी है। उसने उत्तर दिया कि उसने लाला लाजपतराय कॉलेज से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की है। उस समय मैं यह पुस्तक पढ़ रहा था, इसलिए मैंने उससे पूछा - "क्या आप लाला लाजपतराय को जानती हैं? मुझे लाला लाजपतराय के बारे में कुछ बताओ?" वह कोई उत्तर नहीं दे सकी। उसे कुछ पता ही नहीं था। 464मेरे हाथ .....एवं मेरा ईश्वर एक गरीब महिला को उसके पति ने बेसहारा छोड़ दिया। जब यह मामला अदालत में पहुंचा तो न्यायाधीश ने उनसे पूछा - "क्या आपके जीवन का कोई सहारा है?" महिला ने उत्तर दिया - "जी हां हुजूर, मेरे पास तीन सहारे हैं।" "तीन?" "जी श्रीमान" "वो क्या हैं?" - आश्चर्य से भरे न्यायाधीश ने पूछा। "मेरे हाथ, मेरा अच्छा स्वास्थ्य …

112 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there -

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी461सही नापएक मजिस्ट्रेट ने दर्जी से उनकी नाप का सूट सिलने को कहा। दर्जी ने निवेदन किया - "महोदय, पहले तो आप मुझे यह बतायें कि आप किसी स्तर के अधिकारी हैं? आप हाल ही में अधिकारी बने हैं, या आप नए पद पर नियुक्त हुए हैं या काफी समय से अधिकारी हैं?" असमंजस में पड़े मजिस्ट्रेट ने दर्जी से पूछा - "इस बात का सूट की सिलाई से क्या लेना-देना है?" दर्जी ने उत्तर दिया - "सूट की सिलाई का इससे सीधा संबंध है। यदि आप नए - नए अधिकारी बने हैं तो आपको ज्यादातर समय कोर्ट में खड़ा रहना पड़ेगा। इस स्थिति में आपके सूट का अगला और पिछला भाग एक समान रखना होगा। यदि आप नए पद पर पदोन्नत हुए हैं तो आपके सूट का अगला हिस्सा लंबा एवं पिछला हिस्सा छोटा करना होगा क्योंकि पदोन्नत अधिकारी का सिर गर्व से ऊंचा और सीना फूला होता है। यदि आप काफी लंबे समय से अधिकारी हैं तो आपको प्रायः उच्च अधिकारियों से डाँट - फटकार खाने एवं उनके समक्ष घुटने टेकने की आदत होगी। ऐसी स्थिति में आपके सूट का अगला हिस्सा छोटा और पिछला …

क्या आप नक्सली हैं?

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कल देर रात एक बजे जब मैं सुनहरे सपने देखने में तल्लीन था, अचानक मेरी नींद खुल गई. मुझे लगा कि कोई दरवाजे की घंटी बजाए जा रहा है. शुरू में तो लगा कि शायद यह भी सपने का ही हिस्सा है. मैं सपने के इस हिस्से का आनंद लेने लगा क्योंकि आजकल तो घरों में काम वाली बाई और दूध-अख़बार वाले के अलावा कोई आता जाता नहीं है. किसी के पास न तो समय है न इच्छा. वैसे भी फ़ेसबुक के जमाने में जब दुनिया अपने सोफे में बैठ कर कंप्यूटरों और अपने मोबाइल डिवाइसों के सहारे सोशल हो रही है तो भौतिक रूप से मिलने जुलने में क्या धरा है! पर जब डोरबेल लगातार बजता रहा और साथ ही दरवाजा पीटने की आवाज आने लगी तो लगा कि मामला कुछ गड़बड़ है. सचमुच ही कोई आया है. अहोभाग्य हमारे. चलो कोई तो इस घर में आया, भले ही वह रात के एक बजे आ रहा हो. प्रसन्नता पूर्वक, उत्साह से लबरेज दरवाजे पर पहुँचा अतिथि का स्वागत करने. आखिर रात के एक बजे यदि कोई आया है तो वह जाना पहचाना, रिश्तेदार या मित्र ही होगा. या शायद इस रात्रिकालीन आपात समय में शायद किसी को कोई आपात सहायता की जरूरत हो. पर जब मैंने दरवाजा खोला तो दिल धक से हो गया. सामने एक हवलदार खड…

111 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there -

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी459मम्मी, मैं आपसे प्यार करता हूं एक व्यक्ति फूलों की एक दुकान के पास रुका। वह अपनी माँ के लिए फूलों का एक गुलदस्ता भेजना चाहता था जो वहाँ से 200 मील दूर रहती थीं। जैसे ही वह अपनी कार से उतरा, उसने देखा कि एक लड़की वहाँ बैठी सुबक रही थी। उसने लड़की से इसका कारण पूछा। लड़की ने उत्तर दिया - "मैं अपनी माँ के लिए एक गुलाब खरीदना चाहती हूं। लेकिन मेरे पास सिर्फ 75 पैसे हैं जबकि एक गुलाब की कीमत रु. 2/- है।" उस व्यक्ति ने मुस्कराते हुए कहा - "मेरे साथ आओ, मैं तुम्हें गुलाब दिला देता हूं।" फिर उसने उस लड़की के लिए गुलाब तथा अपनी माँ के लिए फूलों का गुलदस्ता खरीदा। दुकान से बाहर आते समय उस व्यक्ति ने लड़की को घर तक छोड़ने का प्रस्ताव दिया। लड़की ने कहा - "ठीक है, आप मुझे मेरी माँ के पास ले चलिए।" वह लड़की उसे एक कब्रिस्तान में ले गयी और अपनी माँ की कब्र पर वह गुलाब रखा। जैसे ही उस व्यक्ति ने यह दृश्य देखा, उसने तुरंत अपनी माँ को डाक द्वारा भेजे लाने वाले पार्सल को रद्द किया एवं वह…

सचिन का महाशतक – कुछ ट्विटरिया थॉट्स

· सचिन का महाशतक तो शायद द्रविड़ के रिटायरमेंट का इंतजार कर रहा था. · सचिन का महाशतक सीनियर-रिटायर्ड खिलाड़ियों द्वारा सचिन के रिटायरमेंट ले लेने की धमकी का इंतजार कर रहा था. · यदि भारत सिर्फ और सिर्फ बांग्लादेश और केन्या के साथ ही क्रिकेट मैच खेलता होता तो अभी सचिन का महाशतक क्या, अभी महाद्विशतक होता या फिर इससे आधे समय में महाशतक हो चुका होता. · इस महाशतक से सचिन अभी और दस वर्ष तक भारतीय क्रिकेट टीम में बने रह सकते हैं भले ही सीनियर और डबल सीनियर खिलाड़ियों द्वारा रिटायरमेंट की धमकी गाहे बगाहे मिलती रहे. · महाशतक ज्यादा महत्वपूर्ण है – जीत नहीं, क्योंकि हार-जीत तो चलते रहता है, और आमतौर पर फिक्स रहता है. · सचिन के महाशतक ने भारत को हराया – थोड़ी खुशी, थोड़ा गम (कभी खुशी कभी गम) · महाशतक के बाद सचिन को भारतीय टीम में और दस साल बने रहना चाहिए – उनके अनुभव का लाभ जूनियर खिलाड़ियों व भारतीय क्रिकेट को मिलना ही चाहिए. · महाशतक के बाद भारतीय टीम का स्थाई खिलाड़ी सचिन को मान लेना चाहिए - उनके अनुपलब्ध रहने पर भी उनके फोटो को टीम के बारहवें खिलाड़ी का दर्जा देना चाहिए.· एक बार यह कहावत फिर …

110 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी457हाथी कितना दूर था? ?एक राजा के दरबार में विद्वानों की सभा चल रही थी। एक विद्वान भागवत पुराण में वर्णित ‘गजेन्‍द्र मोक्ष’ नामक रोचक कथा सुना रहे थे। वे बोले – ‘गजराज की करुण पुकार सुनते ही भगवान नारायण भागते हुए चले आये। जल्‍दी में वे अपना शंख और चक्र लेना भी भूल गए। यहां तक कि उन्‍होंने अपनी संगिनी देवी लक्ष्‍मी को भी सूचित नहीं किया।’ विद्वान की बात सुनते ही राजा ने उनसे प्रश्‍न किया – ‘स्‍वामी जी, कृपया मुझे यह बतलायें कि उस जगह से बैकुण्‍ठ कितनी दूर है जहां से हाथी ने पुकार लगायी थी?’ विद्वान ने उत्‍तर दिया – ‘क्षमा कीजिए, मैं इस प्रश्‍न का उत्‍तर नहीं दे सकता। ऐसे बहुत कम सौभागयशाली हैं जो इस प्रश्‍न का उत्‍तर दे सकते हैं।’ दरबार में मौजूद बाकी सभी विद्वानों ने भी इस प्रश्‍न का उत्‍तर दे पाने में असमर्थता जतायी। अचानक राजा के पीछे खड़ा एक व्‍यक्‍ति धीरे से बोला – ‘महाराज, यदि आप मुझे अनुमति दें तो मैं इस प्रश्‍न का उत्‍तर बता सकता हूं।’ राजा की अनुमति मिलते ही वह बोला - ‘हे महाराज, उस जगह …

109 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी455सत्य का अभ्यासएक संत तपस्या में लीन थे। तपस्या की अवधि के दौरान वे दो सिद्धांतों पर अडिग थे - "सत्यनास्ति परम धर्मः" अर्थात सत्य से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं है और "अहिंसा परमो धर्मः" अर्थात अहिंसा से बढ़कर कोई धर्म नहीं। संत से ईर्ष्या करने वाला एक व्यक्ति उनका व्रत तोड़ना चाहता था। वह हमेशा इस प्रयास में रहता कि किसी तरह संत को झूठ बोलने या हिंसा करने के लिए विवश किया जाए। एक दिन वह संत की कुटिया में शिकारी का वेश धारण करके पहुंचा। वह एक हिरन का पीछा करते हुए वहां पहुंचा था जो कुछ समय पूर्व ही कुटिया में घुसा था। एक भोलेभाले आदमी की तरह उसने संत से पूछा कि क्या उन्होंने किसी हिरन को अंदर आते हुए देखा है? संत असमंजस में पड़ गए। उन्होंने हिरन को अंदर आते देखा था अतः वे झूठ नहीं बोल सकते थे। लेकिन यदि वे सत्य बोल देते तो उस हिरन का वध तय था। उन्होंने एक पल विचार करने के बाद कहा - "हे मानव! जो देखा है उसे कहा नहीं जा सकता और जो कहा जा सकता है उसे देखा नहीं।" संत की …

108 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी453भगवान को सिर्फ पत्थर की मूर्ति मत समझोदक्षिणेश्वर, कलकत्ता में भगवान कृष्ण का एक भव्य मंदिर है जो आचार्य रामकृष्ण परमहंस के प्रसिद्ध काली माता मंदिर से कुछ ही दूर पर स्थित है। एक दिन कृष्ण मंदिर के पुजारी ने देखा कि कृष्ण भगवान की मूर्ति का एक पैर टूटा हुआ है। उन्होंने तत्काल मंदिर के यजमान माथुर बाबू और रानी रस्मानी को इसकी जानकारी दी। रानी रस्मानी ने इस मामले में कई पंडितों से परामर्श लिया। सभी लोग एक मत थे कि खंडित मूर्ति पूजा के योग्य नहीं होती, भले ही इसे ठीक कर दिया जाये। सभी ने यही परामर्श दिया कि खंडित मूर्ति की जगह एक नई मूर्ति लाकर लगायी जानी चाहिए। रानी रस्मानी ने इस मामले में रामकृष्ण परमहंस से भी परामर्श करना उचित समझा। उन्होंने रामकृष्ण जी को पंडितों की राय से अवगत कराया। रामकृष्ण परमहंस ने धाराप्रवाह स्वर में उत्तर दिया -"हे माँ, कृपया इस बारे में पुनः विचार करें। यदि आपके दामाद किसी दुर्घटना में घायल हो जायें और उनका पैर टूट जाए तो आप क्या करेंगी? उन्हें अस्पताल ले जाये…

107 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 107

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी451अपने पास मत रखो, दान दोएक बालक को यह समझ में नहीं आता था कि उसकी गरीब माँ दिनभर की कमाई में से आधा भोजन क्यों दान कर देती है। माँ कहा करती कि वो एक उपेक्षित बूढ़ी महिला है और सिर्फ शिव ही समझ सकते हैं कि वह ऐसा क्यों करती है। बालक ने शिव को ढूंढने का निश्चय किया ताकि वह जान सके कि उसकी माँ आधा भोजन क्यों दान कर देती हैं। घर से चलने पर उसे एक राजा मिला जिसने एक टंकी का निर्माण कराया था किंतु वह खाली थी, एक सांप मिला जो बिल में फंसा हुआ था, एक वृक्ष मिला जिस पर फल नहीं लगते थे, एक मनुष्य मिला जिसके पैरों पर लकवा मार गया था। सभी ने उससे कहा कि सिर्फ शिव ही उनकी समस्या का हल जानते हैं। जिस समय वह बालक भगवान शिव से मिला, उस समय वे पार्वती जी के साथ सुपारी चबा रहे थे। उन्होंने बालक को बताया कि उन सभी लोगों ने अपने लिए कुछ न कुछ बचा रखा है - राजा की एक वयस्क पुत्री है जिसका विवाह नहीं हुआ है, सांप के फन में मणि है, लकवाग्रस्त मनुष्य के पास काफी ज्ञान है, वृक्ष की जड़ों में खजाना छुपा हुआ है। वे सभी…

106 आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 106

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी449सभी को एक समान प्रेम करोएक बार चार बच्चों की माँ ने श्री शारदा देवी से पूछा - "सभी से एक समान प्रेम कैसे करें?" उन्होंने उत्तर दिया - "जिनसे तुम प्रेम करते हो, उनसे कोई अपेक्षा मत करो। यदि तुम उनसे कुछ मांगोगी, तो कुछ तुम्हारे ऊपर सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे और कुछ कम देंगे। जो तुम्हें अधिक देंगे, उनसे तुम अधिक प्रेम करोगी और जो कम देंगे, उनसे कम प्रेम करोगी। इससे तुम सभी से एक समान प्रेम नहीं कर पाओगी।" 450हाथों में हाथ लिए - पिता और पुत्रीएक छोटी बच्ची और उसके पिता एक पुल को पार कर रहे थे। चिंतित पिता ने अपनी बेटी से कहा - "बेटी, तुम मेरा हाथ कसकर पकड़ लो ताकि तुम नदी में न गिर जाओ।" छोटी बच्ची ने कहा - "नहीं पापा, आप मेरा हाथ पकड़ लीजिए।" पिता ने पूछा - "इससे क्या फ़र्क पड़ता है।?" बच्ची ने उत्तर दिया - "इसमें बहुत फ़र्क है। यदि मैं आपका हाथ पकड़ती हूं और मेरे साथ कुछ घटित होता है तो संभव है कि मुझसे आपका हाथ छूट जाये। किंतु यदि आप यदि मेर…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 105

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी447न्याय करने से इन्कारविनम्रता और दूसरों के बारे में निर्णय देना ऐसे सबक हैं जो किसी "नैतिक शिक्षा" की कक्षा में नहीं बल्कि जीवन के साथ सीखे जाते हैं। एक बार एक व्यक्ति ने कुछ अपराध कर दिया। न्याय करने हेतु पंचायत बुलायी गयी। गांव के एक सम्मानित वृद्ध ने पंचायत की बैठक में जाने से इन्कार कर दिया। गांव के पुजारी ने उनको बुलाने के लिए एक व्यक्ति को भेजा। उस व्यक्ति ने वृद्ध से कहा - "चलिए श्रीमान! सभी लोग आपका इंतजार कर रहे हैं।" बड़े अनमने मन से वह वृद्ध सज्जन चलने को तैयार हुए। चलते समय उन्होंने अपने कंधे पर पानी से भरा हुआ एक जग रख लिया, जिसमें से पानी रिस रहा था। एक व्यक्ति ने उनसे पूछा - "महोदय, यह क्या है?" वृद्ध सज्जन ने उत्तर दिया - "मेरे पाप मेरे पीछे रहते हैं और मैं उनकी ओर नहीं देखता। लेकिन फिर भी मैं आज किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में निर्णय देने के लिए आया हूं।" यह सुनकर पंचायत ने उस व्यक्ति को माफ कर दिया। 448जो ऊँघ रहे हैं, उन्हें जगाओ कुछ…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 104

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी445अनकहा सुनोएक व्यक्ति, जिसकी शादी टूटने के कगार पर थी, स्वामी जी के पास परामर्श लेने पहुंचा। स्वामी जी ने उससे कहा - "तुम्हें अपनी पत्नी की बातों को सुनना सीखना चाहिए।" उस व्यक्ति ने स्वामीजी के परामर्श का अक्षरशः पालन किया और एक महीने के बाद यह बताने के लिए लौटा कि उसने अपनी पत्नी के प्रत्येक शब्द को सुनने का अभ्यास कर लिया है। स्वामी जी ने उससे मुस्कराते हुए कहा - "अब फिर अपने घर जाओ और पत्नी के अनकहे शब्दों को सुनो।" अदृश्य को देखो, अनकहा सुनो, अस्वीकृत को स्वीकृत करो, रुके हुए कार्य पूरे करो।446अच्छे और बुरे व्यक्ति की तलाशएक प्रश्न का उत्तर ज्ञात करने के लिए कृष्ण और भीष्म ने एक तरीका खोजा। उन्होंने एक दिन सुबह के समय दुर्योधन को अपने पास बुलाया और कहा कि वह आज अपने पूरे राज्य में भ्रमण करे और सूर्यास्त होने तक एक अच्छे व्यक्ति को ढ़ूंढ कर अपने साथ लाये। फिर उन्होंने युधिष्ठिर को अपने पास बुलाया और कहा कि वह आज अपने पूरे राज्य में भ्रमण करे और सूर्यास्त होने तक एक …

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 103

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी443ज्ञान प्राप्त करने का मार्गएक शिष्य ने पूछा - "ज्ञान प्राप्त करने का मार्ग कठिन है या सरल?" उत्तर मिला - "इनमें से कोई नहीं।" शिष्य ने फिर पूछा - "ऐसा क्यों?" "क्योंकि ऐसा कोई मार्ग है ही नहीं।" "तो फिर कोई मनुष्य अपने लक्ष्य तक कैसे पहुंचेगा?" "कैसे भी नहीं। यह कभी न खत्म होने वाली यात्रा है। जैसे ही तुम यात्रा करना छोड़ दोगे, पहुंच जाओगे।" - उत्तर मिला। -- 444यात्रा और गंतव्य - सिद्धाबरी के स्वामीजीस्वामी चिन्मयानंद जी परम ज्ञानी, सिद्धांत-परायण एवं सदाचारी संत थे। उनका आश्रम उत्तर दिशा में बर्फीले पर्वतों पर सिद्धाबरी नामक जगह पर स्थित था। उन्होंने दिल्ली में गीता ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया। लखनऊ के रहने वाले श्री सुरेश पंत उनके परम शिष्य बन गए थे। सुरेश एम.बी.ए. डिग्री धारक थे एवं अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कृतसंकल्प थे। स्वामी जी की ओर सुरेश चुंबकीय आकर्षण रखते थे और उनका शिष्य बनकर स्वयं संन्यासी बनना चाहते थे। उन्होंने…

इंटरनेट में एक दिन में क्या क्या नहीं घट जाता है!

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इंटरनेट में एक दिन में बहुत कुछ घट जाता है. जरा नीचे दिए चित्र (साभार - टेकरिपब्लिक ब्लॉग) को देखें और अपने दांतों तले अपनी उंगली दबाएं! - टीप- चित्र आकार में बड़ा है इसलिए लोड होने में समय ले सकता है.और, आखिरी ग्राफिक्स को ध्यान से देखिए. एक दिन में 3.71 लाख बच्चे जन्म लेते हैं, जबकि उतने ही समय में 3.78 लाख आईफ़ोन की बिक्री हो जाती है. यानी आने वाले किसी समय में दुनिया के हर आदमी - जी हाँ, हर आदमी के हाथ में एक से अधिक आईफ़ोन होगा!हमारे देश के केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि भारत में स्त्रियों को टॉयलेट नहीं, मोबाइल फ़ोन ज्यादा जरूरी होता है, तो, इन आंकड़ों के हिसाब से क्या वो गलत कहते हैं?

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 102

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आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी440कभी अपने सपनों को मत छोड़ोएक बार की बात है, छोटे मेंढकों का एक समूह था। उनके मध्य एक दौड़ प्रतियोगिता की घोषणा हुयी। एक बहुत ऊँची मीनार के शीर्ष पर पहुँचना उनका लक्ष्य था। मीनार के चारों ओर इस दौड़ को देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ एकत्र हो गयी। आखिरकार दौड़ शुरू हुयी। भीड़ में सभी को यही उम्मीद थी कि कोई भी मेंढक मीनार के शीर्ष तक नहीं पहुंच पायेगा। सभी तरफ से यही आवाजें सुनाई दे रहीं थीं - "शायद ही कोई ऊपर तक पहुंच पाए! वे लोग कभी भी ऊपर तक नहीं पहुंच पायेंगे! कहाँ इतनी ऊँची मीनार और कहाँ छोटे से मेंढक!....." धीरे - धीरे छोटे मेंढक क्रमशः गिरना शुरू हो गए। परंतु उनमें से कुछ मेंढक जोश और ऊर्जा से भरे हुए थे। वे चढ़ते रहे। भीड़ की ओर से निरंतर यही सुनायी दे रहा था - "ऊपर तक पहुंचना तो असंभव है।" अब तक कई मेंढक थक चुके थे और हार मान चुके थे। लेकिन एक मेंढक लगातार ऊपर चढ़ता रहा। वह हार मानने वाला नहीं लग रहा था। अंत में सभी मेंढकों ने हार मान ली, सिवाए एक छोटे मेंढक के। का…

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