संदेश

February, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 94

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी425समर्पण - स्टालिन और चर्चिलराष्ट्रपति ट्रूमैन ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान आयोजित हुये याल्टा सम्मेलन में भाग लिया था। उन्हें विंस्टन चर्चिल बहुत जटिल, अडिग और आसानी से कोई बात न मानने वाले व्यक्ति लगे जबकि रूस के जोसेफ स्टालिन बहुत मिलनसार, मित्रतापूर्ण और आसानी से बात मानने वाले व्यक्ति लगे। किसी भी समझौते या संशोधन पर हस्ताक्षर करने के पूर्व चर्चिल बाकायदा झगड़ा करते थे। इसके विपरीत स्टालिन किसी भी समझौते पर आसानी से हस्ताक्षर करने और सहयोग प्रदान करने को तत्पर रहते। याल्टा सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में तय हुये समझौतों के क्रियान्वयन का प्रबंध शुरू हुआ। ट्रूमैन ने पाया कि विंस्टन चर्चिल ने सभी समझौतों का पूरी गंभीरता से पालन और क्रियान्वयन किया जबकि जोसेफ स्टालिन ने समझौतों की कोई परवाह नहीं की और अपना गुप्त एजेंडा ही क्रियान्वित करते रहे। इन दोनों के कार्य का परिणाम अब इतिहास के पन्नों में है। ट्रूमैन को समझ में आया कि चर्चिल इसलिए अड़ियल थे क्योंकि उनका इरादा समझौतों के प्रति गंभीर रह…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 93

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी423जालएक बार जंगल का राजा शेर बहुत बीमार पड़ गया। वह बहुत कमजोर हो गया। उसकी दहाड़ बिल्ली की म्याँऊ की तरह हो गयी थी। लोमड़ी को छोड़कर बाकी सभी जानवर शेर का हालचाल पूछने उसके पास आये। भेड़िया और लोमड़ी में पुरानी दुश्मनी थी। भेड़िये ने सोचा कि लोमड़ी से बदला लेने का यही सही वक्त है। भेड़िए ने दबी हुयी आवाज़ में शेर से कहा -"हे जंगल के राजा! आपकी बीमारी की खबर सुनकर सभी जानवर दुःखी हैं, सिवाए लोमड़ी के। तभी तो सिर्फ लोमड़ी ही आपसे मिलने नहीं आयी।" जैसे ही भेड़िए ने अपनी बात पूरी की, लोमड़ी वहां आ धमकी। उसने भेड़िए की बातें सुन लीं। वह बोली - " हे राजा, भेड़िया महोदय बिल्कुल सही फ़रमा रहे हैं। यह सत्य है कि मैं आपको देखने नहीं आयी। लेकिन किसी जानवर ने वह नहीं किया होगा, जो मैंने किया है। सभी जानवर यहाँ आपके पास आकर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं, और मैं सभी जगह भटक कर आपके लिए उपचार की तलाश कर रही थी। और अंततः मैंने उपचार तलाश ही लिया।" शेर ने कराहते हुए कहा - "प्रिय लोमड़ी! मुझे जल्द बताओ कि …

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 92

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी421अहंकार ऐसे पथ तलाशता हैमुल्ला नसरुद्दीन की बीवी उनसे झगड़ रही थीं। वह गुस्से में बोलीं - "सुनिए जी, आखिर यह क्या मामला है। आज तुम साफ-साफ बता ही दो कि तुम मेरे सभी रिश्तेदारों को नफरत और घृणा से क्यों देखते हो?" मुल्ला ने उत्तर दिया - "नहीं बेगम! यह सही नहीं है और मैं तुम्हें इसका प्रमाण भी दे सकता हूं। और इसका प्रमाण यह है कि मैं तुमसे प्यार करता हूं और तुम्हारी सास को अपनी सास से अधिक प्यार करता हूं।" 422हर कोई नायक हैएक दिन एक गणितज्ञ ने जीरो से लेकर नौ अंक तक की सभा आयोजित की। सभा में जीरो कहीं दिखायी नहीं पड़ रहा था। सभी ने उसकी तलाश की और अंततः उसे एक झाड़ी के पीछे छुपा हुआ पाया। अंक एक और सात उसे सभा में लेकर आये। गणितज्ञ ने जीरो से पूछा - "तुम छुप क्यों रहे थे?" जीरो से उत्तर दिया - "श्रीमान, मैं जीरो हूं। मेरा कोई मूल्य नहीं है। मैं इतना दुःखी हूं कि झाड़ी के पीछे छुप गया।" गणितज्ञ ने एक पल विचार किया और तब अंक एक से कहा कि समूह के सामने खड़े हो…

मैं मोबाइल का उपयोग नहीं करता क्योंकि ये मुझे ट्रैक कर सकते हैं: रिचर्ड स्टॉलमेन

चित्र
हाल ही में भारत की यात्रा पर आए रिचर्ड एम स्टॉलमन से अपने मोबाइल फ़ोन प्रयोग नहीं करने और मुक्त सॉफ़्टवेयर, स्टीव जॉब्स, फ़ेसबुक इत्यादि के बारे में ईएफवाईटाइम्स से बात की. मुख्य अंश पढ़ें ...
जब भी मुफ्त सॉफ्टवेयर की बात की जाती है, वहाँ आरएमएस के रूप में विख्यात रिचर्ड एम स्टॉलमेन का नाम आता है. और क्यों न हो, उनके जैसा मुक्त सॉफ़्टवेयर का मुखर प्रयोगकर्ता व एक्टिविस्ट और दूसरा कोई नहीं है. स्टॉलमेन के मुताबिक विंडोज या एपल मैक जैसा मालिकाना सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर आपकी स्वतंत्रता को पूरी तरह समाप्त करता है और यह बात उन्हें पूरी तरह से अस्वीकार्य है.आप फ़ेसबुक को सिरे से नकारते हैं. क्यों?
फ़ेसबुक किसी का मित्र नहीं है, और निश्चित रूप से मेरा तो मित्र नहीं ही है. फ़ेसबुक, का एकमात्र काम है अपने प्रयोगकर्ताओं का डेटा इकट्ठा करना. फ़ेसबुक की तथाकथित तमाम सुविधाएँ उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग में ली जाती हैं तो उनका इस्तेमाल फ़ेसबुक अपने फायदे के लिए डेटा एकत्रित करने के लिए करता है. यदि आप फ़ेसबुक में मेरी एक तस्वीर पोस्ट करेंगे और उसमें लेबल के रूप में रिचर्ड स्टॉलमेन लिखेंगे तो उनके डेटाब…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 91

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी419सर्वश्रेष्ठ दानतीन भाईयों में इस बात को लेकर बहस छिड़ गयी कि सर्वश्रेष्ठ दान कौन सा है? पहले ने कहा कि धन का दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है, दूसरे ने कहा कि गौ-दान सर्वश्रेष्ठ दान है, तीसरे ने कहा कि भूमि-दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है। निर्णय न हो पाने के कारण वे तीनों अपने पिता के पास पहुंचे। पिता ने उन्हें कोई उत्तर नहीं दिया। उन्होंने सबसे बड़े पुत्र को धन देकर रवाना कर दिया। वह पुत्र गली में पहुंचा और एक भिखारी को वह धन दान में दे दिया। इसी तरह उन्होंने दूसरे पुत्र को गाय दी। दूसरे पुत्र ने भी उसी भिखारी को गाय दान में दे दी। फिर तीसरा पुत्र भी उसी भिखारी को भूमि दान देकर लोट आया। कुछ दिनों बाद पिता अपने तीनों पुत्रों के साथ उसी गली में टहल रहे थे जहां वह भिखारी प्रायः मिलता था। उन लोगों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि वह अब भी भीख मांग रहा था। उस भिखारी ने गाय और भूमि बेचने के पश्चात प्राप्त हुआ पूरा पैसा मौजमस्ती में उड़ा दिया था। पिता ने समझाया - "वही दान सर्वश्रेष्ठ दान है जिसका सदुपयोग किया जा …

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 90

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी417पंखे के बिना रहनाअपने पिता के निधन के बाद एक पुत्र ने अपनी माँ को वृद्धाश्रम भेज दिया। इस फैसले में उसकी पत्नी की इच्छा भी शामिल थी। वृद्धाश्रम में कमरे तो थे परंतु किसी कमरे में पंखा नहीं था। कई वर्ष तक वहाँ रहने के बाद वह वृद्ध महिला बहुत बीमार पड़ गयी। डॉक्टरों ने भी ऐसे वक्त में उसके पुत्र को बुलाना उचित समझा। माँ और पुत्र की बहुत दिनों के बाद मुलाकात तथा बातचीत हुयी। पुत्र ने माँ का हालचाल जाना और पूछा कि क्या उन्हें किसी चीज की आवश्यकता है? माँ ने उससे वृद्धाश्रम के कमरों में पंखा लगवाने को कहा।(उसका पुत्र व्यापार में अच्छी तरक्की कर रहा था और आर्थिक रूप से संपन्न था।) आश्चर्यचकित होकर पुत्र ने पूछा - "माँ, तुम इतने वर्षों तक इस जगह पर रह चुकी हो, लेकिन तुमने पहले मुझसे इस बारे में कभी नहीं कहा? अब क्यों, जबकि आपके जीवन में बहुत कम समय बचा है?" "बेटे, मुझे तुम्हारी चिंता है। क्योंकि मैं तो पंखे के बिना रह सकती हूं परंतु तुम नहीं।" -- 418ईश्वर पापियों के ज्यादा करीब…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 89

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी415अमीरएक बार एक अमीर व्यापारी एक संन्यासी के आश्रम में पहुंचा। संन्यासी को प्रणाम करने के उपरांत उसने पूछा - "किस तरह से आध्यात्म मुझ जैसे सांसारिक व्यक्ति को सहायता प्रदान कर सकता है?" संन्यासी ने कहा - "इससे तुम और अधिक अमीर हो जाओगे।" ललचायी आँखों के साथ व्यापारी ने पूछा - "कैसे?" संन्यासी ने मुस्कराते हुए उत्तर दिया - "तुम्हें इच्छाओं से मुक्त होने की शिक्षा देकर।" -- 416कथाएं और दृष्टांतएक गुरूजी अपने शिष्यों को कथाओं और दृष्टांतों के माध्यम से शिक्षा देते थे, जिसे उनके शिष्य खूब पसंद करते परंतु उन्हें कभी-कभी यह शिकायत भी होती कि गुरूजी गंभीर विषय पर व्याख्यान नहीं देते हैं। गुरूजी पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शिष्यों की शिकायत पर वे कहते -"प्रिय शिष्यों! तुम लोगों का अब भी यह समझना बाकी है कि मनुष्यमात्र और सत्य के मध्य केवल कथा ही है।" कुछ देर चुप रहने के बाद वे पुनः बोले - "कथाओं से घृणा मत करो। एक खोये हुए सिक्के को सिर्फ सस…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 88

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी413कभी मत बदलो, इस्तीफा दो और मुक्ति पाओमुल्ला नसरुद्दीन एक ऑफिस में काम करने लगे। हर कोई उससे नाराज़ रहता। वह कोई काम नहीं करता था और सारा समय सोता ही रहता था। ऑफिस के लोग उससे इतने तंग आ चुके थे कि धीरे-धीरे उन्होंने उसके ऊपर चिल्लाना शुरू कर दिया। जल्द ही ऑफिस के बॉस ने भी नसरुद्दीन को डाँट पिला दी। लेकिन उसमें कोई परिवर्तन नहीं आया। एक दिन नसरुद्दीन रोज-रोज के तानों, आलोचना और डाँट से तंग आ गया और उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देना उसके लिए अपनेआप को बदलने से ज्यादा आसान था।(इस दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो बदलना नहीं चाहते इसलिए वे इस्तीफा देकर भाग खड़े होते हैं।) नसरुद्दीन ने इस्तीफा दे दिया। सभी लोग बहुत खुश हो गए। बॉस तो अत्यधिक खुश होकर बोला - "चूंकि नसरुद्दीन ने अपने आप ही इस्तीफा दिया है इसलिए हम सभी को उदारता दिखाते हुए उसे विदाई पार्टी देनी चाहिए। हम सभी उससे इतने नाखुश थे कि इसके अलावा और कोई चारा नहीं था।" इसलिए नसरुद्दीन के सम्मान में एक बेहतरीन रात्रिभोज का आयो…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 87

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी411पुत्रों का उपहारएक माँ के तीन बच्चों ने अपने भविष्य को संवारने के लिए घर छोड़ दिया था एवं अपनी - अपनी राह पर चले गए थे। तीनों सफल रहे। जब वे एक साथ लौटे तो अपनी वृद्ध माँ को उपहार देने योग्य बन चुके थे। पहले पुत्र ने कहा - "मैंने माँ के लिए एक बड़ा सा बंगला बनवाया है।" दूसरे ने कहा - "मैंने माँ के लिए एक शानदार मर्सडीज़ कार और ड्राइवर भेजा है। तीसरे ने मुस्कराते हुए कहा - "मैंने तुम दोनों को पीछे छोड़ दिया है। तुम्हें याद है, माँ किस तरह बाईबिल पढ़ना पसंद किया करती थी? क्या तुम लोग यह नहीं जानते कि अब वे ठीक से देख भी नहीं पाती हैं? मैंने उन्हें एक अद्वितीय तोता उपहार में भेजा है जो पूरी बाईबिल का उच्चारण कर सकता है। उसे 12 वर्षों के कठिन परिश्रम के बाद प्रशिक्षित किया गया है। वह अपनी तरह का अनूठा तोता है। बाईबिल के अध्याय और छंद का नाम लेते ही वह तोता उसका सस्वर उच्चारण करने लगता है।" कुछ ही समय बाद माँ ने तीनों पुत्रों को धन्यवाद पत्र लिखा। अपने पुत्रों को संबोधित कर…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 86

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी409मुझे अपना अहंकार दे दोएक संन्यासी एक राजा के पास पहुचे। राजा ने उनका आदर सत्कार किया। कुछ दिन उनके राज्य में रुकने के पश्चात संन्यासी ने जाते समय राजा से अपने लिए उपहार मांगा। राजा ने एक पल सोचा और कहा - "जो कुछ भी खजाने में है, आप ले सकते हैं।" संन्यासी ने उत्तर दिया - "लेकिन खजाना तुम्हारी संपत्ति नहीं है, वह तो राज्य का है और तुम सिर्फ ट्रस्टी हो।" "तो यह महल ले लो।" "यह भी प्रजा का है।" - संन्यासी ने हंसते हुए कहा। "तो मेरा यह शरीर ले लो। आपकी जो भी मर्जी हो, आप पूरी कर सकते हैं।" - राजा बोला। "लेकिन यह तो तुम्हारी संतान का है। मैं इसे कैसे ले सकता हूं?" -संन्यासी ने उत्तर दिया। "तो महाराज आप ही बतायें कि ऐसा क्या है जो मेरा हो और आपके लायक हो?" - राजा ने पूछा। संन्यासी ने उत्तर दिया - "हे राजा, यदि आप सच में मुझे कुछ उपहार देना चाहते हैं, तो अपना अहंकार, अपना अहम दे दो।" अहंकार पराजय का द्वार है। अहंक…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 85

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी407कोई भी बात गलत नहीं, बस अधूरीएक सूफी संत अपने सहयोगी के साथ एक शहर में शिक्षा प्रदान करने पहुंचे। जल्द ही उनका एक अनुयायी उनके पास आया और बोला - "हे महात्मा, इस शहर में सिवाए बेवकूफों के और कोई नहीं रहता। यहाँ के निवासी इतने जिद्दी और बेवकूफ हैं कि आप एक भी व्यक्ति के विचार नहीं बदल सकते।" संत ने उत्तर दिया - "आप सही कह रहे हैं।" इसके ठीक बाद एक और व्यक्ति वहां आया और प्रसन्नतापूर्वक बोला - "हे महात्मा, आप एक भाग्यशाली शहर में हैं। यहां के लोग सच्ची शिक्षा चाहते हैं और वे आपके वचनों पर न्यौछावर हो जायेंगे।" संत ने मुस्कराते हुए उत्तर दिया - "आप सही कह रहे हैं।" संत की बात सुनकर उनका सहयोगी बोला - "हे महात्मा, आपने पहले व्यक्ति से कहा कि वह सही कह रहा है। और दूसरा व्यक्ति जो उसके ठीक विपरीत बात बोल रहा था, उसे भी आपने कहा कि वह सही बोल रहा है। आखिर यह कैसे संभव है कि काला रंग सफेद हो जाये।" संत ने उत्तर दिया - "हर व्यक्ति अपनी इच्छा के…

हिंदी ब्लॉगिंग का दुश्मन कौन?

चित्र
इंडिया टुडे हिंदी के हालिया अंक में मनीषा पांडेय ने हिंदी ब्लॉगिंग पर एक धारदार आलेख लिखा है. आलेख साभार यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है. आप भी बांचें:बच्चा पैदा हुआ तो आस-पास के  लोगों ने माना कि वह स्वस्थ है. एक समय ऐसा आया कि हिंदी ब्लॉग की संख्या 18,000 को पार कर गई और हर दिन 150 नए हिंदी ब्लॉग जुड़ने लगे. फिर इसे किसी की नजर लग गई. सभी मानते हैं कि हिंदी ब्लॉग की दुनिया में ठहराव आ गया है. यह दुनिया लगभग आठ साल पुरानी है. आठ साल लंबा वक्त होता है. इतने समय में फेसबुक ने दुनिया भर में 80 करोड़ यूजर जुटा लिए. हिंदी के प्रमुख ब्लॉग एग्रीगेटर (एक ऐसी साइट जहां ढेर सारे ब्लॉग इकट्ठे देखे जा सकते हैं) नारद, चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी बंद हो गए. कई सक्रिय ब्लॉगर दृश्य से गायब हो गए, कई फेसबुक पाकर ब्लॉग को भुला बैठे, कुछ ट्विटर पर जम गए. हिंदी ब्लॉग का यह सफर कई सवाल खड़े करता है. कुछ साल पहले इसे लेकर देखे जा रहे सपने क्या हकीकत से दूर थे? क्या हिंदी में ब्लॉग की स्थिति इसलिए बुरी है? क्योंकि इंटरनेट पर ही हिंदी की स्थिति बुरी है. क्या हिंदी की राजनीति ब्लॉग को ले डूबी? क्या 'इंस्टैंट' क…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 84

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी405वायदा करना और निभानाएक नवविवाहित जोड़ा विवाह करने के तुरंत बाद अपने प्रोफेसर के पास आशीर्वाद लेने पहुँचा। प्रोफेसर ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा - "सुखी भव!" लड़के ने आश्चर्यचकित होते हुए पूछा - "महोदय, कोई व्यक्ति शादी करके सुखी कैसे हो सकता है?" प्रोफसर ने उत्तर दिया - "यह एक राज की बात है। ध्यान से सुनो! पहली बात यह है कि तुम अपनी पत्नी से किए गए सभी वायदों को पूरा करो। और दूसरी बात यह कि कभी वायदा मत करो।" -- 406भाग्य और नियतिअपनी नियति के बारे में शिकायत रखने वाली एक महिला को उत्तर देते हुए स्वामी जी बोले - "सिर्फ तुम ही अपनी नियति को बना सकती हो, कोई और नहीं।" महिला ने शिकायती लहजे में कहा - "लेकिन एक स्त्री के रूप में जन्म लेने के लिए तो मैं जिम्मेदार नहीं हूं?" स्वामीजी ने उत्तर दिया - "स्त्री के रूप में जन्म लेना तेरी नियति नहीं है। यह तेरा भाग्य है। नियति तो यह है कि तुम अपने स्त्रीत्व को किस तरह ग्रहण करती हो और क्या बनती…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 83

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी403संसार का सबसे दुःखी इंसान राजा का दरबार लगा हुआ था। उस दिन दरबार मे चर्चा का विषय था कि इस संसार में सबसे दुःखी इंसान कौन है? सभी दरबारियों ने अपनी-अपनी राय रखी। सभी दरबारियों में आपस में मतभेद था। अंततः वे सभी इस नतीजे पर पहुंचे कि यदि कोई गरीब और बीमार हैं तो वह सबसे ज्यादा दुःखी है। इस नतीजे से राजा संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अपने सबसे समझदार दरबारी चतुरनाथ की ओर देखा, जिसने सारी बहस चुपचाप सुनी थी। राजा ने चतुरनाथ से पूछा - "तुम्हारी इस बारे में क्या राय है?" चतुरनाथ ने उत्तर दिया - "हे महाराज! मेरी इस बारे में विनम्र राय यह है कि जो व्यक्ति ईर्ष्यालु और द्वेषी है, वह हमेशा दुःखी रहता है। वह दूसरा को अच्छा कार्य करते हुए देखकर दुःखी होता है। उसका चित्त कभी शांत नहीं रहता। वह हमेशा शंकालु रहता है। वह दूसरों का भला होते देख नफरत से भर जाता है। ऐसा इंसान ही संसार में सबसे ज्यादा दुःखी होता है।" 404गुरू की जरूरतगुरूकुल में आये एक आगंतुक ने वहां रहने वाले एक अंतःवासी से …

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 82

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी401आखिर तुम कब छोड़ोगे !.......एक व्यक्ति जीवन भर कपड़े का सफल व्यवसायी रहा था। अब वह 78 वर्ष का हो गया था। उसके दोनों पुत्र कारोबार को भलीभांति संभाल रहे थे लेकिन वह फिर भी दुकान आता और हर मामले में हस्तक्षेप करता रहता था। उसे अब भी अधिक से अधिक मुनाफा कमाने की लालसा थी। तंग आकर उसके पुत्रों ने अपने पारिवारिक पंडित को बुलाया और उनसे निवेदन किया कि वे उनके पिताजी को अपने साथ वर्ष भर की तीर्थयात्रा पर ले जायें ताकि उनका ध्यान धनसंपत्ति से हटकर पूजापाठ में लगे। पंडित जी सहमत हो गए और वे दोनों तीर्थयात्रा पर चले गए। एक वर्ष तक बद्रीनाथ, केदारनाथ और भारत के समस्त तीर्थस्थलों की यात्रा के बाद भी व्यापारी के मन से धनसंपदा के प्रति लालसा जरा भी कम नहीं हुई। निराश होकर पंडितजी उन्हें अंत में वाराणसी के एक बड़े श्मशान घाट पर ले गए। अचानक पंडितजी ने यह पाया कि बूढ़े व्यापारी को एकाएक कुछ हुआ। उसके चेहरे पर नई आभा बिखर गई। इसकी आँखें सूरज की तरह दमकने लगीं। उसके शरीर की भाषा एकदम बदल गयी और वह फुर्तीला और ऊ…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 81

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी399दुनिया का विनाशएक बौद्धलामा "दुनिया का विनाश" विषय पर एक व्याख्यान देने वाले थे। उनके इस व्याख्यान का बहुत प्रचार-प्रसार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उन्हें सुनने के लिए मठ में एकत्र हो गयी। लामाजी का व्याख्यान एक मिनट से कम समय में समाप्त हो गया। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा - "ये सारी चीजें मानवजाति का विनाश कर देंगी - अनुकंपा के बिना राजनीति, काम के बिना दौलत, मौन के बिना शिक्षा, निडरता के बिना धर्म और जागरूकता के बिना उपासना।" -- 400खानपान पर नियंत्रण रखोएक सेठ था। उसे कई दिनों से बहुत खांसी आ रही थी लेकिन उसे खट्टी चीजें - खट्टा दही, खट्टा मट्ठा, अचार आदि खाने की बुरी आदत थी। वह खांसी के उपचार के लिए कई वैद्यों के पास गया। सभी ने उसे खट्टी चीजें न खाने की सलाह दी ताकि उनकी दवाऐं कुछ असर दिखा सकें परंतु सब व्यर्थ। अंत में वह एक बुजुर्ग वैद्य के पास गया जिसने उस सेठ को अपनी दवाओं के साथ कोई भी मनचाही चीज खाने की अनुमति दे दी। वैद्य…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 80

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी-- 397दो खरगोशों का पीछा करनाएक शिष्य, जो अपने समय के सुप्रसिद्ध गुरूजी से धनुर्विद्या सीख रहा था, उनके समक्ष एक प्रश्न लेकर गया - मैं धनुर्विद्या की कला में और पारंगत होना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि आपसे धनुर्विद्या सीखने के अलावा मैं दूसरे गुरूजी के पास भी धनुर्विद्या सीखने जाऊं ताकि मैं कुछ और गुर सीख सकूं। इस बारे में आपका क्या विचार है।" गुरूजी ने उत्तर दिया - "वह शिकारी जो एकबार में दो खरगोशों का पीछा करता है, उसके हाथ एक भी खरगोश नहीं लगता।" -- 398बेसुरा गाओ लेकिन गाते रहो.......जब भी उसे समय मिलता, वह कमरे में अकेला जा बैठता, प्रार्थना करता और प्रेरणादायी गाने गाया करता। वह गाने में इतना तल्लीन हो जाता कि उसे यह भी ध्यान नहीं रहता कि उसके आस-पास क्या घटित हो रहा है। एकबार उसके मित्र ने उससे कहा - "तुम किसी दूसरे का गाना भी सुन सकते हो। तुम रेडियो या टेपरिकॉर्डर भी बजा सकते हो। आखिर तुम इतना बेसुरा होने के बावजूद भी क्यों गाते हो?" उसने उत्तर दिया - "तो…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 79

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ संकलन – सुनील हांडाअनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी395ईश्वर ने हमें पलकें भी दी हैंजब गुरूजी का एक शिष्य गंभीर गलती करते हुए पकड़ा गया तो सभी लोगों को गुरूजी से यह अपेक्षा हुई कि वे उसे कठोरतम दंड देंगे। जब एक माह गुजरने के बाद भी गुरूजी ने उसे कोई दंड नहीं दिया तो किसी ने यह कहते हुए अपनी आपत्ति व्यक्त की - "जो कुछ भी घटित हुआ है, हम उसे भूल नहीं सकते आखिर ईश्वर ने हमें आँखें दी हैं।" गुरूजी ने उत्तर दिया - "तुमने बिल्कुल सही कहा। परंतु ईश्वर ने हमें पलकें भी दी हैं।" -- 396जीत का बिंदुयह उस समय की बात है जब अब्राहम लिंकन वकालत करते थे। एक व्यक्ति उनके पास अपना मुकदमा सौंपने गया। लिंकन ने उसकी फाइल को पढ़ा और कहा - "कानूनी दाँवपेंच के हिसाब से तुम यह मुकदमा जीत सकते हो।" यह कहने के तुरंत बाद उन्होंन उसकी फाइल को लौटा दिया और कहा - "सत्य के आधार पर तुम्हारा मुकदमा जीतना असंभव है। बेहतर होगा तुम कोई दूसरा वकील तलाश लो। यदि मैं तुम्हारा मुकदमा लड़ूंगा तो मेरे मन में हर समय यह दबाब बना रहेगा कि मैं अदालत में झूठ ब…

आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 78

चित्र
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ
संकलन – सुनील हांडा
अनुवाद – परितोष मालवीयरवि-रतलामी

393

विचार शुद्धि

स्वामी रामकृष्ण परमहंस के एक पक्के शिष्य मथुराबाबू ने एकबार उन्हें बहुत महंगे वस्त्र भेंट किए। परमहंस ने उन वस्त्रों को धारण किया और माँ काली का ध्यान करने बैठ गए। ध्यान के बाद जब वे दंडवत प्रणाम करने लगे तब उनके दिमाग में वह विचार कौंधा कि कही ये महंगे वस्त्र मैले न हो जायें।

    बाद में जब उन्होंने विचार मंथन किया तो यह पाया कि उन्हें ऐसे वस्त्र कतई नहीं पहनने चाहिए जो ध्यान में बाधा पहुंचाते हों और उन्होंने वे वस्त्र वापस कर दिए।
--
394

प्रवाह के साथ बहना


    ताओ दंतकथा के अनुसार एक बार एक वयस्क व्यक्ति दुर्घटनावश नदी में गिर कर भंवर में फंस गया और एक खतरनाक जलप्रपात की ओर बहने लगा।

    सभी प्रत्यक्षदर्शी यह दृश्य देखकर घबड़ा गए क्योंकि उस प्रपात में गिरकर मनुष्य का मरना तय था। तभी आश्चर्यजनक रूप से वह व्यक्ति जलप्रपात में गिरकर भी सकुशल नदी से बाहर निकल आया। लोगों ने उससे पूछा कि उसके जीवित बचने का क्या राज़ है?

    उस व्यक्ति ने उत्तर दिया - "मैंने नदी के प्रवाह को अपने अनुर…

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें