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June, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

फ़ेसबुक को माइनस में लाने की कोशिश में आया गूगल+

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गूगल प्लस के आमंत्रण लोगों को मिलने लगे हैं. कहा जा रहा है कि इसे फ़ेसबुक को मात देने की नीयत से अच्छी खासी मेहनत व रिसोर्स से तैयार किया जा रहा है. गूगल यूं भी इंटरनेट पर सर्च - ईमेल से लेकर ऑफ़िस सूट तक की  हर किस्म की सेवा प्रदान कर उसका बादशाह बना बैठा है, और उसकी बादशाहत को खतरा फ़ेसबुक से मिल रहा है जहाँ जनता एक बार घुसी तो वहीं पड़ी रहती है. गूगल इस समीकरण को बदलने के लिए गूगल+ नामक नया सोशल साइट लेकर आया है. वैसे तो गूगल के प्लेटफ़ॉर्म में सोशल साइट ओरकुट पहले से है, परंतु फ़ेसबुक के बेहद आसान प्रयोग ने ओरकुट की हवा निकाल दी और अब न सिर्फ हर व्यक्ति, बल्कि उसका कुत्ता, और उसका मोबाइल भी फ़ेसबुक पर है.सवाल ये है कि क्या गूगल+ की ये कोशिश कामयाब होगी?कुछ आरंभिक सेवाएँ आपके इंटरनेट जीवन और फोटो-वीडियो फ़ाइल साझा को और आसान बनाने की गरज से रीडिजाइन की गई प्रतीत तो होती हैं. मगर इसका असली टेस्ट तो तब होगा जब यह आम प्रयोग के लिए खुलेगा तब लोग इसे कितना हाथों हाथ लेंगे. और, लोगों को फ़ेसबुक से बाहर निकालना भी तो बड़ी टेढ़ी खीर है.गूगल+ कोई 44 भाषाओं में उपलब्ध है. मैंने इसे हिंदी में…

किसी हिंदी ब्लॉग का पहला-पहला विज्ञापन

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वस्तुतः हिंदी ब्लॉग तो नहीं, पर हिंदी ब्लॉगों से जुड़े ब्लॉग मंच का ये विज्ञापन पिछले कुछ दिनों से दिखाई देता रहा था-
ब्लॉगमंच को हार्दिक शुभकामनाएँ. हम जानना चाहेंगे कि उनका यह प्रयोग कितना सफल रहा है. यह भी जानना चाहेंगे कि उन्होंने विज्ञापन में कितने खर्च किए, कितने वसूल हुए और प्रतिफल में पाठक-प्रयोक्ता संख्या में क्या और कितनी वृद्धि हुई.

और, इधर कुछ दिन से यत्र तत्र हिंदी में गूगल एडसेंस विज्ञापन फिर से दिखाई देने लगे हैं-

है

क्या गूगल एडसेंस हिंदी जल्द ही वापस आ रहा है ?
लगता तो है.
मगर दारोमदार ब्लॉगमंच जैसे प्रयोग के सफल होने पर है. नहीं तो कोई विज्ञापनदाता यहाँ माल गंवाने क्यों आएगा भला?
--
स्क्रीन शॉट में चीजों की वर्तनी गलत दिख रही है वो नए लिनक्स तंत्र में फ़ॉन्ट रेंडरिंग की समस्या के कारण  है.

गूगल अनुवाद अब हिंदी के अलावा अब बंगाली, गुजराती, कन्नड़, तमिल और तेलुगु में भी उपलब्ध

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गूगल अनुवाद अब हिंदी के अतिरिक्त 5 अन्य भारतीय भाषाओं यथा - बंगाली, गुजराती, कन्नड़, तमिल और तेलुगु में उपलब्ध है. मैंने हिंदी के एक वाक्य को गुजराती में अनुवाद करने की कोशिश की -हिंदी का वाक्य -यह टेक्नोलॉज़ी आलेख मैं हिंदी में लिख रहा हूँ और इसका अनुवाद मैं गुजराती में करूंगा गूगल ट्रांसलेट से. देखता हूँ कि मशीनी अनुवाद कैसा होता है.और इसका गुजराती अनुवाद मिला -આ Teknolojhi લેખ હું હિન્દી અને ગુજરાતી લખવા છું હું Google ભાષાંતર સાથે અનુવાદ છે. કે મશીન અનુવાદ જોશો શું છે.पता नहीं अनुवाद कितना सही है, मगर मुझे लगता तो है कि समझा तो जा ही सकता है कि क्या कहा गया है.इसकी एक और ख़ूबी यह है कि साथ ही दिए गए लिंक से आप पाठ को ध्वन्यात्मक रूप से पढ़ सकते हैं. उदाहरणार्थ, ऊपर दिए गुजराती पाठ को इस तरह से पढ़ा जा सकता है (यदि आप गुजराती लिपि नहीं पढ़ पाते, परंतु बोल पाते हैं, और रोमन लिपि पढ़ पाते हैं)Ā Teknolojhi lēkha huṁ hindī anē anuvāda huṁ Google bhāṣāntara māṁ chuṁ lēkhitamāṁ chuṁ. Kē maśīna anuvāda jōśō śuṁ chē.भाषाई दीवारों को ढहाने की एक और उम्दा कोशिश. इस सुविधा से अब 6 भारतीय भाषा…

गीत-संगीत के दीवानों, कोक-स्टूडियो@एमटीवी देखा-सुना क्या?

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भारत में टीवी पर गीत-संगीत के कार्यक्रमों के बेहद बुरे हाल हैं. या  तो आप 24x7 सड़ियल गानों के प्रोमो देखने को अभिशप्त होते हैं या फिर उतने ही सड़ियल - एसएमएस वोटिंग के लिए ऑप्टीमाइज़्ड नॉट सो इंडियन आइडल या पा रे गा मा धा (उल्टा लिख दिया तो क्या फ़र्क़ पड़ता है?) जैसे रियलिटी शो से काम चलाना पड़ता है, जिनमें गीत संगीत तो 'रीयल' बिलकुल नहीं होता.परंतु आपके इस अनुभव को सिरे से बदलने आ गया है एमटीवी का प्रोग्राम कोक स्टूडियो@एमटीवी.पहले तो मैंने सोचा था कि यह प्रोग्राम भी दूसरे संगीत प्रोग्रामों की तरह सामान्य या औसत किस्म का, और अनरीयल ही  होगा. मगर मैं गलत था.इसका पहला एपीसोड शुक्रवार 17 जून 2011 को एमटीवी पर दिखाया गया. और क्या खूब प्रोग्राम रहा यह. यदि आपने अब तक इसे नहीं देखा है तो बारंबार चल रहे इसके री-रन में अवश्य देखें. इसके अगले नए एपीसोड प्रति शुक्रवार  शाम 7 बजे दिखाए जाएंगे. कोक-स्टूडियो@एमटीवी (coke-studio@mtv)  के विदेशी शो विदेशों में भी खासे लोकप्रिय रहे हैं. और भारत में भी यह लोकप्रियता के रेकॉर्ड तोड़ने के लिए पूरी तरह से सेट है.इसके इस सीजन में जो बड़े नाम जु…

हिंदी टाइपिंग सीखने का एकदम नया और शानदार प्रोग्राम : स्पर्श

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फ़ोनेटिक टाइपिंग में कठिन शब्दों को टाइप करते समय आपकी जान निकल जाती है? रेमिंगटन (कृतिदेव) पद्धति से यूनिकोड हिंदी टाइप करने का कोई बेहतरीन औजार आपके पास अभी भी नहीं है? हिंदी टाइपिंग के लिए बेहतर विकल्प की तलाश में घूम रहे हैं?
इनस्क्रिप्ट हिंदी टाइपिंग क्यों नहीं सीखते?
अब कोई बहाना नहीं चलेगा. क्योंकि अब आ गया है आपको परिपूर्ण वैज्ञानिक पद्धति से तैयार इनस्क्रिप्ट हिंदी टाइपिंग सिखाने का एक नया, शानदार प्रोग्राम :  स्पर्श.
इस नए प्रोग्राम - स्पर्श बीटा संस्करण 1 को तैयार किया है हिंदी प्रौद्योगिकी व हिंदी जाल-जगत के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर श्री बालेंदु शर्मा दाधीच ने.

पर, इस प्रोग्राम की खूबियों और उसके इस्तेमाल के बारे में चर्चा करने से पहले कुछ बातें इनस्क्रिप्ट की करें, ताकि आप इनस्क्रिप्ट हिंदी टाइपिंग सीखने के लिए प्रेरित तो हों!
नीचे दिया गया मसाला भी स्पर्श प्रोग्राम के गाइड बुक से ही निकाला गया है :

इनस्क्रिप्ट क्या है और इसे क्यों सीखें?इनस्क्रिप्ट हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में कंप्यूटर पर टाइप करने के लिए भारत की आधिकारिक पद्धति है। इसे भारतीय मानक ब्यूरो ने एक मानक (…

आपके टीवी के डेफ़िनिशन कितने हाई हैं?

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जब शहर की सड़कों पर खुदाई की मार पड़ी तो एंटरटेनमेंट का बाप माईवे आईपीटीवी (माईवे आईपीटीवी की एक विस्तृत समीक्षा यहाँ भी देखें) हर पंद्रह दिनों में लंबे समय के लिए बिला-नागा बंद होने लगा, और साथ ही साथ इसमें एचडी (हाई-डेफ़िनिशन) की संभावना दूर-2 तक दिखाई नहीं दी तो फिर तो विकल्पों की तलाश लाजिमी ही थी.अब सवाल ये था कि उपलब्ध डीटीएच सेवाओं में से किसे लिया जाए, जिसमें एचडी की भी सुविधा हो और रेकार्डिंग की भी. एयरटेल से अपनी जीभ जला चुका था, लिहाजा वो तो विकल्पों में से पहले ही आउट था.रिलायंस डीटीएच में 250 से भी ज्यादा चैनल एचडी जैसी (कृपया जोर से ध्यान दें, जैसी शब्द पर) क्वालिटी में उपलब्ध है. मगर यह एचडी जैसी क्वालिटी फुल एचडी नहीं है, महज अपस्केल्ड क्वालिटी है. और, साथ ही इसकी साइट पर कहीं भी होमथियेटर/डीटीएस की  5.1 या 7.1 सराउंड साउंड सुविधा के बारे में दावा नहीं किया गया है अतः यह भी विकल्पों से बाहर हो गया.जीटीवी के प्लेटफ़ॉर्म में भी 30 से अधिक चैनल एचडी क्वालिटी में देने का वादा किया जाता है, मगर आज की स्थिति में उसमें भी कुछेक चैनलों को छोड़कर बाकी सभी अपस्केल्ड ही हैं - ट्र…

आपको अपने ब्लॉगिंग व्यक्तित्व का अता-पता है भी?

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आपका ब्लॉग आपके व्यक्तित्व का दर्पण है. परंतु क्या आपने कभी इस दर्पण में झांका भी है? यदि नहीं, तो यही उपयुक्त समय है. और, आपकी सुविधा के लिए इंटरनेट पर तो व्यक्तित्व-दर्शना एनालाइजर प्रोग्राम “टाइपएलाइजर” ( http://www.typealyzer.com/?lang=en ) भी है, जिसमें आप अपने ब्लॉग का यूआरएल भरकर अपने व्यक्तित्व का सही सही अंदाजा लगा सकते हैं. और उस फूल कर कुप्पा हुए व्यक्तित्व (या इसके उलट) के भ्रमजाल से बाहर आ सकते हैं जो आपके पाठक या टिप्पणीकर्ता – आपके ब्लॉग पोस्टों की झूठी वाह! वाही! कर (या इसके उलट) आपको प्रदान किए हुए होते हैं. तो, मैंने भी अपने ब्लॉग के यूआरएल को इस व्यक्तित्व दर्शना प्रोग्राम में भरा. और ये लो! एक क्लिक करते ही मेरे व्यक्तित्व की बाल की खाल हाजिर हो गई – “The charming and trend savvy type. They are especially attuned to the big picture and anticipate trends. They often have sophisticated language skills and come across as witty and social. At the end of the day, however, they are pragmatic decision makers and have a good analytical ability. They enjoy work that lets…

यह ब्लॉग पोस्ट सिर्फ आमंत्रितों के लिए है...

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और, यदि आप इस पोस्ट को पढ़ पा रहे हैं तो इसका सीधा सा अर्थ है कि आप भी आमंत्रितों में से एक हैं.यह क्या? यह तो नया ट्रैंड आ गया है. सिर्फ आमंत्रितों के लिए. कुछ दिन पहले नए बन रहे एक हाउसिंग कॉम्प्लैक्स का होर्डिंग देखा. शानदार कैंपस. शानदार आर्किटेक्चर और फ़ाइवस्टार सुविधाएँ. परंतु सिर्फ आमंत्रितों के लिए. अब ऐसी जगह में रहने के लिए खरीदना तो दूर की बात, खरीदने का सपना भी मैं नहीं देख सकता क्योंकि मेरे पास आमंत्रण नहीं है.बहुत पहले एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था का सदस्य बना था. वह संस्था भी सिर्फ और सिर्फ आमंत्रितों को ही सदस्य बनाती है - हर किसी ऐरे गैरे को सदस्य नहीं बनाती. मैं भी सगर्व आमंत्रित सदस्य बना था. परंतु आमंत्रित सदस्यों वाली संस्था में चलने वाली घोर लेटलतीफी और दीगर बातों के चलते जल्द ही मैंने अपने आपको उनके बीच 'अनामंत्रित किस्म' का पाया, और बाहर हो लिया.अभी एक पत्रिका - रॉब रिपोर्ट का विज्ञापन पढ़ा. पत्रिका सिर्फ आमंत्रितों को उपलब्ध होती है. अब तक मुझे इसका आमंत्रण नहीं मिला है. तो इसका सीधा सा अर्थ है कि ये विरल और दुर्लभ पत्रिका मेरे लिए नहीं है. हो सकता है आप प…

IPv6 : क्या आप इंटरनेट के भविष्य के लिए तैयार हैं?

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नई इंटरनेट प्रोटोकॉल प्रणाली से इंटरनेट के जरिए विश्व के तमाम उपकरण - जी हाँ, आपका रेडियो, फ्रिज, टीवी, ब्रेड टोस्टर यहाँ तक कि आपके कमरे में लगा एसी भी अपने विशिष्ट पते के साथ जुड़ सकता है. और, बहुत संभव है कि मनुष्य की सभ्यता के जारी रहते तक आईपी पतों की कमी नहीं पड़ने वाली.इस नई प्रणाली की आरंभिक जाँच पड़ताल गूगल द्वारा विश्व IPv6 दिवस, 8 जून से शुरू होने जा रही है. तमाम और भी उपक्रम अपने अपने स्तर पर इसकी जाँच परख कर इसका प्रयोग प्रारंभ करने में लगे हुए हैं.परंतु इससे पहले आप अपनी पड़ताल कर लें कि क्या आप तैयार हैं?इसके लिए इस लिंकhttp://ipv6test.google.com/ पर जाएँ.यदि नीचे दिया स्क्रीनशॉट जैसा कुछ आपके ब्राउज़र में दिखता है, तब तो आप तैयार हैं, अन्यथा नहीं.यदि आप तैयार हैं तो बधाई! अन्यथा, अपने सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए बाजार की ओर, भले ही इसकी अभी इतनी इमर्जेंसी न हो, दौड़ लगाने को तैयार रहें.

मेरा देश यारों देखो ऐसे गिरफ़्तार हो गया...

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घूसखोरों और भ्रष्टाचारियों में हर्षोल्लास - एक और खबर.---व्यंज़ल--मेरा देश यारों देखो ऐसे गिरफ़्तार हो गया
भ्रष्टाचार के हाथों ईमान गिरफ़्तार हो गयाकौन भारतीय नेता नहीं है भ्रष्टाचारियों में
इस सवाल पर हर जवाब गिरफ़्तार हो गया कोशिशें तो की थी वैसे मैंने जमाने भर की
भूली बिसरी यादों में मगर गिरफ़्तार हो गयावक्त की बात है ये एक है और वो एक था
वक्त के हाथों मैं यूँ ही गिरफ़्तार हो गयाले के तो गया था रवि भी भाले बरछे तीर
यार की गली में कैसे गिरफ़्तार हो गया--

मेरे लिए, वास्तविक सुंदरता (real beauty) का क्या अर्थ है?

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कुछ अर्थ दे रहा हूं -भारत में -पैसा खिलाने के बाद, किसी का कोई काम सचमुच में हो जाता है. घोर लालफीताशाही के बाद भी कोई प्रोजेक्ट चार के बजाय चौबीस महीनों में सही, जैसे तैसे पूरा तो हो जाता है. कोई अन्ना पैदा हो जाता है. जाम में फंसने के बाद भी जब कोई काम पर समय पर पहुँच जाता है. गर्मी की रातों में, किसी रात, रातभर बिजली गोल नहीं होती. नल में किसी दिन बढ़िया प्रेशर से पांच मिनट ज्यादा पानी आ जाता है. जरूरी समय में किसी नेटवर्क पर किया गया किसी का कॉल ड्रॉप नहीं होता. आपका वायर्ड/वायरलेस इंटरनेट कनेक्शन पूरी रफ़्तार और गति से सप्ताह भर बढ़िया चल जाता है. कहीं जाने-आने के लिए रेल में आरक्षण आसानी से मिल जाता है. एयरपोर्ट पर सिक्यूरिटी चेक पाइंट पर आपका मुस्कुराहटों से स्वागत किया जाता है. किसी प्रॉडक्ट पर बिक्री उपरांत सर्विस भी शानदार मिल जाती है. ट्रैफिक नहीं होने पर भी ऑटो/मिनिबस लालबत्ती जंप नहीं करते, और सिगनल हरा होने का इंतजार करते हैं. किसी सरकारी ऑफिस में कोई बिल जमा करते समय बिना किसी हील-हुज्जत के, आपको पूरा चिल्लर लौटा दिया जाता है. किसी सप्ताह, अखबार में सप्ताह भर  भ…

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