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January, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लाइफ का हाइपर-सिटिआइज़ेशन

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तमाम छोटे-बड़े शहरों में मॉल खुल रहे हैं. कुछ दिनों के बाद गांवों की भी बारी आई ही समझिए. हाल ही में मेरे शहर में एक और मॉल खुला. मॉल के अंदर एक मॉल खुला – हाइपर सिटी. कल कुछ चहलकदमी हाइपर सिटी के भीतर की गई तो कुछ नायाब अनुभव हुए. लाइफ का हाइपर-सिटिआइज़ेशन हो ही गया समझिए. वेजिटेबल सेक्शन में कुछ आयातित फलों को पहली बार देखने-छूने और (बाद में खाने) का आनंद मिला. एक बड़ा ही सुंदर फल दिखा चायनीज़ ड्रैगन : सवाल उठा कि इसे कैसे खाते होंगे? नेट पर एक मनोरंजक, पूरे 8 पृष्ठों का गाइड मिला, जिसका आधी पंक्ति में सार ये था कि काटिए, गूदा खाइए और छिलका फेंक दीजिये! धन्यवाद हाइपर सिटी. बाजारों में अटे पड़े चीन के बने खिलौनों से लेकर कंप्यूटर हार्डवेयर और न जाने क्या क्या इलेक्ट्रॉनिक गॅजेटों पर हाथ आजमाया था. ये चीनी ड्रैगन छूट रहा था. उसका भी स्वाद चख लिया हमने. हाइपर सिटी में ही एक और चीज दिखी. आपने सूखे हुए डोंड़का / गिलकी के सूखे रेशे का प्रयोग स्नान करते समय प्राकृतिक बॉडी स्क्रबर के रूप में शायद किया हो. ये तो लगभग मुफ़्त मिलता है, और साप्ताहिक हाट बाजारों में 2-3 के लिए 5-10 रुपए से …

अपने ब्लॉगर ब्लॉग का मोबाइल संस्करण एनेबल करें

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आजकल लोगबाग ज्यादा से ज्यादा मोबाइल फ़ोनों का प्रयोग इंटरनेट सर्फिंग और ब्लॉगों को पढ़ने इत्यादि में करने लगे हैं. आने वाले दिनों में इसकी संख्या में और भी धुंआधार इजाफ़ा होने वाला है.ऐसे में आपका ब्लॉग धर्म ये कहता  है कि आपको मोबाइल पर ब्लॉग पढ़ने वालों को सुविधाएँ देनी चाहिए. ब्लॉगर ब्लॉग में आपके ब्लॉग के मोबाइल संस्करण को एनेबल करने की सुविधा दी गई है, जिसे आपको एनेबल कर देना चाहिए.क्यों?मोबाइल उपकरण ज्यादातर कम कम्प्यूटिंग पावर वाले होते हैं और उनकी स्क्रीन भी छोटी होती है. जब आप मोबाइल संस्करण एनेबल कर देते हैं तो मोबाइलों पर काम की चीज यानी आपकी पोस्टिंग ही वहाँ दिखाई देगी. बाकी का सारा कचरा - विजेट, साइडबार के बिना काम के लिंक, फ़ोटो इत्यादि लोड नहीं होंगे जिससे मोबाइल में पेज जल्दी भी लोड होगा, नेविगेशन भी बढ़िया होगा और आपका ब्लॉग पोस्ट भी बढ़िया पठनीय होगा.हाँ, एक नुकसान ये हो सकता है कि स्क्रिप्ट युक्त एडसेंस जैसे विज्ञापन नजर न आएं. मगर, फिर आपका प्राथमिक उद्देश्य भी तो यही है न कि लोगबाग आपका लिखा पढ़ें?कैसे करें ?बेहद आसान है. draft.blogger.com में लॉगिन करें. सेटिंग ट…

हिंदी ब्लॉगिंग टिप्स : एक अच्छे हिंदी ब्लॉग को कैसा होना चाहिए?

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अंग्रेज़ी में आपको हजारों लाखों पन्ने अपने ब्लॉग को बढ़िया बनाने की टिप्स देते मिल जाएंगे. प्रोब्लॉगर जैसे ब्लॉगर तो ब्लॉगिंग टिप्स देते-देते नेट के हीरो बन चुके हैं. सवाल ये है कि हिंदी में ब्लॉगिंग टिप्स हेतु मसाला कहाँ से मिले?कविताकोश फेम ललित कुमार ने एक अच्छे  हिंदी ब्लॉग में क्या क्या होना चाहिए और क्या नहीं इसके बारे में सीरीज लिखना प्रारंभ किया है और अब तक वे चार लेख लिख चुके हैं जो धाँसू हैं, अपने आप में परिपूर्ण हैं. मेरे विचार में हर हिंदी ब्लॉगर को इन्हें पढ़ना चाहिए. क्योंकि आलेखों में बहुत सी बातें विशेष तौर पर हिंदी ब्लॉगों से संबंधित कही गई हैं.आलेखों के लिंक हैं -1 आपके अच्छे हिंदी ब्लॉग का रूप रंग और ले-आउट कैसा हो?2 एक हिंदी  ब्लॉगर के तौर पर आपके कितने ब्लॉग होने चाहिएँ? एक दर्जन? दो दर्जन???3 इंटरनेट कभी नहीं भूलता. इसीलिए, अपने ब्लॉग पर क्या लिखें, कैसे लिखें!4 अपने धासूं, हिंदी के एकमात्र सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग का प्रचार-प्रसार करें या न करें?क्या आपका ब्लॉग इन चारों कसौटियों में खरा उतरता भी है?

एक नया ट्विटरिया हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर? ट्विटर के जरिए पढ़ें ताज़ा हिंदी ब्लॉग पोस्टें

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जब तक कि कोई बढ़िया ब्लॉगवाणी-चिट्ठाजगत जैसा हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर नहीं बन जाता, नए ताज़ा हिंदी पोस्टों को खोज-बीन कर पढ़ने की समस्या हिंदी ब्लॉग के पाठकों के सामने बनी हुई है. अपना ब्लॉग शुरू हुआ है, मगर जब तक इसके डाटाबेस में तमाम हिंदी ब्लॉग नहीं जुड़ जाते, इसकी प्रायोगिकता पर विशाल प्रश्नचिह्न लगा ही रहेगा.एक स्वचालित उपक्रम नेटवाइब्स पर यहाँ उपलब्ध है. जिसमें ताजा 500 ब्लॉग पोस्टें संग्रहित रहती हैं. इसे गूगल की स्वचालित ब्लॉग सर्च सेवा की फ़ीड से बनाया गया है.इसी स्वचालित फ़ीड सेवा को ट्विटर के जरिए भी उपलब्ध करवाया गया है. चाहे तो आप इसे फालो कर रीयल टाइम में इसमें प्रकाशित नई ताज़ा हिंदी पोस्टों को पढ़ सकते हैं. या ट्विटर के लिंक पर जाकर ताजा पोस्टों को देख सकते हैं.लिंक है - http://twitter.com/raviratlamiचूंकि यह गूगल की स्वचालित ब्लॉग सर्च के जरिए बनाई गई है, और कुछ की-वर्ड के आधार पर काम करता है, अतः सभी नए ब्लॉग पोस्ट इसमें शामिल नहीं हो पाते हैं. फिर भी, कुछ नहीं से तो थोड़ा ही सही बेहतर है.ऊपर से, ऐसी स्वचालित मुफ़्त की सेवाएँ बहुत दिन नहीं चलतीं. कंपनियाँ सेवाएँ देना शु…

रॉकमेल्ट ब्राउज़र : फ़ेसबुकिया वेब की पराकाष्ठा?

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रॉकमेल्ट सोशियल वेब की दुनिया के लिये बना तंत्रांश नहीं, पूरा का पूरा ब्राउज़र हैलेखकः रविशंकर श्रीवास्तव | January 19th, 2011 लगता है जैसे कि पूरा का पूरा इंटरनेट फ़ेसबुक-मय हो गया हो। सालेक भर पहले दुनिया गूगल-गूगल और ओरकुट-ओरकुट कहते पगलाती थी और साल बीतते न बीतते इंटरनेटिय जनसंख्या पूरी फ़ेसबुकिया गई सी लगती है। और, कोढ़ में खाज यह कि अब तो ब्राउज़र भी फेसबुक-मय हो गया है! रॉकमेल्ट एक ऐसा नया, ताज़ा, बीटा स्वरूप में जारी किया गया ब्राउज़र है जिसे सोशियल ब्राउज़र श्रेणी में रखा गया है। सामाजिक ब्राउज़र की शुरूआत मोजिल्ला आधारित फ्लॉक ब्राउज़र से हुई थी जिसमें ब्राउज़र में ही ब्लॉगिंग की तमाम सुविधाएँ मौजूद थी। रॉकमेल्ट ब्राउज़र एक कदम आगे है। यह गूगल क्रोम ब्राउज़र के आधार पर बनाया गया है, और – जी, हाँ, आपने ठीक समझा – इसमें फ़ेसबुक को सम्मिलित कर दिया गया है।रॉकमेल्ट अभी बीटा संस्करण में जारी किया गया है, परंतु इसे सार्वजनिक प्रयोग के लिए जारी नहीं किया गया है। आपको याद होगा, जब गूगल ने अपना जीमेल जारी किया था तो निमंत्रण के जरिए खाता खोलने का विकल्प दिया गया था। इसी तरह से रॉकमेल्…

लीजिए, पेश है एक नया, ताज़ातरीन और संभावनाओं भरा हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर - अपना ब्लॉग

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चिट्ठा-विश्व, नारद, ब्लॉगवाणी और फिर चिट्ठाजगत की अकाल मृत्यु के पीछे इनका घोर अ-व्यवसायिक होना ही रहा है. मेरे विचार में यदि ये घोर व्यवसायिक होते, अपने सृजकों के लिए नावां कमाकर देने की कूवत रखते और परमानेंट वेब मास्टर रखने, नित नए सपोर्ट व इनफ्रास्ट्रक्चर जुटाने की कवायदें करते रहते तो इनमें सभी में व्यवसायिक रूप से पूर्ण सफल होने की पूरी संभावनाएँ थीं. मैंने कई बार कई फ़ोरमों में इस बात को दमदार तरीके से रखा भी, मगर...बहरहाल, एक नया हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर - अपना ब्लॉग हाल ही में चालू हुआ है और उसमें संभावनाएँ दिख रही हैं. क्यों? क्योंकि इसमें शुरू से ही व्यावसायिकता दिख रही है. अगर यह व्यावसायिक रूप से सफल होगा तो हम सबको मिलेगा बेहतरीन, ढेर सारी सुविधाओं वाला, तेज ब्लॉग एग्रीगेटर.एक निगाह मारने पर यह कुछ कुछ चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी का मिला जुला रूप प्रतीत होता है. मगर साथ ही इसमें ब्लॉग जोड़ने की कुछ शर्तें - जैसे कि पंजीकरण की व अपना ब्लॉग लोगो लगा रखने की शर्तें रखी गई हैं जो बहुतों को नागवार लग सकती हैं और अधिसंख्य गैर-तकनीकी हिंदी ब्लॉगरों के लिए समस्या कारक भी.खैर, जो भी हो आप…

अंकित फ़ादिया कौन? एथिकल हैकर या नॉन-एथिकल साहित्यिक-चौर्य लेखक?

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अंकित फ़ादिया को आप जानते हैं?कितना?आह! इंटरनेट आपको तमाम विश्व में देखते देखते मशहूर कर सकता है तो एक मिनट में आपकी मिट्टी भी पलीत कर सकता है.अंकित फ़ादिया से बढ़िया उदाहरण और क्या हो सकता है?अंकित फ़ादिया ने 14 वर्ष की उम्र में बेस्ट सेलर किताब लिखी थी - अनऑफ़ीशियल गाइड टू एथिकल हैकिंग.इंटरनेट पर छपे ताजा समाचारों को मानें तो, उस किताब में 32 प्रतिशत मसाला इंटरनेट पर उपलब्ध मसालों से हूबहू टीपा गया था.समाचार में यह भी दर्ज है - बाद में अंकित फ़ादिया और मनु जकारिया ने मिलकर एक किताब लिखी - Network Intrusion Alert: An Ethical Hacking Guide to Intrusion Detection जिसका कोई 90 प्रतिशत हिस्सा इंटरनेट पर यत्र-तत्र-सर्वत्र उपलब्ध मसालों से टीपा गया है.नॉन-एथिकल वे टू बिकम एथिकल हैकिंग रायटर?यह मजेदार विवरण यहाँ दर्ज हैं -http://www.pluggd.in/ankit-fadia-ethical-hacker-297/चैप्टर - दर - चैप्टर साहित्यिक-चौर्य कर्म का विवरण यहाँ पर दर्ज है:पहली किताब:http://attrition.org/errata/charlatan/ankit_fadia/unofficial.htmlदूसरी किताब:http://attrition.org/errata/charlatan/ankit_fadia/network_intrusio…

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