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June, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बताओ, कब रिटायर हो जाऊँ?

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एक नेता कभी रिटायर होता है भला? रिटायर तो चपरासी होता है, अफसर होता है. माँ भी रिटायर होती है. बाप-दादा भी रिटायर हो जाते हैं. फौजी तो पंद्रह बरस के शार्ट सर्विस में ही रिटायर हो जाते हैं. मगर नेता? वो भी भारतीय नेता. भारतीय नेता और रिटायरमेंट? कभी नहीं! जनता इनके भाषण सुन-सुन के बोर होकर दुनिया से रिटायर हो जाएगी, वोटर इन्हें वोट दे दे कर रिटायर हो जाएंगे, मगर नेता कभी रिटायर नहीं होंगे.वैसे भी, रिटायर कौन होता है? रिटायर तो वो होता है जो कभी कोई काम करता होता है. जैसे कि किसी सरकारी ऑफ़िस का बाबू. वो भले ही कितनी मक्कारी करे, कितनी ही घूंसखोरी और भ्रष्टाचार करे, मगर उसे ग्यारह से पाँच की साप्ताहिक नौकरी तो बजानी ही होती है. ऑफ़िस की कुर्सी तोड़ने के नाम पर वो भले ही कैंटीन और पान ठेले के चक्कर लगाता रहे, घेले भर का काम न करे, मगर उसके हिस्से में काम तो होता ही है. और उस काम के लिए उसकी अनिवार्य न्यूनतम योग्यता भी होती है.मगर नेता? नेता के लिए कोई काम डिफाइन है क्या? उसकी कोई अनिवार्य न्यूनतम योग्यता निर्धारित है क्या? प्राइमरी कक्षा में सामाजिक विज्ञान के किसी पाठ में पढ़ा था कि नेत…

जो गलती पर गलती करे उसे क्या कहते हैं?

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पिछली चित्रावली को मित्रों ने पसंद किया. संग्रह से कुछ और छांट कर टिकाता हूं -शिक्षा रोजगार का अधिकार जन्म-सिद्ध अधिकार है -1शिक्षा रोजगार का अधिकार जन्म-सिद्ध अधिकार है -2आइए, कुछ गुस्ताख़ी करें…पार्किंग में पलती जिंदगी…हे! ईश्वर!! इतने विशाल!!!सरकारी हिफ़ाजत बयाँ करती है कि खंडहर कितनी बुलंद थी…धूप घड़ी, जल घड़ी, रेत घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी तो देखी थी, पर ये चटाई घड़ी…ज्योतिर्मातमसोगमय: …पिटारे में और भी हैं, सो फिर कभी…

ये तो बड़ा बेदम तनाव है…

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कपड़े. कपड़े हम सभी को तनाव देते आ रहे हैं. शिशु को देखिए. उसे उसका लंगोट पहनाने की कोशिश करिए. वो लंगोट न पहनने के लिए जमीन आसमान एक कर देगा. उसे झबला पहनाने जाइए तो झबला उसका नंबर एक का दुश्मन होगा और वो हर संभव कोशिश करेगा कि आप उसे उसका दुश्मन झबला न पहना पाएँ. जबर्दस्ती पहना देने के बाद वो उसे खींच तान कर उतार देने या फाड़ देने की नाकाम कोशिश करता फिरेगा. कपड़ों के द्वारा मनुष्यों को तनाव देने का सिलसिला इस तरह से मनुष्य के शिशु काल से ही चालू हो जाता है.इधर पालक भी शिशु को कपड़े के नाम पर तनाव देते फिरते हैं. यदि लड़का है तो उसे फ्रॉक पहनाएंगे. गुलाबी, पीले, हरे परिधानों के साथ रिबन और हैट पहना देंगे. यदि लड़की है तो शिशु के शरीर में पैंट और टी शर्ट फंसा देंगे. शिशु को समझ आए या न आए, पालकों को शिशु का फैशन समझ में आना चाहिए. उसे बाजार का लेटेस्ट फैशन और चलन युक्त परिधान तो पहनाना ही होगा न! नहीं तो केयरिंग पालक कैसे कहलाएंगे भला!शिशु के किशोरावास्था तक पहुँचते पहुँचते समझ में यह आ जाता है कि पालक किस तरह से उसके कपड़ों के नाम पर तनाव में खुद रहते थे और उसे कैसे तनाव में रखते थे…

ये कम्फर्ट स्टेशन क्या होता है?

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पिछले दिनों इधर उधर किंजरते हुए कुछ दिलचस्प चित्र खींचे. चंद आपकी नजर पेश हैं -जनाब, आपका ध्यान किधर है? कम्फर्ट स्टेशन इधर है !ये गेयर है या बैठने का स्टूल? वन ऑफ द ग्रेटेस्ट एक्जाम्पल ऑफ द ग्रेट भारतीय जुगाड़ -एक नंबर प्लेट जो क्या कुछ नहीं कहता…प्राचीन फैशन परिधान? नहीं, सजा का परिधान -हर्ले डेविडसन भारत में?हर्ले डेविडसन का एक और मॉडल-ये तो लेटेस्ट मॉडल का यामाहा रेसिंग बाइक है, शर्तिया.केले-केले, तेरे कितने रूप कितने रंग?तस्वीरें तो और भी हैं, मगर पेज लोड की समस्या होगी, अतः फिर मिलते हैं एक अल्प-विराम के बाद.

इंडली को ब्लॉगर ब्लॉग में कैसे जोड़ें?

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· अपने ब्लॉग में इंडली वोटिंग विजेट लगाकर आप अपने पाठकों को आपके पोस्ट को इंडली में साझा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपने ब्लॉग टैम्प्लेट में एक छोटा सा कोड जोड़ना होगा. यह बेहद आसान है. चरण दर चरण विवरण निम्न है -· blogger.com में लॉगिन करें तथा अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड में जाएँ.· डिजाइन पर जाएँ तथा एडिट एचटीएमएल पर क्लिक करें.
· यहाँ पर आप अपने ब्लॉग का ब्लॉग टैम्प्लेट कोड देख सकते हैं. यहाँ पर आपको इंडली वोटिंग विजेट का जावा स्क्रिप्ट जोड़ना होगा. इसके लिए एक्सपांड विजेट टैम्प्लेट चेक बक्से पर क्लिक करें.
· अब एचटीएमएल कोड में <data:post.body/> को ढूंढें. जैसा कि ऊपर चित्र में पीले घेरे में दिखाया गया है. इस कोड के ठीक नीचे ही नीचे दिया गया कोड कॉपी पेस्ट कर दें.<!-- indli code -->
<script type='text/javascript'> button=&quot;hori&quot;; lang=&quot;hi&quot;; submit_url =&quot;<data:post.url/>&quot; </script> <script src='http://hi.indli.com/tools/voteb.php' type='text/javascript'/>�…

इंडली – देसी डिग का अवतार – क्या ये ब्लॉगवाणी चिट्ठाजगत् का विकल्प हो सकता है?

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मैं बहुत अरसे से कहता आ रहा हूँ कि जब लाखों की संख्या में हिन्दी चिट्ठे होंगे, तो ब्लॉगवाणी व चिट्ठाजगत् का वर्तमान अवतार हमारे किसी काम का नहीं रहेगा. ऐसे में डिग, स्टम्बलअपॉन जैसी साइटें ही कुछ काम-धाम की हो सकेंगी. इंडली हिन्दी का पदार्पण ठीक ऐसे समय में हुआ है, जब चहुँओर से हिन्दी चिट्ठों की बाढ़ आ रही है, और जनता ब्लॉगवाणी तथा चिट्ठाजगत् के वर्तमान स्वरूप से ऊब रही है. हिन्दी चिट्ठों की बाढ़ की यह गति अभी और बढ़ेगी, तथा आने वाले वर्षों में इसमें और त्वरण आएगा.वैसे, देखा जाए तो कई मामलों में इंडली पूरी तरह से डिग की कार्बन कॉपी प्रतीत होती है. इसमें आप किसी ब्लॉग प्रविष्टि, समाचार, किसी साइट का कोई विशिष्ट पेज इत्यादि इत्यादि (यानी मामला सिर्फ ब्लॉगों तक सीमित नहीं है, परंतु यहाँ अधिकांशतः ब्लॉगों की दुनिया ही रमेगी) को जमा कर सकते हैं. किसी प्रविष्टि को कई – कई मर्तबा कई – कई प्रयोक्ताओं द्वारा जमा किया जा सकता है तथा उस पर बहस की जा सकती है. यदि कोई प्रविष्टि आपको लगता है कि इंडली पर आने व प्रदर्शित होने के काबिल नहीं है तो आप उसे गाड़ सकते हैं – यानी नापसंद कर सकते हैं. यह सुवि…

एम एस ऑफ़िस 2010 के विजेताओं को बधाई!

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इस ब्लॉग में पिछले दिनों एक आसान सी प्रतियोगिता रखी गई थी जिसमें दो विजेता पाठकों को एम एस ऑफ़िस 2010 का जेनुइन होम स्टूडेंट संस्करण सीधे माइक्रोसॉफ़्ट द्वारा प्रदान किया जाना था.प्रतियोगिता के नतीजे आ गए हैं.प्रतियोगिता के विजेताओं को चुनने का काम हमारे प्रिय जादू जी को दिया गया था, जिसे उन्होंने बख़ूबी निभाया. तो, इस तरह से जादू जी का यह पहला आधिकारिक कार्य हो गया है.जादू जी ने अपना काम बखूबी निभाया. नीचे चित्र में देखें जादू जी काम करते हुए -जादू जी को ढेर सारा धन्यवाद और प्यार.और, अब दिल थाम लीजिए. पुरस्कृतों की घोषणा होने वाली है.पर, पहले छींटें और बौछारें के तमाम पाठकों का दिली शुक्रिया तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले तमाम प्रतिभागियों का भी दिली शुक्रिया.जादू जी ने दो चिट निकाले जिनमें राजेन्द्र जी तथा सोनिया जी का नाम निकला, लिहाजा उन्हें ये पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं.राजेन्द्र जी तथा सोनिया जी को बधाईयाँ.विजेताओं से आग्रह है कि शीघ्र ही वे मुझे मेरे ईमेल पते – raviratlami@gmail.com पर अपना भारत का पोस्टल पता (शिपिंग एड्रेस, जहाँ यह सॉफ़्टवेयर भेजा जाना है) भेजें ताकि उन्ह…

तलाक आसान है मगर शादी मुश्किल...

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किसी न किसी एक चीज को तो आसान होना ही था. या कहें कि करना ही था. ये क्या कि शादी मुश्किल और यदि एक बार फंस गए तो तलाक महा मुश्किल. अपने देश में शादी-ब्याह की मुश्किलों का ये हाल है कि पहले तो आप धर्म-जाति मिलाएँ, फिर कुण्डली मिलाएँ, फिर शिक्षा-दीक्षा, परिवार और गोत्र मिलाएँ. ये सब मिल गया तो दहेज की रकम मिलाएँ. तब ले देकर कहीं शादी हो पाती है. यहाँ तो बच्चा पैदा होता है और मां-बाप की खुशी दूसरे दिन से ग़ायब हो जाती है चूंकि फिर उसे अपने बच्चे के विवाह की चिंता सताने लगती है. बचपन से वो अपने बच्चों के अच्छे और बढ़िया विवाह के सपने बुनते रहता है. माएँ, दादियाँ अपने बेटों बेटियों यानी भावी वर-वधुओं के लिए गहने कपड़े गर्भस्थ शिशु के समय से ही जुटाना चालू कर देती हैं. इसके बावजूद कई सपने टूट जाते हैं कई बिखर जाते हैं और कई में ट्विस्ट आ जाता है. इधर, विवाह में मामला प्रेम प्यार का हो तो दो खानदान के प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर धर्म-जाति और गोत्र-खाप-पंचायत सब बीच में चले आते हैं. कुल मिलाकर मुश्किल ही मुश्किल. ऊपर से आजकल – धन्य है अल्ट्रासाउंड स्कैन का – लड़कियों का चहुँओर अकाल होने लगा है. ऐ…

किसी भारतीय ब्लॉग का पहला (?) ज्ञात अखबारी विज्ञापन

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आज दैनिक भास्कर भोपाल संस्करण के अंतिम पृष्ठ पर अखबार की पूरी चौड़ाई में एक भारतीय ब्लॉग का चकाचक विज्ञापन छपा है. फोटो पर ग़ौर फरमाएँ -जागो जागो जागो – अटेंशन – आल आईआईटी जेईई एस्पायरेंट्स एंड पैरेंट लॉग-आन जनजागृतिकानपुर.ब्लॉगस्पॉट.कॉमसाइट पर जाने से कलई खुल जाती है-नहीं?कुछ प्रविष्टियाँ तो भविष्य की हैं – जुलाई 2010 की!पर, अगर समाचार सत्य है, तो विज्ञापन निश्चित ही किसी प्रतिद्वंद्वी कोचिंग सेंटर द्वारा प्रायोजित होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता. जो भी हो, ब्लॉग-जगत् की महत्ता लोगों को दिन-ब-दिन समझ में आ रही है, अन्यथा इसी अखबारी विज्ञापन में वही बात छपवाई जा सकती थी जो ब्लॉग में बड़े और बोल्ड अक्षरों में कही गई है!

लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 14 – परिशिष्ट – जरूरी लिंक और कड़ियाँ

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पिछले अध्याय 13 से जारी…अध्याय 14 परिशिष्टपरिशिष्ट 1: लिनक्स कड़ियाँलिनक्स संबंधी जानकारियों के लिए दो महत्वपूर्ण साइटें –http://linux.org तथाhttp://linux.comलिनक्स कर्नेल की आधिकारिक साइट –http://kernel.orgलिनक्स उपयोग संबंधी दस्तावेज़ीकरण साइट – द लिनक्स डाक्यूमेंटेशन प्रोजेक्ट – जहाँ लिनक्स प्रयोग संबंधी तमाम छोटी से छोटी व बड़ी से बड़ी जानकारियाँ उपलब्ध हैं –http://tldp.orgलिनक्स के सैकड़ों अनुप्रयोगों व नए नए प्रोजेक्टों का डाउनलोड स्थल – फ्रेशमीट व सोर्सफोर्ज :http://freshmeat.nethttp://sf.netलिनक्स में प्रयोग के लिए तमाम प्रोग्रामों के डाउनलोड योग्य आरपीएम पैकेजों की सूची –http://rpmfind.net/लिनक्स संबंधी तमाम प्रश्नों के उत्तर प्रदान करने वाली साइट –http://linuxquestions.orgलिनक्स संबंधी समाचारों के लिए साइट –http://slashdot.orghttp://linuxcentral.orghttp://internet.comभारतीय लिनक्स पत्रिका – लिनक्स फ़ॉर यू की साइटhttp://www.lfymag.com/index.asp?id=13अंतर्राष्ट्रीय लिनक्स जर्नल –http://linuxjournal.comलिनक्स पर ताज़ा समाचार, विचार इत्यादि की साइट –http://linuxworld.comलिनक्स प…

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