टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

2010

krutidev typing tool
पंकज ने यहाँ पर बताया कि -

हिन्दी टाइपिंग मे kruti dev प्रकार से remington टाईपिंग के लिये हमने इंटरनेट पर सामान्य रुप से मिलने वाले की बोर्ड मे कई सुधार किये है |
इसे आप
http://www.krutidevunicode.com/   पर प्रयोग कर सकते है |

मैंने तत्काल ही थोड़ी जांच-परख की, और दन्न से एक प्रश्न उन्हें दागा -


धन्यवाद. पर क्या इस टाइपिंग टूल को विंडोज पर इंस्टाल योग्य बनाया जा सकता है?
दूसरी बात, आम कृतिदेव में छोटी ई की मात्रा पहले लगती है. तो क्या इस टाइप सीक्वेंस को भी बदला जा सकता है?
जवाब में पंकज ने बताया -
१. चुंकि यह ब्राउज़र बेस्ड है, इसलिये आप इसे विन्डोज़ मे आसानी‌ से इस्तेमाल कर सकते है | हमने इसे डेस्कटाप पर install करने के विषय में तो अभी‌ कोइ निर्णय नही‌ लिया है |
२. जी बिल्कुल, यह छोटी ई की मात्रा पहले लगने की‌ विधि का सम्मान करता है | आप ट्राई कर सकते है |
३. यह रेफ़ का भी सम्मान करता है जैसे कि "वर्ष" मे |
४. कुछ और कठिन शब्द जैसे कि, उदाहरण के रुप में आप "विच्छिन्न" को ट्राइ करे |
 
और मैंने इसे थोड़ा और जाँचा परखा तो पाया कि यह अब तक कहीं भी उपलब्ध रेमिंगटन (कृतिदेव) कुंजीपट से ज्यादा बेहतर है. वैसे तो माइक्रोसॉफ़्ट के इंडिक आईएमई, बरह तथा ब्लॉगवाणी के इंडीनेटर, व रमण कौल के औजार इत्यादि तमाम विकल्पों में कुछ न कुछ खामियाँ रहती ही हैं - जैसे कि यह छोटी ई की मात्रा वाली बात, जो इस औजार में नहीं हैं.
तो जो बंधु कृतिदेव 010 के अभ्यस्त हैं वे इसका प्रयोग कर देखें और कोई कमी-बेसी उन्हें नजर आए तो पंकज को होशियार करें.
इस ऑनलाइन औजार को यहाँ से चलाएँ -
http://www.krutidevunicode.com/ 

अद्यतन - इसका ऑफलाइन डेस्कटॉप संस्करण भी तैयार हो चुका है जिसे आप डाउनलोड कर इंस्टाल कर चला सकते हैं.



या फिर, कितने फेसबुक एकाउन्ट खोले गए.

या कितने लोगों ने यू-ट्यूब वीडियो देखे?

और इसी तरह की इंटरनेट गतिविधियों के मजेदार आंकड़ों को स्वचालित रूप से अद्यतन करने का एक उतना ही मजेदार ऑनलाइन उपकरण बनाया है गैरी हैस ने. नीचे देखें प्रति सेकण्ड बदलते आंकड़े. आंकड़ों की विश्वसनीयता पर गैरी का कहना है कि उन्होंने बहुत खोजबीन और शोध कर ये ट्रैंड जुटाए हैं और वे इनमें नित्य परिवर्तन भी करते रहते हैं ताकि आंकड़े ताजा रहें.

अरे बाप रे! जब तक आपने इस जरा से आलेख को पढ़ा इतने में 7000 से अधिक पोस्टें प्रकाशित हो गईं! अब आप भी क्या पढ़ें और क्या छोड़ें!

bsnl hungama (Mobile)

क्या आप संगीत प्रेमी हैं? क्या आप सोते-जागते-उठते-बैठते संगीत सुनते हैं? यदि हाँ, तो क्या आपने अनुभव किया है कि आपके द्वारा सुने जाने वाले संगीत की क्वालिटी कैसी है? और, क्वालिटी की बात करें तो आप सांग्सपीके जैसी साइटों से फोकट में अवैध तरीके से डाउनलोड किए या फुटपाथ से बीस रुपए में खरीदे गए आठ सौ गीतों की अवैध डीवीडी के सड़ियल क्वालिटी के एमपी3 गाने सुन-सुन कर या अपने तथाकथित बेहद लोकप्रिय हाईफाई क्वालिटी के संगीत बजाते एफएम चैनल के चंद चुनिंदा प्रोमो गानों को दिन में पच्चीस बार सुन कर बेहद बोर हो चुके हैं? यदि हाँ, तो अब आप इनसे निजात पा सकते हैं। आपके लिए सुखद समाचार है।

भारत के दूरसंचार क्षेत्र की सरकारी कंपनी बीएसएनएल का एक संगीतमय पोर्टल है बीएसएनएल.हंगामा.कॉम। यह साइट संगीत प्रेमियों की तमाम मुश्किलों का हल निकालने को प्रतिबद्घ प्रतीत होती है। आइए देखें कि बीएसएनएल.हंगामा में आखिर है क्या?

बेहतर क्वालिटी संगीत ही क्यों?
ऑडियो सीडी में जो संगीत होता है वो संपूर्ण गुणवत्ता युक्त फॉर्मेट में रहता है। एक सीडी में आमतौर पर घंटे भर का संगीत आ सकता है, मगर इसी घंटे भर के संगीत की ऑडियो फाइल को संपीड़ित कर एमपी3 फॉर्मेट में बदल दिया जाता है तो एक सीडी में दस घंटों से भी अधिक का संगीत भरा जा सकता है।

आमतौर पर बाजारों में सस्ते डीवीडी-सीडी जिसमें सैकड़ों गाने भरे रहते हैं, एमपी3 फाइल फॉर्मेट में ही होते हैं और एक ही सीडी में ढेरों गीत ठूंसने के चक्कर में उनके फाइल आकार छोटे कर दिए जाते हैं और गीतों को कम बिटरेट पर कन्वर्ट करा जाता है, जिससे आपको नए गीत भी साठ के दशक के मोनो संगीत की तरह सुनाई देते हैं।

संगीत के बारीक व इंस्ट्रुमेंटल डिटेल तो अमूमन ऐसे एमपी3 गीतों में गायब ही रहते हैं, भले ही गीतों को अधिकतम बिटरेट पर कन्वर्ट किया गया हो क्योंकि एमपी3 फॉर्मेट ही ऐसा है जो ऑडियो क्वालिटी की गुणवत्ता को खराब कर देता है। हालांकि एमपी3 फाइल फॉर्मेट बेहद प्रसिद्ध है और आने वाले समय में इसकी प्रसिद्धि व प्रयोग में कोई कमी नहीं आने वाली क्योंकि वैसे भी संगीत सुनने वाला बहुत बड़ा तबका ऐसा है जिसे गीतों की क्वालिटी से कोई लेना-देना नहीं होता।

एमपी3 फॉर्मेट की गुणवत्ता संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए ऑडियो फाइल संपीड़ित करने के अन्य फाइल फॉर्मेट OGG तथा डब्ल्यूएमए इत्यादि बनाए गए हैं जो आपको संगीत की उसकी संपूर्णता में आनंद दे सकते हैं.  आगे पूरा आलेख यहाँ पढ़ें >>>

windows live writer hindi spell check 3

विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँचक की बड़े समय से मांग थी. विंडोज़ लाइव राइटर ऑफ़लाइन प्रयोग हेतु ब्लॉगिंग का एक बेहतरीन, बेजोड़ प्रोग्राम है. माइक्रोसॉफ़्ट ने बीच में इसका एक संस्करण हिंदी वर्तनी जाँच युक्त निकाला तो था, मगर वो चला नहीं. अभी भी हिंदी वर्तनी जाँच की सुविधा विंडोज़ लाइव राइटर के नए, हिंदी संस्करण में भी नहीं है.

आपके लिए विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँच की सुविधा जोड़ने के लिए एक तोड़ या जुगाड़ है. वैसे ये परिपूर्ण या सही जुगाड़ नहीं है, क्योंकि ये आपको गलत वर्तनी के विकल्प नहीं दे सकेगा. साथ ही इसका शब्द भंडार भी उतना विस्तृत नहीं है. मगर फिर भी, यदि आप लगातार और जल्दबाजी में लिखते हैं, और विंडोज़ लाइव राइटर का प्रयोग करते हैं तो यह आपकी प्रविष्टियों के शब्दों में यदि ये समझेगा कि कुछ गलत वर्तनी घुस आई है, तो उन्हें लाल रंग से रेखांकित कर देगा. जिससे आपको अपनी वर्तनी सुधारने में मदद मिल सकती है.

हाँ, आप बारंबार प्रयोग में आने वाले सही हिंदी वर्तनी वाले शब्दों को जो इसके डाटाबेस में नहीं हैं, बाकायदा इसमें जोड़ सकते हैं, उस शब्द पर दायाँ क्लिक कर उपलब्ध मेन्यू से.

कैसे करें?

इस फ़ाइल User.dic को यहाँ से डाउनलोड करें और अपने विंडोज़ लाइव राइटर के डिफ़ॉल्ट User.dic से बदल लें. बस.

विंडोज़ लाइव राइटर का डिफ़ॉल्ट User.dic विंडोज़ के अलग अलग संस्करणों के हिसाब से अलग डिरेक्ट्री में हो सकता है. यह विंडोज़ 7 में कुछ इस तरह होता है -

D:\Users\RAVI\AppData\Roaming\Windows Live Writer\Dictionaries

यहाँ पर RAVI यूजर नेम है.

हैप्पी ब्लॉगिंग - करेक्टली!

***

डिस्क्लेमर - इस वर्तनी डाटाबेस को बीबीसी जैसी हिंदी की लोकप्रिय और आमतौर पर ठीक-ठीक वर्तनी की साइटों में उपलब्ध हिंदी शब्दों के डाटाबेस से तैयार किया गया है अतः वर्तनी की अशुद्धियाँ संभावित हैं क्योंकि इन्हें मैनुअली प्रूफरीड नहीं किया गया है. अलबत्ता, आम प्रयोग के लिए आमतौर पर प्रयोग में लेने लायक वर्तनी जाँचक है जिसमें 23 हजार से अधिक शब्द संकलित हैं.

एक उदाहरण ऊपर मेरे इस ब्लॉग पोस्ट का है तथा एक और उदाहरण आज प्रकाशित मानसिक हलचल की ब्लॉग प्रविष्टि से -

windows live writer hindi spell check 2

दीवार पर लिखी कुछ दिलचस्प इबारतें और मजेदार कतरनें.

महिलाओं के लिए कोई परेशानी हो तो हमसे संपर्क करें...???

mahila ki pareshani

 

शादी से पहले और शादी के बाद....

shaadi ke pahale aur shadi ke baad

 

सबसे बड़ा रुपैया भइए, सबसे बड़ा रुपैया...

rupiya sabse bada

 

एक पति का पश्चाताप : माफ़ कीजिए हुजूर, आप बात बात पर माफ़ी मांगते हैं या नहीं?

pati ka paschyatap

 

हम भारतीय बड़े स्वउपकारी :

paroopkari bharitya

 

एंटी स्लिमिंग ड्रग का प्रचार तंत्र:

anti slimming

 

हममें तो कतई नहीं. आपमें?

ias officer kaun

 

सिर्फ सड़क हादसों की? और दुनिया में तमाम हादसे होते हैं उनकी?

haadse aur sunhdariyan

 

इंटरनेट की माया क्या आपको भी भाया :

internet ki maya

 

और, इतालवी गाने राष्ट्रीय चैनल पर?

itailan songs on indian FM

 

जनता का मालिक कौन?

janta ka malik

 

और मंत्रिमंडल में कीड़े मंत्री!

keede wala namkeen aur keede mantree

 

तो, मंत्रियों के लिए आखिर तय क्या है?

kya taya hai mantriyon ke liye

 

वाइफ इज आलवेज राइट :

patni hi boss hai yaar

 

शुद्ध भाषा के प्रेमी कहाँ हो कहाँ हो :

pure bhasha waale kahan ho

 

कण कण में भगवान:

mandir ka charter

 

मियाँ की जूती मियाँ के सर:

mahila aur mahila ki jooti

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titan eye plus 2

कंप्यूटर स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने के फलस्वरूप जब मेरे चश्मे के पुराने नंबर ने काम करने से पूरी तरह मना कर दिया तो अंततः मॉनीटर को उसके रहमोकरम पर छोड़ कर बाजार की ओर रूख करना ही पड़ा.

चौराहे पर टाईटन आई+ के विशालकाय पोस्टर पर अनायास नजर पड़ गई जिसे इरादतन अनायास नजर पड़ने के लिए ही वहाँ लगाया गया था. आपकी आँखों के लिए नवीन तकनॉलाज़ी के बेहतरीन चश्मे – टाइटन आई+.

अरे! यही तो मुझे लेना था और इसी की तलाश में मैं निकला था. जगमगाते शोरूम में पहुँच कर एक चमचमाता फ्रेम भी पसंद किया क्योंकि पुराने नीले पड़ चुके फ्रेम का विशेष किस्म का स्क्रू भी यू-ट्यूब वीडियो को स्पष्ट रूप से देखने के चक्कर में कहीं गिर चुका था - बार बार चश्मे को पोंछना जो पड़ता था.

नंबर आदि की जाँच के बाद लैंस के कांचों की कई-कई किस्में बताई गईं. अब अपनी आँखों का खयाल तो रखना ही था सो एक अच्छे कांच को चुना गया. बिल आम बाजारी चश्मे से कई गुना आ रहा था, मगर नाम का टैग टाइटन आई+ भी तो लगा था (ग़नीमत टैग रे-बैन या पोलराइड नहीं था)

चश्मे की डिलीवरी कोई सात दिन बाद देने की बात कही गई. पूछने से ज्ञान में वृद्धि हुई कि चश्मे के लैंस बैंगलोर लैब से आते हैं. यानी जल्दबाजी में चश्मा बनवाना हो तो टाइटन आई+ की ओर कतई निगाहें न करें.

एक हफ़्ते बाद चश्मा आया तो लगाकर पढ़ने में थोड़ा अजीब लगा. आमतौर पर नया नंबर सेट होने में कुछ वक्त आँखों को लगता ही है.

मगर यहाँ तो बात ही दूसरी थी.

यहाँ पर मेरे बाइफ़ोकल चश्मे में पढ़ने वाले लैंस में रेड (केसरिया) कलर ब्लीड हो रहा था. इसे समझाने के लिए एक चित्र की सहायता लेनी पड़ेगी. मुझे एक सामान्य पाठ का श्वेत-श्याम अक्षर कुछ इस तरह नजर आ रहा था -

titan i plus

मैंने अपनी समस्या बताई. पहले तो स्टाफ मानने को तैयार नहीं था. पर जब मैंने अपनी बात दृढ़ता-पूर्वक रखी तो मान लिया गया और कहा कि लैंस को बैंगलोर भेजकर टेस्ट/ठीक करवाएँगे. इस काम में पूरा एक महीना लग गया.

महीनेभर बाद दोबारा जब लैंस (तथाकथित रूप से) वापस ठीक कर आया तो जाँच में फिर वही ढाक के तीन पात. यानी समस्या बाल बराबर भी सुलझी नहीं. सेल्स पर्सन का कहना है कि यह समस्या पहली और यूनीक है. मैं भी कहता हूँ कि हाँ, ये यूनीक ही है क्योंकि अब तक मैंने दसियों चश्मे पहने उनमें ऐसी समस्या नहीं थी यहाँ तक कि उनके यहाँ आईटैस्टिंग किट के लैंसों में भी नहीं!

अब दोबारा लैंस को बदलने के लिए भेजा गया है. शायद इस बार कोई दूसरी क्वालिटी का लैंस लगाया जाएगा, अथवा लैंस में की गई विशेष कोटिंग हटाई जाएगी.

मैंने अपनी समस्या टाईटन आई+ की साइट पर भी दर्ज करवाई. मगर, आश्चर्य की बात कि वहाँ से न तो कोई प्राप्ति स्वीकृति ही आई और  न ही कोई जवाब!

है न नाम आई प्लस और काम आई-माइनस ?

chooran by harsh chhaya

टेलिविजन और फ़िल्म के लोकप्रिय कलाकार हर्ष छाया अपने रोजमर्रा के अनुभवों को जीन्सगुरू नामक ब्लॉग पर कमाल के ब्लॉग पोस्टों में परिवर्तित करते रहे हैं. उनकी एक पोस्ट

...96 घन्टे और 4 बातें...

को चिट्ठाचर्चा में

मामू.. आई लव्ड दिस वन रे… क्या लिखते हैं आप…! 

नाम से टीपा गया था. इस पोस्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी लेखनी कितनी कमाल की है और वे कितनी भावपूर्ण, रोचक अंदाज में लिखते हैं.

हर्ष छाया ने अपनी उन्हीं पोस्टों में से चंद चुनिंदा तथा अपने अन्य और भी अनुभवों को संकलित कर एक किताब की शक्ल दी है. जिसका नाम है चूरन. चूरन प्रस्तुत करते हुए वे लिखते हैं -


जी हाँ...चूरन…. कुछ खट्टा  कुछ मीठा कुल मिलाकर चटपटा...मेरे ये संस्मरण, कहानियाँ और किस्से, अगर आपकी किसी याद, किसी किस्से को या किसी  भावना को "कोहनी" करें और कुछ देर के लिये आपको अपनी ही दुनिया  में ले जाये तो मुझे मेरा प्रयास सफल होने की बेहद खुशी होगी...

इसे आप कहीं से भी पढ़ना शुरू कर सकते हैं ।  जो अध्याय खुल जाए वहीं से यह  किताब शुरू होती है..वैसे अगर आप  चाहें तो पहले पन्ने से भी शुरूआत कर सकते हैं.

 हिंदी ब्लॉग पोस्टों को किताबी शक्ल देने के कुछ प्रयास पहले भी हुए हैं. परंतु कमर्शियल स्तर पर वृहद रूप में बाकायदा प्लानिंग कर प्रकाशित करने का यह प्रथम प्रयास माना जाना चाहिए.

हर्ष छाया के हिंदी ब्लॉग पोस्टों के संकलन की किताब चूरन की कीमत बेहद वाजिब है और मात्र 150 रुपए में इसे खरीदा जा सकता है. 200 रुपए में किताब चूरन घर बैठे मंगवाई जा सकती है (कैश ऑन डिलीवरी). अधिक विवरण के लिए यहाँ देखें - http://www.harshchhayaworld.com/html/feedbk_cntct.html

हर्ष छाया को बधाई व शुभकामनाएँ. उनके दर्जनों किस्म की चूरनें जल्द निकलें  और वे सब की सब बेस्ट सेलर हों.

यापा बैंड जर्मनी के चार युवा दोस्तों का है, जिनमें एक तीन गिटार बजाने वाले हैं और एक ड्रमर. वे पेरिस के पास के एक गांव के स्कूल के दिनों से साथ में बजाते आ रहे हैं. इनके अब तक तीन एलबम क्रानिक्स द एन्दो, कैन आई टाक टू यू और पारी-वागा आ चुके हैं और चौथे की तैयारी है. यापा को आप फ़ेसबुक में यहाँ पर पा सकते हैं.

कल उनका लाइव परफ़ार्मेंस था जो इतना जीवंत और शानदार था कि प्रेक्षकों ने खड़े होकर ताली बजाते हुए, दो घंटे के नॉन-स्टाप कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद भी दोबारा संगीत सुनने की मांग की जिसे बैंड ने प्रसन्नतापूर्वक स्वीकारा और प्रेक्षकों का मान रखा.

यापा अपनी धुनें जमीन से जुड़कर बनाते हैं. वे विश्वभर में गांव गांव देश देश घूमते हैं और वहाँ रह कर स्थानीय संगीतकारों से संगीत सुनते हैं और उसे फिर फ़्यूजन से अपनी धुनें बनाते हैं, जो बेहद नशीली होती है.

एक बार का वाकया उन्होंने बताया कि एक बार वे जीवित ज्वालामुखी देखने गए. ज्वालामुखी के अंदर का लाल पिघलता लावा का सुंदर मनमोहक दृष्य उन्हें इतना भाया कि वे सारे दिन वहीं पड़े रहे और वहीं एक धुन भी तैयार कर ली जो बेहद लोकप्रिय रही.

यापा बैंड की एक प्रस्तुति आप भी देखें नीचे दिए गए यूट्यूब वीडियो पर. यदि आपको बैंड पसंद आया हो तो इसकी कुछ अन्य धुनें  यहाँ लगाई जा सकती हैं.

अपनी वर्ड, एक्सेल, पॉवर प्वाइंट फाईलें फेसबुक मित्रों से साझा करें

Docs.com

मारी कंप्यूटिंग की दुनिया तेजी से क्लाउड की ओर अग्रसर है – मतलब ये कि वो पूरी तरह ऑनलाइन होने जा रही है। इसके प्रत्यक्ष प्रमाण रूप में जब माइक्रोसॉफ़्ट ने अपने ऑफ़िस सूट 2010 (जिसमें तमाम आफिस तंत्राँश जैसे कि वर्ड, एक्सेल, पॉवर प्वाइंट आदि शामिल होते हैं) को जारी किया तो उसमें न केवल ऑनलाइन दस्तावेज़ों के संपादन व साझा करने की सुविधा मुहैया कराई बल्कि ऐसे प्रयोक्ताओं के लिए जो ऑफ़िस सूट ख़रीद कर प्रयोग करने की कतई श्रद्धा नहीं रखते थे, डॉक्स.कॉम-बीटा नाम से ऑफ़िस सूट 2010 का ऑनलाइन संस्करण भी फ़ेसबुक के रास्ते जारी किया।

हालांकि माइक्रोसॉफ़्ट फ्यूज लैब्स द्वारा जारी डॉक्स.कॉम अब अभी अपने बीटा संस्करण में ही है और इसमें संपूर्ण ऑफ़िस सूट की सुविधाएँ शामिल नहीं की गई हैं, मगर इस पर त्वरित नजर डालने से इसकी संभावनाओं सुविधाओं के बारे में मालूमात किए जा सकते हैं और ये भी कयास लगाए जा सकते हैं कि भविष्य में क्लाउड कंप्यूटिंग का बिज़नेस मॉडल किस तरह आकार ग्रहण करेगा। यकीनन व्यक्तिगत या घरेलू प्रयोग करने वाला प्रयोक्ता आने वाले समय में बेहद फायदे में रहेगा क्योंकि उसे भारी भरकम राशि खर्च कर महंगे सॉफ़्टवेयर उत्पाद खरीदने नहीं पड़ेंगे। आमतौर पर सभी प्रमुख ऑनलाइन उत्पाद उसे मुफ़्त या अत्यंत किफायती कीमतों में और पूर्णतः कानूनी तरीके से हासिल होंगे। पर्सनल कंप्यूटिंग >>> (पूरा आलेख पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें)

चहुँओर पर्यावरण रक्षा के संदेशों के बीच जब जनता जागृत हो गई तो उसने दस्तावेज़ों के प्रिंट आउट लेना एक तरह से बंद ही कर दिया. टोनर इंक की घटती डिमांड से परेशान निर्माता ने अपने सेल्समैनों से कहा – डिमांड बढ़ाओ या खुद नौकरी छोड़कर बढ़ जाओ.

एक नॉट सो ब्रिलिएंट सेल्समैन के दिमाग में एक बत्ती तब जली जब वो नौकरी न रहने की स्थिति में वापस अपने गांव जाने का प्लान कर रहा था.

वो अपनी प्लानिंग बीच में छोड़-छाड़कर अपने मैनेजर के पास भागा. उसे अपना आइडिया बताया -

“सर, टिकट के प्रतिदिन औसतन दस लाख प्रिंट आउट निकलते हैं. यदि हम बैकग्राउण्ड काला कर दें तो टोनर की खपत चार गुना बढ़ जाएगी.”

मैनेजर की आँखें चमक उठीं. वैसे भी यह तो जरा सी सेटिंग-फेटिंग से हो जाने वाला काम था.

टोनर की डिमांड फिर से बढ़ गई. कंपनी फायदे में चलने लगी.

मार्केटिंग स्ट्रेटेजी से पहले की टिकिट -

marketing strategy

बाद की टिकिट

marketing strategy 2

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हमारे प्राइम मिनिस्टर सही कहते हैं. वाजिब कहते हैं. वैसे भी नेताओं-मंत्रियों के लिए ग़लती और ग़लत काम में बाल बराबर ही तो फ़र्क़ होता है. और, दरअसल जो बाल बराबर फ़र्क़ होता है वो जरा कुछ इस तरह का होता होगा –

कांग्रेसी मंत्री करे तो ग़लत काम, कोएलिशन पार्टनर का मंत्री करे तो, वाजिब ग़लती.

मंत्री करे तो वाजिब ग़लती, अफ़सर करे तो ग़लत काम.

बड़ा अफ़सर करे तो वाजिब ग़लती, अदना अफ़सर करे तो ग़लत काम.

वैसे, ये फ़ॉर्मूला भारत में सर्वव्यापी है. सिर्फ सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को जोड़कर इस यूनिवर्सल नियम को नहीं देखा जाना चाहिए. प्रधानमंत्री कोई नई बात नहीं कह रहे. अपने दैनिक सामाजिक जीवन में जरा झांकें –

पति करे तो वाजिब ग़लती, पत्नी करे तो ग़लत काम.

पुत्र करे तो वाजिब ग़लती, पुत्री करे तो ग़लत काम.

पिता करे तो ग़लत काम, पुत्र करे तो वाजिब ग़लती (या कई मामलों में इसके उलट).

सास करे तो वाजिब ग़लती (वो भी बड़ी मामूली), बहू करे तो ग़लत काम (वो भी बहुत भारी!).

सूची यूँ लंबी खिंचेगी, मगर उसे खींचने जैसा ग़लत काम करने का क्या फ़ायदा?

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पहला उपहार -

aimp hindi

एक शानदार एमपी3 म्यूजिक प्लेयर एआईएमपी2 हिंदी में!

पहले देखते हैं कि शानदार क्यों?

अपने सदाबहार म्यूजिक प्लेयर एमपी3 में ट्रैक के साउंड को आन-द-फ्लाई (माने चलते चलते या बजाते बजाते) नार्मलाइज करने की सुविधा नहीं है. आमतौर पर जब हम प्लेलिस्ट पर बहुत से गीतों को बजाते हैं तो होता ये है कि कोई गीत तो तेज आवाज में बजता है और कोई धीमा. आपको प्रायः हर ट्रैक में अथवा हर एलबम में आवाज को कम ज्यादा करना ही होता है. ये बहुत ही झंझट भरा काम होता है. यदि आप विनएम्प में साउन्ड नार्मलाइज करते हैं तो उसके लिए अलग विकल्प से करना होता है और विनएम्प उसे एक तरह से कन्वर्ट कर रखता है और इस हेतु उसे समय और प्रोसेसिंग पावर की जरूरत होती है. विंडोज के डिफ़ॉल्ट म्यूजिक प्लेयर विंडोज मीडिया प्लेयर में चलते-चलते साउंड नार्मलाइज की सुविधा तो है, मगर वो आमतौर पर प्रचलित नहीं है और सिस्टम रिसोर्स बहुत खाता है.

ये सब समस्याएँ एआईएमपी2 म्यूजिक प्लेयर में नहीं है. एआईएमपी2 म्यूजिक प्लेयर में ध्वनि को बजाते बजाते ही स्वचालित नार्मलाइज करने का विकल्प है (मुख्य मेन्यू > डीएसपी प्रबंधक > आवाज स्वचालित सामान्य करें) जिससे आपको हर एलबम के हर ट्रैक में एक जैसी आवाज मिलेगी और आपको बारंबार आवाज को एडजस्ट करना नहीं पड़ता.

साथ ही एआईएमपी2 म्यूजिक प्लेयर अब हिंदी भाषा में भी उपलब्ध है. आपको करना बस यह है कि एआईएमपी2 म्यूजिक प्लेयर को यहाँ से डाउनलोड कर संस्थापित करें (ध्यान दें कि साइट रूसी भाषा में है तथा आपको अंग्रेज़ी में देखने के लिए ऊपरी दायें कोने पर अंग्रेजी En बटन पर क्लिक करना होगा)तथा इसकी लैंगुएज डिरेक्ट्री जो कि आमतौर पर

C:\\program files\aimp2\langs

में होती है उसमें हिंदी भाषा फ़ाइल hindi.lng कॉपी कर दें. हिंदी भाषा फ़ाइल यहाँ से डाउनलोड करें. भविष्य के संस्करणों में उम्मीद है कि यह विकल्प स्वचालित मिलेगा, और अलग से हिंदी भाषा फ़ाइल कॉपी करने की जरूरत नहीं होगी. एआईएमपी2 चलाएँ और मुख्य मेन्यू से भाषा पर जाकर हिंदी चुनें, और म्यूजिक प्लेयर को हिंदी में चलाकर संगीत का हिंदीमय आनंद लें. आपको विंडोज़ के संदर्भ मेन्यू (कॉन्टैक्स्ट मेन्यू, जो किसी भी मीडिया फ़ाइल पर दायाँ क्लिक करने पर मिलेगी ) में भी एआईएमपी प्लेयर से संबंधित हिंदी मेन्यू उपलब्ध होंगे.

वैसे तो विनएम्प के यूआई को बहुत पहले से स्व. धनंजय शर्मा द्वारा हिंदी में अनुवादित किया जा चुका है, मगर अभी तक (संभवतः) डिस्प्ले समस्या के कारण हिंदी भाषा विनएम्प में अभी भी शामिल नहीं है. एआईएमपी2 विनएम्प जैसा ही तगड़ा और कई मामलों में उससे बेहतर (क्योंकि यह विनएम्प डीएसपी प्लगइनों को सपोर्ट करता है, तथा साथ ही अंतर्निर्मित रेकॉर्डर के साथ भी आता है) है. हिंदी इंटरफेस युक्त अपने तरह का पहला संगीत प्लेयर भी है यह.

अद्यतन – एआईएमपी प्लेयर पर सीनेट एडीटर रीव्यू यहाँ देखें तथा गीक रीव्यू यहाँ देखें

 

दूसरा उपहार -

तकनीकी हिंदी समूह व विकिपीडिया में सर्वाधिक सक्रिय सदस्यों में एक श्री अनुनाद जी ने कृतिदेव हंदी फ़ॉन्ट से यूनिकोड (मंगल) फ़ॉन्ट परिवर्तक का एमएस वर्ड मैक्रो बनाया है. इस मैक्रो को आप अपने एमएस वर्ड में इंस्टाल कर सकते हैं तथा कृतिदेव के मैटर को मात्र एक क्लिक के जरिए वर्ड के भीतर ही यूनिकोड (मंगल) में परिवर्तित कर सकते हैं. परिवर्तन आमतौर पर शुद्ध होता है और बड़ी फ़ाइलों के लिए थोड़ा समय लेता है. मैंने कोई पांच पेज का मैटर इससे कन्वर्ट किया जो तीन मिनट में कन्वर्ट हुआ.

इस मैक्रो फ़ाइल को आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं

 

इस मैक्रो को इंस्टाल करने के लिए एमएस वर्ड 2003 में टूल्स --> मैक्रो --->मैक्रोज---> एडिट में जाएँ (वर्ड 2007 में व्यू –> मैक्रो –> क्रिएट) ।  वहाँ  विजुअल बेसिक एडिटर खुलेगा। उसमें  फाइल ---> इम्पोर्ट फ़ाइल (डाउनलोड किया मैक्रो फ़ाइल) करें। फिर  वर्ड में कृतिदेव का मैटर वाली फ़ाइल खोल कर या कृतिदेव में लिखकर इस मैक्रो को चलाएँ.

अद्यतन 2 – अनुनाद जी ने इस मैक्रो को प्रयोग करने का विस्तृत विवरण दिया है -

किसी दिये हुए मैक्रो को एमएस वर्ड में चढ़ाने के कम से कम  दो तरीके हो सकते हैं-
१) अपना वर्ड प्रोग्राम खोलिये। Tools --> Macro ---> Record New Macro करिये।  यहाँ सबसे उपर मैक्रो का कुछ नाम दे दीजिये।  OK कर दीजिये। मैक्रो रिकार्डिंग शुरू हो गयी है। वर्ड में  रिकार्डिंग सम्बन्धी एक आइकन (प्रतीक छबि) भी दिखेगी। इसमें 'Stop recording' कर दीजिये। लीजिये  एक 'डम्मी'  मैक्रो रेकार्ड हो गया। माना कि आपने इसका नाम Macro2 दिया था।
अब फिर Tools--->Macro--->Macros में जाइये। यहाँ मैक्रो नेम में आपको Macro2 डालना है और Edit  बटन दबाना है।  एक नया पेज खुलेगा जिसमें कर्सर  Macro2  की आरम्भिक लाइन पर जाकर रुकेगा। आपको कुछ इस प्रकार का टेक्स्ट दिखेगा-
Sub Macro2()
'
' Macro2 Macro
' Macro recorded 11/9/2010 by samata
'
End Sub
आपको उपरोक्त टेक्स्ट  (Sub Macro2   से लेकर  End Sub तक का)  के स्थान पर  वह मैक्रो पेस्ट करना है जो हमने  वर्ड के लिये बनाकर पोस्ट किया था। पेस्ट  करने के बाद  'सेव' कर दीजिये (File ---> save Normal)।
अब अपने वर्ड में कोई कृतिदेव१०  डॉकुमेन्ट लोड कीजिये जिसका  फॉन्ट बदलना है।  फिर  Tools --> Macro ---> Macros  में जाइये। इसमें  Macro name के लिये  Macro2 चुनिये और इस बार  Run  बटन दबाइये। देखिये आपके डॉकुमेन्ट का फॉन्ट बदल रहा होगा या बदल गया होगा।
२) दूसरा तरीका इम्पोर्ट करने वाला है। इसके लिये सबसे पहले  जो मैक्रो हमने पोस्ट किया है उसे किसी फाइल में सेव कीजिये। अच्छा हो उसका एक्स्टेंशन *.bas   दें या  *.txt दें  । अब   Tools ---> Macro ---> Visual Basic Editor कीजिये। विजुअल बेसिक एडिटर में जाकर   File ---> Import File कीजिये।  इम्पोर्ट वाले मेनू में अपने  मैक्रो फाइल का नाम दें और Open  बटन पर क्लिक करें। काम हो गया।
इसे अब चला (रन) सकते हैं। चलने की विधि वही है जो उपर वर्णित है।  अर्थात -
अब अपने वर्ड में कोई कृतिदेव१०  डॉकुमेन्ट लोड कीजिये जिसका  फॉन्ट बदलना है।  फिर  Tools --> Macro ---> Macros  में जाइये। इसमें  Macro name के लिये  Macro2 चुनिये और इस बार  Run  बटन दबाइये। देखिये आपके डॉकुमेन्ट का फॉन्ट बदल रहा होगा या बदल गया होगा।

 

पिछले दिनों टेक्नोराती ब्लॉग सर्वे का आयोजन किया गया. अब तक के सर्वाधिक 7200 ब्लागरों द्वारा सर्वे में भाग लिया गया जिसमें मैंने भी भाग लिया था.

वैसे तो यह सर्वे प्रमुखतः अंग्रेज़ी ब्लॉगों के आंकड़े ही दिखाता है, मगर दुनिया के तमाम भाषाओं के ब्लॉगिंग रूख की ओर इसके आंकड़े इंगित तो करते ही हैं.

कुछ दिलचस्प आंकड़े हैं -

 

  • पिछले वर्ष 9% की तुलना में इस वर्ष 21% ब्लॉगर किसी न किसी रूप में व्यावसायिक रूप से ब्लॉगिंग करते हैं.
  • इनमें से 11% ब्लॉगरों की प्राथमिक आय ब्लॉगिंग से होती है.
  • शौकिया ब्लॉगिंग करने वाले 65% हैं जो पिछले वर्ष के मुकाबले 7% कम हैं. इसका अर्थ ये हुआ कि बहुत से शौकिया ब्लॉगर व्यावसायिक ब्लॉगिंग में उतर गए? शायद.
  • पिछले वर्ष 1% के मुकाबले इस वर्ष कारपोरेट ब्लॉगरों की संख्या में इजाफ़ा हुआ और आंकड़ा 4% तक जा पहुँचा.
  • अभी भी ब्लॉगिंग में पुरुषों का वर्चस्व है. दो तिहाई ब्लॉगर पुरूष ही हैं.
  • ब्लॉगिंग के साथ साथ सामाजिक मीडिया का प्रयोग बढ़ रहा है और फेसबुक और ट्विटर का योगदान ब्लॉगों के प्रचार प्रसार में किया जा रहा है.
  • 39% ब्लॉगर अब प्रभावी ब्लॉगिंग के लिए स्मार्टफ़ोनों व टेब्लेट्स का भी प्रयोग कर रहे हैं.
  • 70% ब्लॉगर छोटे छोटे पोस्ट लिखने में विश्वास रखते हैं और 50% ब्लॉगर पोस्टों के साथ चित्रों इत्यादि मीडिया का भी प्रयोग करते हैं.
  • 65% ब्लॉग जनता 18-44 वर्ष उम्र की है.
  • क्या आप अपने आपको प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर मानते हैं? यदि हाँ, तो आपके पास औसतन 3 से
    अधिक ब्लॉग होने चाहिएँ.
  • शीर्ष के 100 ब्लॉग में प्रत्येक में प्रति माह औसतन 500 के आसपास पोस्ट प्रकाशित होती है. अब
    जरा आप बताएँ कि माह में आपके ब्लॉग में औसतन कितनी पोस्ट प्रकाशित होती है?
  • 65% लोगों का मानना है कि ब्लॉगिंग को चहुँओर गंभीरता से लिया जाने लगा है. वाह! ये हुई न बात!

 


(ऊपर का चित्र – साभार – टेक्नोराती ब्लॉग)

विस्तृत जानकारी नीचे दिए गए स्क्रिब्ड विंडो में देखें.

State Of The Blogosphere Presentation 2010

तुझे मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं?

मैं अपने ज्ञान और स्वज्ञान के भरोसे अपने ब्लॉग पोस्टों में, अपने हिसाब से, अपने विचार से, स्तरीय सामग्री ही लिखता हूं. मेरे ये पोस्ट दूसरों को मेरे अज्ञान, अल्पज्ञान से भरे कूड़ा लगते हैं तो इसमें मैं क्या करूं? मैं अपने ब्लॉग में अपने संपूर्ण होशोहवास व ज्ञान के हिसाब से, अपने हिसाब से सही-सही ही लिखता हूँ. दूसरों को ये भले ही गलत लगें. अब मैं दूसरों के हिसाब से तो नहीं लिख सकता. ....क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है.

मेरे विश्वास, मेरी धारणाएँ मेरे अपने हैं. मैं उन्हें किसी के कहने से और किसी वाजिब-ग़ैर-वाजिब तर्क-कुतर्क से तो नहीं बदल सकता और मैं अपने उन्हीं विश्वासों और उन्हीं धारणाओं की बदौलत और अकसर उन्हें पुख्ता करने के लिए, दुनिया को बताने-समझाने के लिए, अपने ब्लॉग पोस्ट लिखता हूँ. मैं दूसरों के विश्वास और दूसरों की धारणाओं के अनुसार तो नहीं लिख सकता. ....क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है.

मैं अपनी भाषा, अपनी शैली में लिखता हूँ. अपने ब्लॉग पोस्ट पर किसी को गाली देता हूँ या किसी की वंदना करता हूँ तो इससे किसी को क्या? मैं अपने ब्लॉग पर छिछली उथली भाषा का इस्तेमाल कर भाषा पर बलात्कार करने को या शुद्ध-सुसंस्कृत भाषा लिखने को स्वतंत्र हूँ. सरल भाषा में लिखता हूँ या जटिल इससे किसी को क्या सरोकार? मैं अपनी उथली-छिछली-खिचड़ी भाषा में लिखता हूँ. मैं दूसरों के कहे अनुसार तथाकथित सभ्य बनकर नहीं लिख सकता. ...क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है.

अपडेट - मैं किसी भी विषय पर, चाहे उस पर मेरी जानकारी हो या न हो, बड़े ही एक्सपर्ट तरीके से, प्रोफ़ेशनल अंदाज में, बड़ी गंभीरता से, दमदारी से लिख सकता हूँ. वह भी अपने एंगिल से, अपने तर्कों-कुतर्कों से सही ठहराते हुए. मैं आधे-अधूरे और अपने हिसाब से संपादित उद्धरणों के द्वारा अपनी किसी भी बात को सत्य सिद्ध कर सकता हूँ. .... क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है .

अब, मेरे लेखों से, मेरे ब्लॉग पोस्टों से किसी को मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं?

**-**

व्यंज़ल

**-**

सभ्य बनने की कोशिश यूँ मेरी भी पूरी थी

तेरे शहर की फ़िजाँ में कोई बात रही होगी

 

ये तो कबूल लो पार्टनर कि इस रुसवाई में

हमेशा की तरह जरा सी कोई बात रही होगी

 

दंगे-फ़साद यूं मुफ़्त में कहीं भी नहीं होते

मानो न मानो कोई न कोई बात रही होगी

 

सब ने यहाँ पे सी लिए हैं होंठ अपने अपने

पता कैसे चले कि क्या कोई बात रही होगी

 

हमें भी कोई शौक नहीं था बतंगड़ का रवि

बात पे निकली थी तो कोई बात रही होगी

**-**

(2007 में लिखी गई यह पोस्ट आज भी मौजूं नहीं है?)

windows live writer 2011 (Small)

ब्लॉग लेखन का उन्नत औजार विंडोज़ लाइव राइटर का नया संस्करण 2011 जारी हो गया है. इसमें उन्नत किस्म का रिबन इंटरफेस है तथा इसकी गति पहले से बहुत तेज है. हिंदी का पूरा समर्थन तो है, मगर इसमें अभी भी हिंदी वर्तनी जाँचक नहीं जोड़ा गया है जो कि आज के जमाने में एक बेहद आवश्यक तत्व है.

इसके रिबन इंटरफेस को ज्यादा सहूलिय के हिसाब से तथा  बड़े आकार के प्रतीकों के साथ बनाया गया है. संपादन में सुविधा के लिए होम टैब पर पाठ फ़ॉर्मेटिंग को सुविधाजनक रूप से रखा गया है तथा वहीं साथ में ड्रापडाउन सूची के रूप में ब्लॉग सूची को रखा गया है. यदि आप एक से अधिक ब्लॉग लिखते हैं तो यह आपके लिए बेहद सुविधाजनक है. इसके पिछले अपडेट में बहुत सारे बग थे – जिसमें एक महत्वपूर्ण था – वेब लिंक के माध्यम से चित्र लगाने की सुविधा का गायब हो जाना – उन्हें भी सुधारा गया है.

इसमें एक और बढ़िया सुविधा है – आप चाहें तो फ़ाइल मेन्यू के कुछ सदाबहार मेन्यू को विंडो के शीर्षक पट्टी पर जोड़ सकते हैं. इंसर्ट नामक एक अलग टैब शामिल किया  गया है जिसमें प्रतीकों के सहारे मैप, पोस्ट टैग, हँसमुख (स्माइली), फोटो एल्बम इत्यादि भी शामिल कर सकते हैं. टैग और पोस्ट डेट को महत्वपूर्ण मानते हुए उन्हें ऊपर जगह दी गई है.

नए विंडोज़ लाइव राइटर 2011 को आप यहाँ  http://explore.live.com/windows-live-writer?os=other से डाउनलोड  कर सकते हैं.

विंडोज़ लाइव राइटर के प्रयोग विधि और उसकी खासियतों के बारे में हिंदी में बहुत सारे लेख हैं जिन्हें हिंदी चिट्ठाकारों ने अपने अपने अनुभवों के हिसाब से लिखे हैं. तो यदि आप इसका प्रयोग अपनी ब्लॉग पोस्टिंग के लिए नहीं करते हैं, तो इन पर एक नजर मार सकते हैं कि क्यों आपको विंडोज़ लाइव राइटर का प्रयोग करना चाहिए और क्यों नहीं.

गंगा में क्या फेंकें और क्या नहीं?

GANGA ME PHEKEN (Mobile)

गंगा तो वैसे भी पहले ही घोर प्रदूषित हो रही है. ऊपर से अब राजनेताओं को उसमें फेंकने की बात की जा रही है. घोर कलजुग आ गया है. लगता है गंगा को पूर्णतः अपवित्र, मैली करके ही मानेंगे हमारे राजनेता. गंगा की पवित्रता पर इससे ज्यादा और गंभीर खतरा इससे पहले कभी नहीं रहा.

वैसे, गंगा में बहुत सी चीजों को फेंकने का विचार आपको भी यदा कदा आया होगा. ये बाद दीगर है कि आपने जग जाहिर नहीं किया है अब तक. उदाहरण के लिए, आपने उस पुलिस वाले को गंगा में फेंकने का विचार किया होगा जिसने आपका चालान गलत पार्किंग या गलत वाहन चलाने पर काटा होगा और जिसने 100-200 रुपए लेकर मामला रफा दफा नहीं किया होगा.

उस ईमानदार सरकारी बाबू को आपने गंगा में फेंकने का विचार किया होगा जिसने आपका काम कुछ ले-देकर जल्दी नहीं किया होगा. आपने उस गैस वाले को भी गंगा में फेंकने का विचार किया होगा जिसने बिना बारी के आपको आपके इमर्जेंसी कार्य (जैसे कि अनधिकृत गैस किट वाले वाहन में गैस भरने) के लिए अतिरिक्त रुपया लेकर गैस देने से मना कर दिया होगा.

आपने उस टॉप के स्कूल के प्रिंसिपल और प्रशासक को भी गंगा में फेंकने का हिसाब लगाया होगा जिसने आपके होनहार का एडमीशन देने से तब भी मना कर दिया था जबकि आप उनके स्कूल को मनचाहा डोनेशन देने को एक पैर पर तैयार खड़े थे.

ये तो कुछ इंडीकेशन मात्र हैं. अपने अब तक के आद्योपांत जीवन के संपूर्ण इतिहास के गंगाफेंक की समग्र सूची पेश कीजिए तो जरा...

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व्यंज़ल

---.

देखिए कौन किसको गंगा में फेंक रहा है

खुद फिंका फिंके को गंगा में फेंक रहा है

 

आदमी बेहद चालाक हो गया है आजकल

ईमान का पानी वो गंगा में फेंक रहा है

 

अजीब हाल हो गया है मेरे शहर का मित्रों

हर कोई एक दूजे को गंगा में फेंक रहा है

 

यूँ वक्त नहीं है आजकल किसी के पास

पर हर कोई वक्त को गंगा में फेंक रहा है

 

घंटियाँ, शंख बजाता हुआ वो भगवा रवि

सोचता है पापों को गंगा में फेंक रहा है

---

ये मजेदार ईमेल आज मुझे मिला.

इंटरनेट फ्रॉड प्रिवेंशन की तरफ से मिलियन डॉलर का कंपनशेसन! फ्रॉड करने वालों, तुस्सी ग्रेट हो. कोई भी संभव-असंभव आइडिया आपसे बचकर नहीं जा सकता.
यह ईमेल आप भी पढ़ें और मजे लें. वैसे, इस ईमेल को एंटीफ़िशिंग.ऑर्ग को अग्रेषित कर दिया है. दुआ है कि कोई मासूम बंदा जाल में दोबारा न फंसे!

Dear Victim,

This is Internet Fraud Prevention / Compensation Committee, Some West African Scam Artists has been arrested in London and we have credible reasons to believe you have been one of their numerous victims. A thorough search of the Laptop computers arrested with the individuals and their confessions during interrogation has revealed to us that you paid certain sums of money to these fraudsters.

The arrested individuals have been wrongfully informing a lot of people via email that they have huge sums of money to be transferred from a foreign Bank Account. Also, they have confessed to Australian and the UK National Lottery scam, Job offer scams and have been demanding money from innocent people for purported claims of the said money.

They operated with a fake Security Agencies, Banks and classified courier firms and lots of people have become victims to them in the past 3 years. One of them was arrested one month ago when they attempted to defraud an American citizen of $5.2m.

We are happy to inform you that you can claim back your money as well as your compensation. We have already commenced proceedings on your behalf with the West African Action Committee on Internet Fraud to ensure that as a genuine scam victim, you will not only recover your lost money but also you will be compensated for the financial and emotional stress you went through because of the scam.

Our Audit Bureau has estimated that you are eligible to claim a total of $300,000.00 USD (Three Hundred Thousand United State Dollars Only) from the Internet Fraud Prevention/ Compensation Committee Sponsored by West African Action Committee on Internet Fraud to ensure that any identified scam victims are paid and adequately compensated from the $3bn allocated reparation Fund from the World Bank.

Contact Our Administrator Mr. Marcin Hopkins on the following email address: admin@crime-preventionxxxx.xxx.xx / Tel: +44 xxx xxx 9314 immediately to ensure that your details are confirmed as being eligible to receive your Fund within 72 hours of receiving this notice; the administrator will direct you properly on how to acquire the Fund without further ill-treatment.

Congratulations!

E-messaging Team:
Internet Fraud Prevention / Compensation Committee
London, United Kingdom

गूगल अपने समूहों से फ़ाइलों की होस्टिंग खत्म कर रहा है. गूगल तकनीकी हिंदी समूह में बहुत सी काम की फ़ाइलें हैं. गूगल तकनीकी हिंदी समूह के फ़ॉन्ट कन्वर्टरों व दीगर फ़ाइलों को अभी तदर्थ रूप में गूगल डाक्स में होस्ट किया गया है. गूगल तकनीकी हिंदी समूह की सभी फ़ाइलें आप यहाँ पर देख सकते हैं व वहीं से डाउनलोड भी कर सकते हैं. यदि आप चाहें तो नीचे दी गई कड़ियों में संबंधित फ़ॉन्ट पर क्लिक कर संबंधित फ़ॉन्ट-कन्वर्टरों का सीधे प्रयोग भी कर सकते हैं. इस हेतु इस पृष्ठ को बुकमार्क कर लें व इसकी कड़ी मित्रों को भेजें तथा जब आवश्यक हो फ़ाइलें डाउनलोड करने अथवा आनलाइन फ़ॉन्ट कन्वर्शन हेतु प्रयोग में लें. इन फ़ॉन्ट कन्वर्टरों को गूगल तकनीकी हिंदी समूह के श्री अनुनाद व श्री नारायण प्रसाद ने तैयार किया है. इन्हें धन्यवाद.
पुराने फ़ॉन्टों से यूनिकोड फ़ॉन्ट कन्वर्टर:
(फ़ॉन्ट कन्वर्शन के लिए संबंधित फ़ॉन्ट नाम के ऊपर क्लिक करें -)
कन्वर्टरों की सीधे डाउनलोड कड़ियों के लिए यहाँ क्लिक करें
यूनिकोड से कृतिदेव कन्वर्टर 010 Unicode-to-krutidev010 converter05.htm

युवराज से यूनिकोड कन्वर्टर 06 Yuvaraj to Unicode Converter06.htm  

एक्सडीवीएनजी से यूनिकोड कन्वर्टर -13 XDVNG to Unicode Converter-13.htm

यूनिकोड से सौमिल गुजराती कन्वर्टर Unicode-to-Saumil_Guj2 converter01.htm 

यूनिकोड से संस्कृत 99 कन्वर्टर Unicode-to-sanskrit99 converter07.htm

यूनिकोड से रिचा कन्वर्टर Unicode-to-Richa converter02.htm

यूनिकोड से एचटी चाणक्य कन्वर्टर Unicode-to-HTChanakya converter02.htm

यूनिकोड से डीवी-योगेश-एन कन्वर्टर Unicode-to-DV-YogeshEN converter03.htm

यूनिकोड से डीवीबी योगेश एन कन्वर्टर Unicode-to-DVB-YogeshEN converter08.htm

यूनिकोड से डीवीबीडबल्यू योगेश एन कन्वर्टर Unicode-to-DVBW-YogeshEN converter04.htm 

यूनिकोड से डीवी अलंकार कन्वर्टर Unicode-to-DV-Alankar converter02.htm

यूनिकोड से चाणक्य कन्वर्टर Unicode-to-Chanakya converter06.htm

यूनिकोड से आगरा कन्वर्टर Unicode to Agra font converter03.htm 

सुची देव 708 से यूनिकोड कन्वर्टर Suchi-Dev-708-to-Unicode converter02.htm

सुची देव 708 से यूनिकोड से डीवी अलंकार कन्वर्टर Suchi_Dev_708 to Unicode to DV_Alankar Converter_02.htm

शुषा से यूनिकोड से शुषा कन्वर्टर Shusha-to-Unicode-to-Shusha Converter11.htm

श्रीलिपि 715 से यूनिकोड कन्वर्टर 04 ShreeLipi715-to-Unicode_Converter04.html 

श्रीलिपि से यूनिकोड कन्वर्टर ShreeLipi to Unicode to ShreeLipi Converter_01.htm 

श्रीदेव702 से यूनिकोड से श्रीदेव702 कन्वर्टर Shreedev0702-to-Unicode-to-Shreedev0702 Converter05.htm 

शिवाजी से यूनिकोड कन्वर्टर shivaji to unicode converter05.htm

सौमिल गुजराती2 से यूनिकोड कन्वर्टर Saumil_Guj2-to-Unicode converter05.htm

संस्कृत ओसीआर रोमन से यूनिकोड कन्वर्टर SanskritOCR-Roman-text-to-Unicode converter05.htm

संस्कृत ओसीआर रोमन से यूनिकोड कन्वर्टर SanskritOCR-Roman to Unicode-Devanagari Converter03.html

संस्कृत99 से यूनिकोड कन्वर्टर sanskrit99 to unicode converter18.htm

सहारा से यूनिकोड से सहारा कन्वर्टर Sahara-to-Unicode-to-Sahara Converter04.htm

रिचा से यूनिकोड कन्वर्टर Richa-to-Unicode converter03.htm

प्रीति से यूनिकोड से प्रीति कन्वर्टर Preeti-to-Unicode-to-Preeti converter01.htm

प्रकाश से यूनिकोड से प्रकाश कन्वर्टर Prakash-to-Unicode-to-Prakash Converter09.htm

उड़िया टीटी गरिमा से यूनिकोड उड़िया कन्वर्टर ORB-TTGarima_to_Unicode_Oriya_Converter-16.html

कृतिदेव 011 से यूनिकोड कन्वर्टर krutidev011-to-Unicode-nb converter09.htm

कृतिदेव 010 से यूनिकोड से कृतिदेव 010 कन्वर्टर Krutidev010-to-Unicode-to-Krutidev010 Converter09.htm

कृतिदेव से यूनिकोड से चाणक्य कन्वर्टर Krutidev010-to--Unicode-and-Chanakya- Converter02.html

आईटी हिंदी से यूनिकोड कन्वर्टर ITHindi to Unicode Converter_03.htm

इस्की से यूनिकोड से इस्की कन्वर्टर ISCII_to_Unicode_to_ISCII_Converter_16_ (for_PDF_files).htm

एचटी चाणक्य से यूनिकोड कन्वर्टर HTChanakya-to-Unicode converter07.htm

डीवी योगेश एन से यूनिकोड कन्वर्टर DV-YogeshEN-to-Unicode converter06.htm

डीवीडबल्यू - टीटी सुरेख नार्मल से यूनिकोड कन्वर्टर DVW-TTSurekh-Normal to- Unicode_converter02.htm

डीवी टीटी सुरेख एन से यूनिकोड कन्वर्टर DV-TTSurekhEN_to_Unicode_Converter_08.htm

डीवी दिव्या से यूनिकोड कन्वर्टर DV-Divyae to Unicode Converter_03.htm

डीवीबी योगेश एन से यूनिकोड कन्वर्टर DVB-YogeshEN-to-Unicode converter02.htm

डीवीबीडब्ल्यू योगेश एन से यूनिकोड कन्वर्टर DVBW-YogeshEN-to-Unicode converter02.htm

डीवीबी-टीटी सुरेख एन नार्मल से यूनिकोड कन्वर्टर DVB-TTSurekhEN- Normal_to_Unicode_converter_05.html

डीवी अलंकार से यूनिकोड कन्वर्टर DV-Alankar-to-Unicode converter03.htm

देवनागरी से आईट्रांस कन्वर्टर Devanagari to iTrans Converter_02.htm

देवनागरी से आईपीए से देवनागरी कन्वर्टर Devanagari to IPA to Devanagari Converter-05.html

देवनागरी से ब्रेल कन्वर्टर Devanagari to Braille Converter_09.htm

चांदनी से यूनिकोड से चांदनी कन्वर्टर Chandni-to-Unicode-to-Chandni converter02.htm

चाणक्य से यूनिकोड से चाणक्य कन्वर्टर Chanakya-to-Unicode-to-Chanakya Converter06.htm

चाणक्य से यूनिकोड तथा कृतिदेव कन्वर्टर chanakya-to-Unicode-and-Krutidev010 converter02.htm

अमर या कुंडली से यूनिकोड कन्वर्टर Amar_or_Kundali font to Unicode Converter_03.htm

आगरा से यूनिकोड कन्वर्टर Agra font to unicode converter03.htm 

4सीहिंदबाडी से यूनिकोड से 4सीहिंदबाडी कन्वर्टर 4CHindBody-to-Unicode-to-4CHindBody Converter10.htm

4सी गांधी से यूनिकोड से 4सी गांधी कन्वर्टर 4CGandhi-to-Unicode-to-4CGandhi_converter_New_04.html

कृतिदेव 010 से यूनिकोड से कृतिदेव 010 कन्वर्टर Krutidev010-to-Unicode-to-Krutidev010 Converter09.htm

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कोई टूटी कड़ियाँ (broken links or wrong link) नजर में आती हों अथवा कोई कड़ी काम नहीं कर रही हो तो कृपया सूचित करें.

अपडेट - ताज़े अपडेटेड संशोधित कन्वर्टरों के लिए तकनीकी हिंदी समूह का यह फाइल खंड (यहाँ क्लिक करें) गूगल डॉक में देखें.

कन्वर्शन हेतु टिप -  मैटर थोड़ा थोड़ा कर कन्वर्ट करें. यदि आपके पास किसी अजीब सा फ़ॉन्ट की सामग्री है तो उसका एक पैरा कॉपी कर मिलते जुलते कन्वर्टरों का प्रयोग कर कन्वर्ट करने की कोशिश करें. हो सकता है कि आपका काम हो जाए. कृतिदेव श्रेणी के फ़ॉन्टों के दर्जनों नाम हैं तो यदि आपको संशय हो तो शुरूआत कृतिदेव फ़ॉन्ट से करें. सीडैक के दर्जनों नामों से फ़ॉन्ट हैं, परंतु वे ऊपर दिए गए तीन चार परिवर्तकों में से किसी एक की सहायता बढ़िया कन्वर्ट हो जाते हैं.

अपडेट 2 -  बहुधा लोग अन्य फ़ॉन्ट कन्वर्टरों के बारे में तहकीकात करते हैं. यदि उनका काम ऊपर दिए कन्वर्टरों से नहीं बन रहा है, या वे कोई भिन्न किस्म का कन्वर्टर चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें श्री जगदीप डांगी से संपर्क करना चाहिए. श्री डांगी जी ने सैकड़ों फ़ॉन्टों को कन्वर्ट करने वाले कई सॉफ़्टवेयर बनाए हैं और वे अपने प्रोग्राम में नित्य नई सुविधाएं डालते रहते हैं. तो यदि आपका काम कहीं अटक रहा होगा तो श्री जगदीप डांगी जी से अवश्य संपर्क करें. उनका ई-संपर्क पता है - dangijs@gmail.com

ugly meter

नई टेक्नोलॉज़ी के अपने नए-नए खतरे हैं. अलग किस्म के. भयंकर. लीजिए, अब आपके लिए आ गया है कुरूपता मापी. अभी तो यह आईफ़ोन के एप्लीकेशन के रूप में आया है, जल्द ही यह सभी स्मार्टफ़ोनों के लिए उपलब्ध हो जाएगा. यह आईफ़ोन एप्लीकेशन सामने वाले की कुरूपता का पैमाना 1 – 10 स्केल पर बताता है. यदि आपको पूरे दस अंक मिलते हैं तो इसका अर्थ है कि आप सर्वाधिक कुरूप हैं.

इस एप्लीकेशन के वर्णन में लिखा है –

यूएसए में टॉप 3! फ़ॉक्स, एबीसी, एनबीसी, टुडे शो तथा डेली मेल में कवर स्टोरी आ चुकी है. इस टॉप के एप्लीकेशन को जल्द से जल्द खरीदें. आज की कीमत 99 सेंट. इससे पहले कि माल खतम हो जाए, अपने दोस्तों को बताएँ.

.... क्या आपने कभी अनुभव किया है कि आप बदसूरत हैं और आपके दोस्त बस आपका मन रखने के लिए ये बात बताते नहीं हैं और फोकट आपके रूप रंग की तारीफ़ें करते रहते हैं? या फिर आपका कोई कुरूप दोस्त है और आप उससे ये बात कह नहीं पा रहे हैं और चाहते हैं कि किसी तरह ये बात उस तक पहुँच जाए?


कुरूपता मापी आपका फोटो खींचता है, आपके चेहरे के फोटो को स्कैन करता है और फिर आपको 1-10 के कुरूपता स्केल पर आंकता है.


यदि आपको 10 नंबर मिलते हैं तो आपका चेहरा संभवतः इतना कुरूप है कि सिर्फ आपकी माँ ही आपको प्यार कर सकती है. आपकी रेटिंग कितनी खराब है उसके आधार पर कुरुपता मापी आपके लिए हाथों हाथ टिप्पणी भी मारता है!

तो, अब अपने रूप रंग पर गर्व करना, यदि अब तक करते रहे हों तो, छोड़ दें. आईफ़ोन जैसे स्मार्ट फोनों में कुरूपता मापी आ गया है. वो दूध का दूध पानी का पानी कर देगा. इससे पहले कि लोग आपकी रेटिंग करें, आप स्वयं अपनी असलियत जान लें ताकि अपने जीवन का सबसे बड़ा धक्का खाने से बच सकें. वैसे भी, भ्रम में जीने के बजाए, आदमी को सत्य को सदैव स्वीकारना चाहिए.

सुंदरता देखने वाले की आँखों में होती है. कभी होती होगी. अब तो सुंदरता सामने वाले के स्मार्टफोन में बसती है.

अब आपको स्मार्टफ़ोन रखने वाले लोगों से सावधान रहना होगा. बल्कि उनसे डरकर रहना होगा. और यथा संभव दूरी बनाकर रखना होगा. क्या पता सामने वाले के हाथ में कोई कुरूपता मापी लोडेड स्मार्टफ़ोन हो और वो आपके सामने आपकी असलियत धर कर रख दे. क्या पता उसका स्मार्टफोन आपकी तस्वीर चुपके से खींच ले और आज के आपके मेकअप की धज्जियाँ उड़ाकर रख दे. वर्धा ब्लॉगर सम्मेलन में ब्लॉगरों ने एक दूसरे की जमकर तारीफ़ें कीं. यदि उनके स्मार्टफ़ोनों में ये ऐप्लीकेशन लोड होता तो संभवतः बात ही कुछ और होती. इसी वजह से अगले सम्मेलन में खुलेआम बुलावा होने के बावजूद शायद ही कोई ब्लॉगर पहुँचे – क्योंकि तब तक तो सभी ब्लॉगरों के पास इस ऐप्लीकेशन समेत स्मार्टफ़ोन आ चुके होंगे और प्रकटतः खतरा कोई उठाना नहीं चाहेगा. फिर किसी को कोई शिकायत भी न होगी कि किस बड़ी नाक वाले को बुलाया और किस कटी-कच्चे कान वाले को छोड़ दिया!

अभी तक तो होता आया है कि लोग-बाग़ एक दूसरे को झूठा दिलासा और झूठी तारीफें देते रहे हैं. नवीन टेक्नोलॉज़ी की नवीन दुनिया में झूठ का क्या काम? जो है आपके स्मार्ट फ़ोन में है. और पूरा सत्य है. और, यदि सामने वाले ने आपके चेहरे का जुगराफिया बताया तो आप भी कम और पीछे क्यों रहें? उसके चेहरे का नक्शा आप भी बता दें – कि भइए, ठीक है, मेरी रैंकिंग आप आठ बता रहे हो, पर तुम्हारी भी तो पौने आठ या सवा आठ है!

पर, असली खतरा तो तब होगा जब ऐसे स्मार्टफ़ोन एप्लीकेशन आएंगे जो आपके मन की बात को पढ़ लेंगे. एडवांस में. जब आपके मुखारविंद से झर रहे फूल से कोमल और सुंदर वाक्यों के पीछे छिपी असल गंदगी को स्मार्टफ़ोन सही इंटरप्रेट करेंगे असल समस्या तब होगी, और अच्छी खासी होगी. समझिए कि ऐसे ऐप्लीकेशन भी अब आने ही वाले हैं, वो भी अच्छी तादाद में. इट इज जस्ट ए मैटर आफ टाइम. नवीन टेक्नोलॉजी के ये नवीन खतरे हमें उठाने ही होंगे. आप तैयार हैं?

commonwealth games aerostate baloon 1

कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक हो गया. तमाम आरोपों प्रत्यारोपों के बीच आयोजन कई मामलों में अच्छा खासा सफल रहा. एक अकेले 40 करोड़ रुपए के एयरोस्टेट नामक गुब्बारे ने सभी आलोचकों की हवा निकाल दी.

राष्ट्रमंडल खेलों ने कई स्वर्ण-रजत-कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी दिए. पर, इससे कहीं ज्यादा संख्या में लखपति, करोड़पति और अरबपति दे दिए. और, धातु के पदकों से ये कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है. भारत में नव धनाढ्यों की संख्या में अच्छा खासा इजाफ़ा जो हो गया. वैसे भी, आज के जमाने में फोर्ब्स की सूची ज्यादा महत्वपूर्ण है.

अब तो पैटी कॉन्ट्रैक्टर से लेकर बड़े बड़े कमीशन बाज सभी बड़ी उम्मीदें लगा बैठे हैं कि दिल्ली में अगला एशियाड, अगला ओलंपिक और यहाँ तक कि अगला विंटर ओलंपिक भी होना ही चाहिए.

इसके लिए वे कलमाड़ी के नेतृत्व में अपनी तरह से हरचंद कोशिशें करने में लग गए हैं. अंदर की पुख्ता खबर ये है कि वे एशियाड/ओलंपिक कमेटी के सदस्यों को, राष्ट्रमंडल खेलों के सदस्य देशों के तर्ज पर हर किस्म की भेंट पेशकश करने की सोच रहे हैं ताकि ऐन-कैन-प्रकारेण आयोजन दिल्ली को मिल जाए. जाहिर है इन खेलों के दिल्ली में आयोजन हेतु कई सौ हजार करोड़ रुपए का बजट नए सिरे से स्वीकृत होंगे, नए काम आएंगे, नए टेंडर होंगे, नए वारे-न्यारे होंगे. अपनी लॉबीइंग की सफलता को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त हैं. यदि ऐसा हुआ तो जल्द ही दिल्ली को एशियाड, ओलंपिक और विंटर ओलंपिक के मेहमान नवाजी का श्रेय मिलेगा. विंटर ओलंपिक करवाने के बारे में राष्ट्रमंडल खेल के एक बड़े कांट्रेक्टर ने बातों बातों में बताया कि हम तो जून के महीने में भी दिल्ली को बर्फ से पाट देंगे. बस बजट हमारी मर्जी का और बढ़िया होना चाहिए.

इधर खेलों के धुर विरोधी मणिशंकर कहते हैं कि अस्सी हजार करोड़ रुपए से ग़रीबों की शिक्षा में क्रांति हो जाती. अब उन्हें कौन समझाए कि ग़रीबों को शिक्षित कर आखिर क्या हासिल होगा? ग़रीब तो ग़रीब बने रहने के लिए अभिशप्त हैं. ग़रीब अगर पांचवी कक्षा तक पढ़ भी लेगा तो आखिर करेगा क्या? वही, मजदूरी ना. तो वो तो राष्ट्रमंडल खेल जैसे आयोजन नियमित होते रहें तो उनकी मजदूरी भी नियमित बनी रहेगी. मणिशंकर को ये नहीं दिखा कि खेलों की तैयारी के दौरान मजदूरों की कितनी कमी हो गई थी. उन्हें ये भी नहीं दिखा कि अस्सी हजार करोड़ बजट में हुई जमकर कमीशनबाजी के खेल ने भारत में व भारत के बाहर कितने लखपति, करोड़पति और अरबपति तैयार कर दिए. इस हिसाब से भारत की अमीरी कुछ फीसदी ही सही, बढ़ी तो है.

तो आइए, दिल्ली में अगले एशियाड, ओलंपिक और विंटर ओलंपिक के आयोजन के लिए हम सभी मिलकर प्रार्थना करें, प्रयास करें.

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(चित्र – साभार : रेडिफ़.कॉम)

एक छोटा सा दूरस्थ प्रस्तुतिकरण जो मैंने वर्धा कार्यशाला में दिया था, वह नीचे एम्बेड है, जिसे चलाकर आप देख सकते हैं. स्लाइड में दिए उपशीर्षकों के जरिए प्रस्तुतिकरण का सारांश आसानी से और बखूबी समझा जा सकता है.

बहुत से सुंदर ब्लॉगों में शानदार प्रविष्टियाँ होती हैं, परंतु उनमें नेविगेशन बहुत ही निराशाजनक होता है. आप चाहते हुए भी उनकी पिछली प्रविष्टियों के शीर्षकों पर एक सरसरी निगाह नहीं मार सकते अथवा पुरानी किसी प्रविष्टि को खोज नहीं सकते यदि कुछ कीवर्ड्स नहीं पता हैं तो. एक एक कर पुरानी प्रविष्टियों में जाना बेहद उबाऊ होता है.

ऐसे में एक युक्ति आपके काम आ सकती है. एक स्क्रिप्ट के जरिए आप किसी भी ब्लॉग की समस्त पुरानी प्रविष्टियों की सूची एक पेज पर बना सकते हैं, और उसे सहेज कर रख सकते हैं. इस तरह की सूची आपके संदर्भ इत्यादि के लिए भी बढ़िया काम आ सकता है. समग्र रचनाओं की सम्यक सूची का एक बढ़िया उदाहरण आपको रचनाकार की इस सूची में मिल सकता है.

रचनाकार ब्लॉग की सूची जनरेट करने के लिए यह कोड प्रयोग किया गया है -

रचनाकार में अब तक प्रकाशित समस्त रचनाओं की एक सम्यक, लिंकित सूची

कृपया ध्यान दें, यह सूची अच्छी खासी लंबी है, अतः इसे लोड होने में अच्छा-खासा समय लग सकता है. कृपया धैर्य बनाए रखें. तब तक आप इस विंडो को मिनिमाइज कर अपना अन्य कम्प्यूटिंग कार्य जारी रखें. एक बार यह पृष्ठ लोड हो जाए तो समस्त लिंक सहित इस एचटीएमएल पेज को फ़ाइल> सेव-एज > एचटीएमए फ़ाइल के रूप में अपने कम्प्यूटर पर सहेज कर रख लें.
समग्र सूची निम्न है - (यदि यह अभी नहीं दिख रही है तो कृपया इंतजार करें, यह लोड हो रही है)

<script src="http://www.abu-farhan.com/script/daftarisiblogger/blogtoc-min.js">
</script>
<script src="
http://www.rachanakar.blogspot.com/feeds/posts/default?max-results=9999&amp;alt=json-in-script&amp;callback=loadtoc">
</script>

अपने पसंदीदा ब्लॉग की ऐसी ही सूची बनाने के लिए आपको क्या करना है?

आपको करना यह है कि बस आप ऊपर दिए बैंगनी रंग के कोड को नोटपैड में कॉपी कर लें तथा लाल रंग में लिखे रचनाकार को हटाकर वांछित ब्लॉग का नाम डालें तथा नीचे स्क्रिप्ट में लाल रंग में लिखे rachanakar.blogspot.com की जगह वांछित ब्लॉगर ब्लॉग जिसके ब्लॉग पोस्टों की सम्यक सूची बनानी है वह पता डाल दें (जैसे कि यदि इस ब्लॉग छींटें और बौछारें की सूची बनानी हो तो raviratlami.blogspot.com ) तथा उसे सेव एज आलफ़ाइल्स के रूप में एचटीएमएल एक्सटेंशन के साथ, यूटीएफ़-8 फार्मेट में सहेज लें. इस फ़ाइल को अब किसी भी ब्राउज़र में खोलें. कुछ ही समय में आपके सामने उस ब्लॉग के पोस्टों की सम्यक सूची हाजिर होगी.

आप चाहें तो इस कोड को एक पोस्ट के रूप में अपने ब्लॉग पर भी पोस्ट कर सकते हैं और उसकी लिंक अपने ब्लॉग पर बाजूपट्टी में दे सकते हैं.

kutte aur sher

अपनी स्वयं की हिफ़ाजत के लिए सतर्क हो जाइए. जब शेरों की हिफ़ाजत के लिए कुत्तों को लाइन से हाजिर किया जा रहा है तो आम आदमी की औक़ात क्या? 

वैसे तो भारतीय पुलिस कानून और किताबों के मुताबिक जनता की, कानून व्यवस्था की हिफ़ाजत के लिए होती है, मगर वो अपनी जेब की, नेताओं की और अफ़सरों की हिफ़ाजत इसी वरिष्ठता क्रम से करती रहती है और इसी में व्यस्त रहती है. बाकी की हिफ़ाजत के लिए न तो उसके पास टाइम होता है और न ही इच्छा.

अपने देश की संसद भी देश की हिफ़ाजत के लिए समय समय पर कानून बनाने, उसे सजाने संवारने के लिए है. मगर आजकल वो सत्ताधारी दल चाहे वो जो कोई भी हो की हिफ़ाजत, उसके वोट बैंक की हिफ़ाजत और बच गया तो संसद सदस्यों के वेतन-भत्तों की हिफ़ाजत के लिए (बची रह गई) है.

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व्यंज़ल

 

यारों ये अज़ीब वाकये हो रहे हैं

शेरों की सुरक्षा कुत्ते कर रहे हैं

 

जनता का क्या होगा अब जब

मुहल्ले में पुलिस वाले घूम रहे हैं

 

देश का भविष्य प्रकट है दोस्तों

राजा के रोल जनसेवक कर रहे हैं

 

लुटना लूटना आसान है देश में

कलमाड़ी जैसे लोग जेबें भर रहे हैं

 

यहाँ सीटी बजाएगा कौन रवि

सभी एक दूसरे को देख रहे हैं

bhagwan ka beema

भगवान के लिहाज से, प्रीमियम तो सचमुच बड़ा सस्ता है!

 

व्यंज़ल

मेरे मुल्क में ये क्या हो रहा है

भगवान का भी बीमा हो रहा है

 

मुल्क में सियासत के अलावा

बाकी कारोबार धीमा हो रहा है

 

नेता अफसर को छोड़ दें तो

बाकी जन का कीमा हो रहा है

 

चंद्र मंगल पर धर दिए पग

अब अंबर का सीमा हो रहा है

 

क्या बताए रवि नए दौर का

पाजामा फट के नीमा हो रहा है

---

नीमा - संज्ञा पुं० [फा० नीमह्] एक पहरावा जो जामे के नीचे पहना जाता है

एक बेहद मनोरंजक, जानकारी परक परियोजना – जालघरों के प्रतीक के बारे में आपको बताते हैं.

कोई दस लाख जालघरों के पते एकत्र किए गए जो अलेक्सा के शीर्ष अनुक्रम में आते हैं. फिर उन जालघरों के फ़ेविकॉन (जालघरों के प्रतीक चिह्न जो आप ब्राउज़र में पता पट्टी के बाजू में देखते हैं – जैसे कि ब्लॉगर का है image ) को एकत्र कर उनकी रैंकिंग के लिहाज से एक मोजाएक का रूप जटिल प्रोग्राम व स्क्रिप्ट के जरिए दिया गया. फलस्वरूप बना एक बढ़िया पोस्टर. देखें -

alexa-1.1-tiny

आप देखेंगे कि गूगल का प्रतीक सबसे बड़ा है. फिर फेसबुक का नंबर है. याहू, विकिपीडिया, यू-ट्यूब, एमएसएन पीछे पीछे हैं.

उपर्युक्त चित्र को बड़े आकार में यहाँ देख सकते हैं.

रंग-बिरंगे, चित्र-विचित्र प्रकार के जाल स्थलों के उतने ही रंगीन, चित्र-विचित्र प्रतीक चिह्नों को एक साथ देखना भी एक अलग अनुभव है.

इसका इंटरेक्टिव संस्करण यहाँ है जहाँ से आप इस 1.4 गीगा-पिक्सेल के विशाल पोस्टर में जूम इन कर पैन कर इसका विस्तृत नजारा कर सकते हैं. एक छोटे टुकड़े का जूम किया हिस्सा मुझे कुछ यूं दिखा -

favicon of web project - joomed image

और, आपको ज्यादा ही मजा आया हो तो इसका पोस्टर खरीदने हेतु अपना ईमेल पता भी वहाँ पर दर्ज कर सकते हैं.


दुनिया, सचमुच गोल है. नहीं?
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अब, रूबिक क्यूब से भी बढ़िया एक उलझन-सुलझाऊ पहेली. चित्र में दिखाए गए स्टीरिओ हेडफोन को आप तारों के जंजाल में से जल्दी से जल्दी कितनी जल्दी निकाल बाहर कर सकते हैं?
और हाँ, ध्यान रखें, कोई जादूगिरी नहीं चलेगी!
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यूँ तो गूगल ट्रांसलिट्रेशन ने यूनिकोड हिंदी लिखना बेहद आसान बना दिया है, मगर सिर्फ चंद लाइनें ही लिखनी हो तब. यदि आप लंबे लेख और उपन्यास लिखने की सोच रहे हैं वो भी कठिन और युग्म शब्दों में, तो गूगल का हिंदी लेखन औजार आपको नानी याद दिला देगा. इस लिहाज से इनस्क्रिप्ट आईएमई का कोई मुकाबला नहीं. दूसरे नंबर पर आता है आईएमई हिंदी टाइपराइटर रेमिंगटन. मगर क्या करें, जनता को आसान विकल्प – फ़ोनेटिक ही पसंद आता है.
 
इस लिहाज से हिंदी (तथा अन्य भारतीय भाषा में) लेखन के फ़ोनेटिक औजारों में विशाल मोनपारा के बनाए गए कुछ औजार बेहद काम के हैं.
 
1. प्रमुख आईएमई (डाउनलोड कड़ी) – 500 केबी का यह औजार एक एक्जीक्यूटेबल फ़ाइल में आता है, जिसे इंस्टाल करने की आवश्यकता नहीं. इसे डाउनलोड कर किसी भी डिरेक्ट्री/फोल्डर से डबल क्लिक कर चलाएँ अथवा स्टार्टअप में डाल दें. इसे चलाने पर सिस्टम ट्रे में आइकन बन जाता है जिसे क्लिक कर टॉगल कर हिंदी में लिख सकते हैं. इस टूल के जरिए फ़ोनेटिक हिंदी में (जैसे कि कमल के लिए kamala, कमला के लिए kamalaa तथा कमाल के लिए kamaala ) विंडोज के किसी भी प्रोग्राम/ब्राउजर के इनपुट विंडो में हिंदी में लिख सकते हैं. मेल / चैट विंडो में भी कमाल की हिंदी लिख सकते हैं. मेरे विचार में अब तक उपलब्ध फ़ोनेटिक आईएमई में सबसे आसान. हिंदी के कठिन शब्दों को भी आसानी से लिखा जा सकता है. बहुभाषी भी है. हिंदी टाइप करने का उदाहरण इस तरह है-
 


आप देखेंगे कि शब्दों को जोड़ने व अलग करने (ZWJ तथा ZWNJ) के लिए बढ़िया, इंटेलिजेंट तरीके से ^ व ^^ का प्रयोग किया गया है.
 
2. प्रमुख टाइप पैड फायरफाक्स एड ऑन (डाउनलोड कड़ी) – इस एड ऑन को फायरफाक्स में इंस्टाल कर आप फायरफाक्स ब्राउजर में कहीं भी – चैट पर, टिप्पणियों में, ब्लॉगों में हिंदी लिख सकते हैं. परंतु यदि आप प्रमुख आईएमई प्रयोग कर रहे हैं तो इसकी आवश्यकता नहीं है.
 
3. प्रमुख टाइपपैड (डाउनलोड कड़ी) – 400 केबी डाउनलोड का यह औजार वस्तुतः टाइनीएमसीई रिच टैक्स्ट एडीटर है जिसमें प्रमुख आईएमई प्लगइन लगा हुआ है. इसको डाउनलोड कर किसी डिरेक्ट्री/फोल्डर में अनजिप करें और टाइनीएमसीई (pramukhtypepad.htm) चलाएँ. विकल्प में देवनागरी पर क्लिक कर एडीटर में सीधे फ़ोनेटिक हिंदी में टाइप करें. आप हिंदी सामग्री के रूप रंग व फ़ॉन्ट आकार को भी यहाँ बढ़िया से सज़ा संवार सकते हैं क्योंकि यह WYSIWYG एचटीएमएल एडीटर है. इसमें लिखी सामग्री का कॉपी-पेस्ट कर प्रयोग में लिया जा सकता है. इसमें गुजराती वर्तनी जांचक भी है. उम्मीद करते हैं कि इसमें शीघ्र ही हिंदी का भी वर्तनी जांचक जुड़ेगा.
 
हिंदी टाइपपैड हग–2 औजार की तरह है और कुछ इस तरह काम करता है –


 
विशाल ने इन प्रोग्रामों को एलजीपीएल के तहत मुफ़्त में प्रयोग व वितरण हेतु जारी किया है. उनके इस शानदार कार्य के लिए धन्यवाद.

एक हजार नियमित पाठक वाले हिंदी चिट्ठों से किसी भी चिट्ठाकार को जलन हो सकती है. हिंदी ब्लॉगिंग का एक नया मील का पत्थर जल्द ही रखा जाने वाला है. कुछ चिट्ठों के नियमित सब्सक्राइबरों की संख्या जल्द ही हजार से पार होने वाली है! याहू!

हजारी ग्राहक पाठक संख्या में जल्द ही पहुँचने वाला है चिट्ठा - शब्दों का सफर. वर्तमान में(15 सितम्बर 2010 की स्थिति में) नियमित पाठक संख्या 977. नियमित पाठकों के हजार के आंकड़े तक पहुँचने में कुछ ही पाठकों और कुछ ही दिनों की देरी. किसी भी हिंदी चिट्ठे के लिए आज  के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि.

shabdo ka safar rss feed
(शब्दों का सफर के नियमित फ़ीड पाठक)

इधर साथ साथ ही है उत्तरांचल. शानदार (15 सितम्बर 2010 की स्थिति) 968 नियमित पाठक संख्या. किसी भी दिन आंकड़ा हजारी हो सकता है.  उत्तरांचल की एक पोस्ट (लिंक?) को वैसे भी सर्वकालिक सर्वाधिक बार पढ़ा जाने वाला चिट्ठाप्रविष्टि का दर्जा प्राप्त है. तीनेक साल पहले, तब जब हमारे चिट्ठों के पाठक बमुश्किल दर्जन भर लोग होते थे, इस पोस्ट को पढ़ने और टिपियाने वाले हजार से पार हो चुके थे!

uttaranchal
(उत्तरांचल के नियमित फ़ीड पाठक)

मेरे अपने सुनिश्चित विचार में कुछेक आधा दर्जन ऐसे हिंदी चिट्ठे और हैं जिनके नियमित पाठक हजारी आंकड़ों को छू रहे होंगे और इनमें से एकाध के पाठक आगे निकल भी चुके होंगे, परंतु उनके नियमित फ़ीड पाठकों की संख्या उनके चिट्ठों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं है.

अब आप देखिए कि आपके चिट्ठे इन हजारी ग्राहकों वाले चिट्ठों के सामने कहाँ ठहरते हैं. मेरे अपने चिट्ठे – छींटें और बौछारें का पाठक आंकड़ा तो जादुई, तीन सत्ती (15 सितम्बर 2010 की स्थिति) दिखा रहा है, मगर हजार के लिहाज से, दिल्ली अभी बहुत दूर है!

777 blog reader
(छींटें और बौछारें के नियमित फ़ीड पाठक)

शब्दों का सफर और उत्तरांचल को उनकी शानदार उपलब्धि (हजारी नियमित फ़ीड ग्राहक आंकड़ा तो अब महज ‘जस्ट ए मैटर ऑफ टाइम’ है) के लिए अग्रिम बधाईयाँ!!
आपकी नजर में ऐसे और हजारी ग्राहक संख्या वाले हिंदी चिट्ठे हों तो हमें भी बताएँ.
फ़ीड क्या है और कैसे है यह यहाँ से जानें.

अपने नियमित फ़ीड पाठकों की संख्या प्रदर्शित तो करें ही, साथ ही अपने चिट्ठा पाठकों को आपके चिट्ठे की फ़ीड सब्सक्राइब करने के लिए आसान विकल्प अवश्य दें जैसा कि ऊपर दिए चिट्ठों में प्रदर्शित है.

और, अब जब सैकड़ों चिट्ठों में प्रतिमिनट दर्जनों पोस्टें लिखी जाने लगी हैं, एग्रीगेटर्स की भूमिका अप्रासंगिक और संदिग्ध होने लगी है, ऐसे में अपने प्रिय चिट्ठों को पढ़ने का एकमात्र जरिया उनके फ़ीड के नियमित ग्राहक बनने का ही है.

तो, यदि आप इस चिट्ठे के नियमित ग्राहक नहीं बने हैं, तो आज ही बनिए.

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