संदेश

January, 2009 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मशीन अनुवाद का अस्वीकरण : विंडोज़ 7 की मशीनी हिन्दी?

चित्र
विंडोज 7 बीटा को विश्व की चंद चुनिंदा भाषाओं के साथ हिन्दी में भी जारी किए जाने की खबर से उत्साहित जनता को यह जानकर बेहद धक्का लगेगा. विंडोज 7 बीटा के हिन्दी के आरंभिक मेन्यू से आगे जाकर जब आप हिन्दी में मदद मांगते हैं तो सबसे पहले आपके पास ये चेतावनी आती है -

मशीन अनुवाद का अस्वीकरण:
महत्वपूर्ण: इस दस्तावेज़ के कुछ भागों का अनुवाद Microsoft मशीन-अनुवाद सॉफ़्टवेयर द्वारा किया गया है. Microsoft आपको मानव के द्वारा और मशीन के द्वारा अनुवाद की गई सामग्री प्रदान करता है जिससे आप अपनी भाषा में बीटा मदद पर पहुँच सकेंगे. हालाँकि, मशीन द्वारा अनुवाद किया गया वाक्य हमेशा पूरा सही नहीं होता. इसमें शब्दों, वाक्य रचना या व्याकरण की ग़लतियाँ हो सकती हैं, वैसे ही जैसे कोई विदेशी आपकी भाषा बोलने में ग़लतियाँ करता है. MT सामग्री के किसी ग़लत अनुवाद या इसके उपयोग द्वारा हमारे ग्राहकों को हुई किसी भी प्रकार की ग़लतियों, त्रुटियों, या क्षति के लिए Microsoft उत्तरदायी नहीं .
ठीक है, परंतु मशीनी अनुवाद के फलस्वरूप गलत-सलत समझ लेने या नहीं समझ में आने के लिए भला कौन उत्तरदायी होगा? और, चलायबल त्रुटियोँ तक तो…

2009 की हिन्दी चिट्ठाकारी के दिशा-मैदान पर देबाशीष चक्रवर्ती की पैनी नज़र

कुछ सवाल थे - हिन्दी चिट्ठाकारी की वर्ष 2008 की उपलब्धियाँ क्या रही थीं, किन विषयों पर ज्यादा चूना पोता गया तो किन विषयों पर चिट्ठाकार कल्टी मार गए, हिन्दी के सेलेब्रिटी ब्लॉगर कौन थे तो सेलेब्रिटी ब्लॉगपोस्ट कौन सा रहा था, कामाग्नि, वासना, मस्तराम वगैरह के अलावा आपको चिट्ठाकारी में कौन से विषय पढ़ना पसंद हैं, हिन्दी चिट्ठों की राह में कैसी क्या कुछ कठिनाइयां हैं इत्यादि इत्यादि....
इन सवालों के जवाब भले ही चिट्ठाकारों और चिट्ठा-पाठकों ने देने में भयंकर कोताही बरती हो, ऐसे भयंकर सवाल पूछने वाले देबाशीष पिछले दिनों अचानक पकड़ में आ गए, और मजबूरन उन्हें खुद इन सवालों के जवाब देने पड़े. देखिए - बेहद मनोरंजक-ज्ञानवर्धक-प्रेरक सवाल जवाब इस यू-ट्यूब वीडियो पर:

हिन्दी विंडोज 7 पर प्रथम दृष्टि...

चित्र
विंडोज 7 पर कल प्रकाशित संक्षिप्त समीक्षा में अमित ने जब बताया कि विंडोज 7 के साथ साथ उसका  हिन्दी पैक भी डाउनलोड हेतु उपलब्ध हो गया है तो मैंने देर नहीं की और 45 मेबा का विंडोज 7  हिन्दी मल्टी लैंग्वेज इंटरफेस पैक उतारा और अपने कंप्यूटर पर चढ़ाया. नतीजा स्वरुप कुछ स्क्रीनशॉट नीचे दिए जा रहे हैं. (चित्रों को बड़ा कर देखने के लिए उनपर क्लिक करें)


हिन्दी पैक बीटा अवस्था में ही, आधा-अधूरा  है ऐसा प्रतीत होता है क्योंकि प्रोग्राम मेन्यू और अन्यत्र कहीं कहीं अंग्रेजी भी झलक जाती है  - जैसा कि चित्रों में आप भी पाएंगे.


कहीं कहीं अनुवाद भी गलत व आधा-अधूरा है - जैसे कि प्रारंभिक मेन्यू में ही दिखता है - डिवाइसेस और प्रिंटरर्स! नियंत्रण केंद्र में ही एक स्थान पर डिवाइसेस लिखा जा रहा है तो दूसरी जगह उपकरण. यहीं पर एक मेन्यू है - पहुँच की सुगमता केंद्र - ये क्या होता है? कुछ आभास, अंदाज होता है? फिर भी, बहुत सारे सेटिंग संवाद व मदद फाइलें हिन्दी में अनुवादित हो चुकी हैं, और भविष्य में इनमें सुधार होता जाएगा. सबसे राहत की बात ये है कि विश्व की चंद बड़ी भाषाओं में जारी किए जाने के साथ-साथ ही विंडोज 7…

विंडोज 7 बीटा पर पहली हिन्दीमयी नजर

चित्र
(विंडोज 7 पर ब्लॉगवाणी - हिन्दी का सुंदर रूप - चित्र को बड़ा कर देखने के लिए उस पर क्लिक करें)


इससे यह बात एक बार और सिद्ध होती है. असफलता ही सफलता की प्रथम सीढ़ी होती है. विंडोज विस्ता जहाँ जहाँ असफल हुआ, और जहाँ जहाँ लोगों को उससे समस्याएँ हुईं, विंडोज 7 में उन बातों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है. खासकर डिवाइस ड्राइवरों व अनुप्रयोगों के अबाधित रूप से चलने की सक्षमता पर.



विंडोस 7, अपने पूर्ववर्ती विस्ता से वजन में हल्का है (8 जीबी विस्ता के बजाए 5 जीबी इंस्टाल), और तेज है. मेरे लॅपटॉप (एएमडी 64 - 2.0 गी.ह., 1 जीबी रॅम) पर यह कोई चालीस मिनट में संस्थापित हो गया. इसने पुराने विंडोज को भी बूट विकल्प में बनाए रखा, जो राहत की बात है. अलबत्ता ये अभी भी उतना मैच्योर नहीं हुआ है कि लिनक्स पार्टीशन को पहचान (जानबूझ कर?) सके और उसका बूट विकल्प बनाए रख सके. लिहाजा मुझे अपने उबुन्टु लिनक्स के लिए उसका ग्रब फिर से संस्थापित करना होगा. हालाकि ये कोई बड़ा काम नहीं है.

विस्ता से यह चलने में तेज है, और इसने आसानी से मेरे एनवीडिया वीडियो कार्ड, कोनेक्सेंट हाई डेफ़िनिशन ऑडियो, ईवीडीओ यूएसबी ब्रॉडबै…

नए नवेले ऑनलाइन हिन्दी ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑनलाइन हिन्दी-अंग्रेज़ी अनुवाद औजार

चित्र
हिन्दी के लिए सौगातों की झड़ी जारी है. ऑनलाइन ऑपरेटिंग सिस्टम जीहोस्ट में अंतर्निर्मित हिन्दी सुविधा उपलब्ध है. वेब 2 के जमाने में आने वाला भविष्य ऑनलाइन ही होगा ये तो तयशुदा बात है. आप भी एक मेहमान खाता खोलकर हिन्दी ऑपरेटिंग सिस्टम कैसा होता है इसका अनुभव ले सकते हैं. बहुत से मेन्यू और कुछ अनुप्रयोग हिन्दी में हैं. कंट्रोल पैनल का कुछ हिस्सा हिन्दी में है. कुछ स्क्रीनशॉट आपके लिए हैं – (चित्रों को बड़े आकार में देखने के लिए उन पर क्लिक करें)जी होस्ट अनुप्रयोग चयनजी होस्ट कंट्रोल पैनलजी होस्ट जोहो – हिन्दी यूनिकोड सक्षम वर्ड प्रोसेसरजी होस्ट ऑनलाइन ऑपरेटिंग सिस्टम डेस्कटॉप – फायरफ़ॉक्स ब्राउजर पर.इसी तरह, गूगल अंग्रेज़ी-हिन्दी-अंग्रेज़ी अनुवाद की तरह ही एक और हिन्दी-अंग्रेज़ी-हिन्दी स्वचालित अनुवाद सेवा लैंग्वेज वीवर द्वारा उपलब्ध किया गया है जिसे आप बेबीलोन के जरिए 7 दिन के ट्रायल पर जांच परख सकते हैं. अनुवाद सीधे सरल वाक्यों का तो ठीक-ठाक और गूगल से बेहतर होता है, मगर जहाँ बात कठिन और जटिल वाक्यों की आती है, तो मामला अटक जाता है. मगर फिर भी, शुरूआत तो हो ही गई है, और भविष्य में ये स…

फूल ही फूल खिल उठे हैं मेरे मन में…

चित्र
आपने गुलाब के फूलों की कितनी किस्में एक साथ देखी हैं? बात इंटरनेट पर या सीडी-रॉम एनसाइक्लोपीडिया या किताबों-पत्रिकाओं में देखने की नहीं हो रही है, बल्कि प्रत्यक्ष देखने की हो रही है. लाल गुलाब, पीले गुलाब, हरे गुलाब, नीले और काले गुलाब. सफेद, छींटदार गुलाब. बटन गुलाब, चांदनी गुलाब. और न जाने क्या क्या गुलाब. पिछले दिनों रोज सोसायटी भोपाल द्वारा अखिल भारतीय गुलाब पुष्प  प्रतियोगिता व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. हजारों गुलाब की किस्में. हर गुलाब एक से बढ़कर एक. जैसे हर फूल को बड़े जतन से बड़ा किया गया हो. इतने सारे सुंदर, महकते फूलों को एक साथ देखना चमत्कृत होने जैसा अनुभव था.मेरे पुरातन, कालातीत, परंतु अभी भी बढ़िया काम कर रहे कोडक इजीशेयर 2 मेपि कैमरे से खींचे गए गुलाब के कुछ पुष्प आपको भी नजर हैं.प्रदर्शनी की खास बात मुझे ये नजर आई कि यहाँ बहुत से शासकीय विभागों की भी प्रविष्टियाँ थीं, जिनमें पिछले कई वर्षों से कई कई श्रेणियों में गुलाब प्रदर्शनी व प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार पाने वाला विभाग बीएचईएल भी था, और इस वर्ष भी स्थिति जुदा नहीं थी.  बीएचईएल में खास अलग से गुलाब उद्यान है.…

स्ट्रिक्टली, नो डंकी बिज़नेस प्लीज़!

चित्र
मेरी तरह आप भी बचपन से लेकर अब तक कई कई मर्तबा गधा बनते रहे होंगे – मसलन पहली कक्षा में दो दूनी पाँच बोलने पर आपको आपके शिक्षकों द्वारा गधा कहा गया होगा, मगर बनाया मुर्गा गया होगा. हाल फिलहाल की बातें लें तो इंटरनेट व ब्लॉग तकनालाज़ी पर अपने ज्ञान झाड़ने के चक्कर में तब आप अपनी नजर में गधा बने होंगे जब सामने वाले ने कुछ चीजों को स्पष्ट करते हुए प्रतिप्रश्न किया होगा.ठीक है, गधा बनें, गाहे बगाहे बनें, जब चाहे बनें, मगर जब भी बनें तो मिस्री गधे बनें. मिस्री क्यों? भाई, मिस्र के गधों का एक स्टैण्डर्ड है. मिस्र के गधे ऐसे वैसे गधे नहीं हैं. उनका एक क्लास है वर्ग है. एलीट क्लास. वहां के गधे डायपर्स पहनते हैं. मिस्र की सरकार ने मिस्र में गधों को सार्वजनिक स्थानों पर पोतड़े (नैपी) पहने बगैर निकलने पर पाबंदी लगा दी है. यदि कोई गधा बिना पोतड़े पहने सड़कों पर नजर आया तो उनके मालिकों को जुरमाना अदा करना होगा. मजबूरी में मालिक भले पहने या न पहने, अपने गधे को वो पोतड़े मजबूरी में पहनाएगा.मिस्र में अब कुछ मनोरंजक परिस्थितियाँ नजर आएंगी – सड़कों पर हरे नीले पीले लाल रंगों के डिजाइनर पोतड़े पहने गधे …

2008 के आपके तीन पसंदीदा चिट्ठे कौन से हैं?

चित्र
और, वर्ष 2008 के आपके तीन पसंदीदा चिट्ठाकार? आप चिट्ठों में क्या पढ़ना चाहते हैं – कविता, कथा या ज्ञान विज्ञान? आपको चिट्ठों की  कैसी भाषा आकर्षित करती है – मुम्बइया, खालिस साहित्यिक या फिर अज़दकी? हिन्दी चिट्ठों में फोकट में किस विषय पर जबरन पोस्ट पे पोस्ट ठेले गए और किन विषयों की ओर मुँह भी नहीं मोड़ा गया?ऐसे और भी प्रश्न हैं, जिनका उत्तर आप दे सकते हैं. आपके उत्तरों को एक सर्वेक्षण के रूप में संकलित किया जाएगा और नतीजों को प्रकाशित भी किया जाएगा. किसी भी सर्वेक्षण  की सफलता उसके सेम्पलिंग – यानी ज्यादा से ज्यादा संख्या में सहभागिता से तय होती है. आप सभी किसी न किसी रूप में हिन्दी ब्लॉगिंग से जुड़े हैं और हिन्दी ब्लॉगिंग की शैशवावस्था में इसे दशा-दिशा प्रदान करने में आपकी भी महती भूमिका है. अत: इस हेतु 10 मिनट का समय निकालें व इस सामियिकी चिट्ठावार्षिकी 2008 ऑनलाइन सर्वेक्षण में सहयोग दें. इस सर्वेक्षण में आपको भी आनंद आएगा, और आपके मित्रों को भी. उन्हें भी इस सर्वेक्षण में भाग लेने को कहें.सर्वेक्षण की कड़ी है - http://spreadsheets.google.com/viewform?key=pfKq_K_aqbcSLIHi5nHDPGQसर्…

नव-वर्ष का विशुद्ध हिन्दीमय उपहार : खांडबहाले ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ हिन्दी-अंग्रेज़ी ऑनलाइन शब्दकोश’

चित्र
हिन्दी जगत् को नववर्ष का इससे बेहतर उपहार और क्या हो सकता है भला? खांडबहाले, जिनका अंग्रेज़ी हिन्दी ऑनलाइन शब्दकोश पहले से ही हम सभी के लिए मुफ़्त उपयोग के लिए बहुत पहले जारी किया जा चुका है, अब ऑनलाइन हिन्दी-अंग्रेज़ी शब्दकोश लेकर आए हैं.इस शब्दकोश का शब्द भंडार विशाल है. हिन्दी शब्दों को ढूंढने और अंग्रेज़ी में अर्थ देखने के लिए विशिष्ट इंटरफेस है जिसमें आपको उस शब्द से बने अन्य युग्म शब्दों के अर्थ ढूंढने में सहायता मिलती है. यदि इसमें शब्द के अंत के अक्षरों से ढूंढने की सुविधा मिले (जैसे कि ‘तुक ढूंढें’ बटन के जरिए), तो तुकांत कविताओं के कवियों के लिए यह बहुत ही काम की सिद्ध होगी. खांडबहाले शब्दकोश से आग्रह है कि वे यह सुविधा हमें जल्द उपलब्ध करवाएं.इस साइट की सबसे बड़ी खामी यह है कि यह शुषा की तरह का खांडबहाले फ़ॉन्ट का प्रयोग करता है लिहाजा ये फ़ायरफ़ॉक्स में ठीक से काम नहीं करता. अलबत्ता यह इंटरनेट एक्सप्लोरर में बढ़िया काम करता है. अब जब तमाम तरह के फ़ॉन्ट कनवर्टर्स हैं, और पद्मा एक्सटेंशनों के जरिए सर्वर बैकएण्ड पर शुषा जैसे हिन्दी फ़ॉन्ट को डायनामिक रूप से यूनिकोड हिन्दी में…

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें