संदेश

July, 2008 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मुझे इन सामाजिक जाल स्थलों से बचाओ!

चित्र
कुछ समय तक हमें स्पैम ईमेल अच्छा खासा परेशान करते रहते थे. काम के कोई तीन ईमेल मिलते थे तो साथ में सस्ती वायग्रा और व्यक्तिगत ऋण के तीन दर्जन. इस बीच तकनॉलाजी थोड़ी परिष्कृत होती गई तो ईमेल सेवा प्रदाता जीमेल और याहू तथा हमारे ईमेल क्लाएंट – आउटलुक/थंडरबर्ड के स्पैम फ़िल्टर भी थोड़े चालाक होते गए और ऐसे ईमेल संदेशों को पकड़ कर तत्काल मिटाने लगे. इस तरह हमारा आवक बक्सा इक्का दुक्का स्पैम को छोड़ दें, तो एक बार फिर से साफ सुथरा रहने लगा.मगर इस बीच इंटरनेट के प्रयोक्ता ज्यादा सामाजिक होने लगे. जाल स्थल में भी सामाजिकता अपना पैर पसारने लगी. वैसे भी मनुष्य सामाजिक प्राणी है. उसे समाज में घुल मिल कर, भीड़ भड़क्के में रहने में आनंद आता है. इसी लिए मेले ठेले में और डलास के जुआघरों में भीड़ की भीड़ उमड़ पड़ती है. कुछ होशियार प्रोग्रामरों ने जाल स्थल को भी सामाजिक स्थल बना दिया. ओरकुट, फेसबुक, लिंक्डइन और न जाने तमाम तरह की सामाजिक साइटें देखते देखते नमूदार हो गईं. और अब वहां भी भीड़ की भीड़ जमी और जुटी हुई रहती है.आप ओरकुट में अपना प्रोफ़ाइल बनाते हैं, दोस्तों का समूह खड़ा करते हैं, तो देखते ह…

बिल गेट्सः अद्वितीय मेधा, अतुलनीय सादगी

चित्र
- बालेन्दु दाधीचपिछले साल 13 मार्च को मुझे माइक्रोसॉफ्ट के आमंत्रण पर उसके रेडमंड (सिएटल) स्थित विश्व मुख्यालय का दौरा करने, उसके संस्थापक बिल गेट्स से मिलने और उन्हें सुनने का अविस्मरणीय अवसर मिला। उनकी चौंका देने वाली तकनीकी और व्यावसायिक सफलता के अलावा उस मौके पर जिन तीन बातों ने मुझे बेहद प्रभावित किया, वे थीं- गूढ़ तकनीकी संकल्पनाओं को आसान ढंग से अभिव्यक्त करने की उनकी योग्यता, कई साल आगे के तकनीकी परिदृश्य को भांप लेने की अद्वितीय क्षमता और उनकी सादगी। माइक्रोसॉफ्ट के एक विश्व स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते समय बिल कोट और टाई की बजाए स्वेटर पहनकर आए थे। वह भी एकदम तनावमुक्त, बेपरवाह शैली में। छोटी-छोटी उपलब्धियों का दिखावा करने वाले हम लोगों के लिए यह देखना एक अद्वितीय अनुभव है कि सॉफ्टवेयर का सरलीकरण और सामान्यीकरण करते हुए पूरी दुनिया की हर डेस्क पर कंप्यूटर पहुंचा देने वाला व्यक्ति, जिसकी कंपनी में अस्सी हजार के करीब कर्मचारी और दस हजार से ज्यादा मिलियनायर (वह भी डॉलर में) हैं, वह दिखावटी चीजों से पूरी तरह मुक्त, बाहर से बेहद सामान्य किंतु भीतर से कितना विलक्षण व्यक्ति है। ब…

आइए, विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजिन पर खोजें हिन्दी

चित्र
विश्व का सबसे बड़ा (world’s biggest) सर्च इंजिन कौन सा है? आपके दिमाग में दन्न से कौंधेगा – गूगल. माफ़ कीजिए, आप ग़लत हैं. विश्व का सबसे बड़ा सर्च इंजिन है कुइल (Cuil – उच्चारण क्या सही है?)कुइल इसी सोमवार को जारी किया गया, और जारी होते ही इसने दावा किया कि ये विश्व का सबसे बड़ा सर्च इंजिन है – गूगल से भी बड़ा और माइक्रोसॉफ़्ट से भी बड़ा.आइए, देखें कि इसके दावे में कितना दम है –मैंने एक छोटे से, कम प्रचलित शब्द – Ratlam के लिए ढूंढा. कुइल ने परिणाम कुछ यूँ फेंका –और गूगल ने कुछ यूँ दिखाया –चलिए, यहाँ तो कुइल कुछ बाजी मारता दिखता है. उसका प्रस्तुतिकरण का अंदाज मजेदार और बढ़िया है, और अपने को काम की चीज पर दन्न से जाने में दिक्कत नहीं होगी. सर्च परिणाम भी संदर्भित और काम के हैं, और तीव्र प्राप्त हुए.फिर मैंने हिन्दी में सर्च किया – प्रचलित शब्द ब्लॉगवाणी.गूगल ने निकाले 75300 पृष्ठों की कड़ियाँ. आइए, देखें कि कुइल क्या कहता है –लगता है कुइल हिन्दी नहीं समझता. हालाकि रोमन में ढूंढने से हिन्दी पृष्ठों को दिखाता तो है, परंतु सर्च इंटरफेस में हिन्दी डालते ही मामला गड़बड़ हो जाता है. तो, जब त…

चिट्ठाकारों की नियमित, योग्यता जाँच

चित्र
क्या खयाल है? चलिए मान लिया, यहाँ कोई न न्यूनतम और न महत्तम मापदण्ड है, मगर योग्यता के नाम पर कुछ तो होगा? पर, अब आप कहेंगे कि एक चिट्ठाकार की योग्यता आखिर क्या होनी चाहिए जो जांची-परखी भी जा सके. और यदि कुछ तो ऐसा होगा जिसे चिट्ठाकार की योग्यता कहा जा सके तो फिर उसे जांचने में कोई हर्ज है क्या?मेरे एक चिट्ठे पर हाल ही में एक टिप्पणी आई – “*तिए ये तूने क्या लिखा है?” वो तो टिप्पणी मॉडरेशन का धन्यवाद कि मैंने उस टिप्पणीकार के *तियापे को प्रकाशित नहीं किया. मगर यहाँ पर सवाल यह उठता है कि मैंने जो कुछ लिखा था, वो तो मेरी अपनी नज़रों में महान था. तमाम इंटरनेटी दुनिया में तांक झांक कर मसाला उड़ाकर निचोड़ बनाकर मैंने लिखा था. मेरे अपने हिसाब से वो एक क्लासिक था. जितनी दफा और जितनी मर्तबा और जितनी बार, बार-बार मैं उसे पढ़ता, पढ़कर मुग्ध हो जाता और सोचता कि क्या गजब लिखा है. मुझे लगता कि उसने कहा था की तर्ज पर मेरा यह मात्र एक लेख मुझे चिट्ठासंसार में स्थापित कर सकने की क्षमता रखता है. मगर उस पर आई भी तो यह टिप्पणी!मगर, फिर मैंने अपने आप को दिलासा दिया - वह पाठक और वह टिप्पणीकार अवश्य ही *तिय…

टेकफैक (Tech-FAQ) हिन्दी में?

चित्र
टेकफैक http://www.tech-faq.com/lang/hi/ हिन्दी में?
हुँह, पर ये तो मूल अंग्रेज़ी का 'स्वचालित हिन्दी अनुवाद' स्थल है!
समस्या तब है जब गूगल हिन्दी खोज के परिणाम ऐसी साइटों से आएंगे (आ रहे हैं, तभी यह पता चला), और हम भाषा पर सिर धुनते रहेंगे, जब तक कि समझ में न आए कि भाई, माजरा क्या है!

बहुधा व बारंबार प्रयुक्त होने वाले हिन्दी कम्प्यूटिंग शब्दों की सूची

चित्र
रेडहेट लिनक्स के प्रायोजन में विगत 12-13 जुलाई 2008 को पुणे में बारंबार प्रयुक्त होने वाली हिन्दी कम्प्यूटिंग शब्दावली (FUEL – फ्रिक्वेंटली यूज्ड एन्ट्रीज़ फ़ॉर लोकलाइज़ेशन) की समीक्षा, परिष्करण व परिमार्जन हेतु एक आयोजन सम्पन्न हुआ. विस्तृत विवरण इस आयोजन के समन्वयक राजेश रंजन ने अपने चिट्ठे पर तथा फ्यूल के आधिकारिक स्थल पर दर्ज किया है.

हिन्दी अनुवादों में – खासकर कम्प्यूटिंग तकनालाजी को अनुवाद करते समय क्या और कैसी समस्या आती है इसे राजेश रंजन ने अपनी प्रस्तुति में खूबसूरती से बयान किया है. इस मजेदार, जानकारी परक प्रस्तुति की पीडीएफ़ फ़ाइल जरूर देखें.

ज्ञातव्य है कि इस सूची को कोई पिछले 5 वर्षों के दौरान लगातार परिष्कृत व परिमार्जित किया जाता रहा है. हालाँकि यह सूची अभी भी अनंतिम है, मगर एक तरह से परिपूर्ण है, और अनुप्रयोगों के हिन्दी अनुवादकों से आग्रह है कि वे हर प्लेटफ़ॉर्म पर एक जैसे अनुवादों हेतु इन्हीं शब्दों का प्रयोग करें तो बेहतर होगा. वैसे, अच्छे सुंदर और सटीक परंतु सरल हिन्दी शब्दों की खोज लगातार जारी है और जारी रहेगी. उदाहरण के तौर पर एक शब्द अंग्रेजी का है – हाईलाइट (Hig…

जीमेल (और अन्य जाल-अनुप्रयोगों को) को चलाइए डेस्कटॉप अनुप्रयोग की तरह

चित्र
जमाना वेब अनुप्रयोगों का है. स्थिति यह है कि इंटरनेट युक्त डेस्कटॉप / लॅपटॉप पीसी के अधिकतर अनुप्रयोग जाल अनुप्रयोग हैं जो ब्राउजरों पर चलते हैं. उदाहरण के लिए जी-मेल, याहू-मेल, ब्लॉगर, वर्डप्रेस, ऑनलाइन गेम्स, गपशप व त्वरित संदेशवाहक, इत्यादि-इत्यादि. और, आज जाल अनुप्रयोगों के जरिए कम्प्यूटिंग के आमतौर पर तमाम काम निपटाए जा सकते हैं.
अब तो गूगल डॉक्स जैसे वेब अनुप्रयोग भी आ चुके हैं जो आपको इंटरनेट के जरिए वेब ब्राउजर के भीतर ही संपूर्ण ऑफिस सूट जैसे अनुप्रयोग मुहैया कर रहे हैं.
ऐसे जाल-अनुप्रयोगों को अब तक ब्राउजर के भीतर ही चलाए जाने की समस्या थी. परंतु अब आपके पास कई किस्म के विकल्प हैं जिनसे आप ऐसे जाल अनुप्रयोगों को डेस्कटॉप अनुप्रयोगों की तरह चला सकते हैं. एडोबी एयर, माइक्रोसॉफ़्ट सिल्वरलाइट और मॉजिल्ला प्रिज्म जैसे प्रकल्प जो वेब अनुप्रयोगों को डेस्कटॉप अनुप्रयोग की तरह उपयोग की सहूलियतें प्रदान करने लगे हैं तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
किसी जाल अनुप्रयोग को डेस्कटॉप अनुप्रयोग की तरह इस्तेमाल करने के क्या फ़ायदे हो सकते हैं भला? अब यह तो आपको इन्हें प्रयोग करने के उपरांत ही पता …

बढ़ती खुशियाँ घटती खुशियाँ

चित्र
अच्छा, क्या आप ये बता सकते हैं कि आप कल ज्यादा खुश थे कि आज? अच्छा, अच्छा - परसों आप कितना खुश थे? आने वाले कल या फिर आने वाले परसों के घटत-बढ़त के बारे में क्या खयाल है आपका – बता सकते हैं कि आप कितना खुश रह पाएंगे?यदि एक सर्वे के नतीजों की मानें तो यकीनन आप कल की अपेक्षा आज ज्यादा खुश हैं और कल को और ज्यादा खुश होंगे. आज से दस साल पहले आप जितना खुश थे उससे कहीं ज्यादा खुश आप आज हैं. इस हिसाब से, दस साल पहले की आपकी खुशी, आपके बीस साल पहले की खुशी से ज्यादा रही थी क्योंकि इस दरमियान दुनिया दिन पर दिन ज्यादा खुश होती जा रही थी, होती जा रही है. और, जाहिर है, दुनिया के साथ दुनिया के लोग दिनोंदिन ज्यादा खुश होते जा रहे हैं.अब पड़ताल ये करनी होगी कि हमारी खुशी बढ़ाने के पीछे के फ़ैक्टर आखिर क्या हैं. शोधकर्ताओं को छोड़ दें – हो सकता है, उनके अपने मापदंड होंगे खुशियों को मापने के. मगर कई मामलों में मैं वास्तव में बहुत खुश हूं. पहले की अपेक्षा बहुत सी खुशियाँ हैं मेरे पास. कुछ उदाहरण देना चाहूंगा -लोग महंगाई का नाहक रोना रो रहे हैं. दरअसल इसके ‘खुशी’ फ़ैक्टर की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया …

हिन्दी विकिपीडिया के पांच वर्ष पूर्ण

चित्र
ठीक पांच साल पहले, सन् 2003 में जुलाई महीने की 11 तारीख को विकिपीडिया में हिन्दी की प्रथम प्रविष्टि लिखी गई और इस तरह हिन्दी विकिपीडिया का जन्म हुआ. तब से अब तक लगातार उन अनाम हिन्दी सेवियों के बल पर जो तन-मन-धन से काम करते रहे हैं – 6 जुलाई 2008 की स्थिति तक कोई 20,420 आलेख इसमें जुड़ चुके हैं. और हाल ही में हिन्दी विकिपीडिया ने जून 2008 में लेखों की गहराई स्तर 5 को भी पार कर लिया.आइए, इस उपलक्ष्य में हम भी विकिपीडिया के साथ कुछ खुशिया मनाएं. आप क्या कर सकते हैं? टिप्स – युक्तियों के लिए यहाँ जाएं.आप भी अपना योगदान हिन्दी विकिपीडिया में दे सकते हैं. कैसे? यहाँ देखें.हिन्दी विकिपीडिया को इस मुकाम तक पहुँचाने में हिन्दी विकिपीडिया से जुड़े सभी हिन्दी सेवियों को नमन्.

गूगल हिन्दी अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश

चित्र
गूगल ट्रांसलेट का गूगल हिन्दी अंग्रेजी व अंग्रेजी हिन्दी शब्दकोश मस्त है. एक बानगी देखें -मैंने good शब्द के लिए अंग्रेज़ी>हिन्दी में ढूंढा और फल ये रहा -फिर मैंने अच्छा के लिए हिन्दी>अंग्रेज़ी में ढूंढा तो प्रतिफल कुछ यूँ रहा-इसमें एक बेहतरीन उपक्रम डाला गया है वो है – रिलेटेड फ्रेजेज यानी संबंधित वाक्यांश - जो लाजवाब है.तो, अपनी शब्दकोश आवश्यकताओं के लिए इसे बुकमार्क करें, आज, अभी ही!

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें