संदेश

November, 2007 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सबसे भ्रष्ट...

चित्र
उत्तर प्रदेश आईएएस अफसरों के यूनियन के नए, चुने गए अध्यक्ष वही हैं, जिन्हें पूर्व में साथी आईएएस अफसरों ने सर्वाधिक भ्रष्ट अफसर के रूप में चुना था. चुनावों के हालिया रूपरंग से – चाहे वे लोकसभा-विधानसभा के हों या किसी कॉलेज छात्रसंघ के या फिर आईएएस अफसरों के यूनियन के – कोई भी आसानी से अंदाजा लगा सकता है कि कौन जीतेगा. जीतेगा वही, जो सबसे बड़ा .... होगा. व्यंज़ल
--------
मैंने तो सारे काम किए थे भ्रष्ट
जाने कैसे समझा नहीं गया भ्रष्ट कौन सा ये गुनाह किया है मैंने
मेरी नजर में पूरी दुनिया है भ्रष्ट इस दौर का ये नियम है नया
मरता है ईमानदार जिंदा है भ्रष्ट किसकी इबादत करूं कैसी पूजा
मेरा ईश मेरा खुदा हो गया भ्रष्ट थोड़ा तो ईमान बाकी है रवि में
खुलेआम बताता है खुद को भ्रष्ट
-------.

अगर मर जाऊँ तो रोने मत आना...

चित्र
अगर मर जाऊँ तो रोने मत आना... क्या आपने अपनी मृत्योपरांत के लिए कोई वसीयतनामा कर लिया है? यदि हाँ, तो उसे बदलने के लिए, और यदि नहीं तो एक लिख डालने के लिए आपके सामने प्रस्तुत है एक उत्तम विचार. उज्जैन के श्री महावीर प्रसाद लोहिया ने मृत्योपरांत का एक वसीयतनामा लिखा है, जो कई मामलों में अनुकरणीय है. उन्होंने अपने मृत देह का दान चिकित्सा महाविद्यालय को तो सौंपा ही है, कुरीतियों को भी सिरे से नकारा है. कुछ प्रेरणा मुझे भी मिली है. और मैं अपना यह वसीयत नामा इंटरनेट पर, अपने ब्लॉग पर टांगता हूँ. इससे महफ़ूज जगह और क्या हो सकती है भला? मृत्यु पर कोई भी क्रियाकर्म, पिंडदान, ब्राह्मण-भोज, गरूड़पुराण पाठ, बारहवां, तेरहवां, पगड़ी आदि रूढ़िवादी रीतिरिवाज कतई नहीं किया जाए. मेरे मृत देह को चिकित्सा महाविद्यालय को दान में दे दिया जाए. पत्नी को विधवा नहीं माना जाए. (मैं सिर्फ शरीर छोड़ूंगा, पत्नी को नहीं. मेरी आत्मा पत्नी के इर्द-गिर्द सदैव भटकेगी,)बच्चों के सिर नहीं मुंडवाए जाएं. (इसी बहाने डैंड्रफ़ से छुटकारा पाना हो तो बात अलग है,)घर में अथवा कहीं भी बैठक नहीं की जाए. मातमपुर्सी करने किसी क…

हिन्दी ब्लॉगिंग के 3 आदम

चित्र
ताज़ातरीन टिप्पणी विवाद से अनायास बापू के तीन बंदर याद नहीं आ जाते? परंतु ब्लॉगिंग में, खासकर हिन्दी ब्लॉगिंग में वे फिट नहीं होंगे. हिन्दी ब्लॉगिंग को बापू के 3 बंदरों के परिवर्तित रूप - इन 3 आदमों की खासी आवश्यकता होने लगी है... बुरा मत लिखो, बुरा मत पढ़ो, बुरा मत लिंक करो तो भइए, अब कहीं कुछ बुरा सा होने लगे हिन्दी ब्लॉगिंग में, तो कट ले. आजू से कटले, बाजू से कट ले. ऊपर से निकल ले. अब तो, हजारों लिखवाल हैं हिन्दी ब्लॉगजगत् में!

दोस्त, आपका हिंदी प्रेम जाइज है लेकिन...

चित्र
अचानक ही धड़ाधड़ गोस्टैट हिन्दी के बारे में (स्पैम?) कमेंट मिलने लगे और साथ ही ई-मेल से सूचना भी कि गो-स्टैट साइट के जरिए आप अपने ब्लॉग के स्टेटिस्टिक्स हिन्दी में भी प्राप्त कर सकते हैं...सचमुच हिन्दी अब इंटरनेट की स्थापित भाषा बन गई है और अब इसमें चहुँओर व्यावसायिकता की घोर संभावनाएँ दिखाई देने लगी हैं. हो सकता है, भविष्य में कुछ ऐसे नए नायाब वेब अनुप्रयोग इस्तेमाल करने को मिलें जो पहले पहल हिन्दी में ही जारी किए जाएंगे और फिर वे भले ही बाद में अंग्रेजी में पोर्ट हों.हिन्दी में स्टेटकाउंटर के नाम पर मैं किलकता और खुश होता हुआ गोस्टैट हिन्दी पर पहुँचा तो मेरी खुशी वहाँ काफूर हो गई.आप पूछेंगे क्यों?(हिन्दी का गोस्टैट)(अंग्रेजी का गोस्टैट)(चित्रों को बड़े आकार में देखने के लिए उस पर क्लिक करें)तमाम साइट हिन्दी के गलत-सलत अनुवादों और वर्तनी की गलतियों से अटा पड़ा है.भाई साहब, मित्र, आपका हिन्दी प्रेम जाइज है, लेकिन जरा हिन्दी ठीक-ठाक तो रखें. गोस्टैट साइट कोई व्यक्तिगत ब्लॉग साइट नहीं है, बल्कि एक व्यावसायिक संगठन है जिसका कुछ तो उत्तरदायित्व है. आपसे अनुरोध है कि किसी अच्छे अनुवादक को …

एक लैपटॉप प्रतिबच्चा को चाहिए स्वयंसेवी हिन्दी अनुवादक

चित्र
(चित्र को बड़े आकार में देखने के लिए इस पर क्लिक करें) यदि आपके मन में विश्व के तमाम गरीब बच्चों को के प्रति कुछ कर गुजरने की तमन्ना है तो इससे बढ़िया काम और कुछ नहीं हो सकता. एक लैपटॉप प्रतिबच्चा (OLPC) एक अति महात्वाकांक्षी परियोजना है जिसके तहत अत्यंत सस्ती कीमत में (वर्तमान में 6000 रुपए में,) बहुत ही उम्दा, मजबूत किस्म के लैपटॉप तमाम विश्व के गरीब बच्चों को (एक तरह से) मुफ़्त में (सरकारी व गैर-सरकारी तथा व्यक्तिगत सहयोग से) प्रदान किया जा रहा है. आप भी कई तरीके से इस परियोजना का हिस्सा हो सकते हैं. जैसे कि, आप जिस भाषा के जानकार हैं – उस भाषा में एक्सओ (ओएलपीसी का ऑपरेटिंग सिस्टम तथा प्रोग्राम) अनुप्रयोगों व मैनुअल/मदद फ़ाइलों को अनुवाद करके. हिन्दी भाषा में एक्सओ के कुछ आरंभिक फ़ाइलों का अनुवाद आप आनलाइन यहां पर कर सकते हैं. इसके लिए वहां पर आपको एक खाता खोलना होगा. खाता खोलने के बाद लॉगइन करें, फिर जिस फ़ाइल का अनुवाद करना है, या अनुवाद परिवर्धित करना है, उसे क्लिक कर खोलें व अनुवादित/गैर अनुवादित शब्दों/वाक्यों को चुनें. आपके सामने एक बक्सा प्रकट होगा जिसमें आप हिन्दी में अनुव…

मियाँ फेंकू, बाई मलाई, इंडिया सिंग और भक्त हरवक्त

आज जब मैं यू ट्यूब पर रचनाकार का पहला वीडियोकास्ट चढ़ा रहा था तो बाजू में मियाँ फेंकू का वीडियो लिंक प्रकट हुआ. थोड़ी सी दिलचस्पी जागी तो पाया कि ऐसे कुछ और वीडियो हैं. इन्हें यू-ट्यूब उपयोक्ता पॉकिटबड्डीस ने संकलित किया है.थोड़ा सा और अनुसंधान करने पर पाया कि 1-2 मिनट से भी कम समय के इन शानदार, बेहतरीन मनोरंजक वीडियो को फ़ोनेटिक्स.इन द्वारा बनाया गया है.आपके लिए पेश है यू-ट्यूब से कुछ एम्बेड कड़ी. वैसे, इन वीडियो के पूरे, हाई-फ़ाई मजे के लिए (यू-ट्यूब में गुणवत्ता थोड़ी सी कम है) फ़ोनेटिक्स.इन पर जाएँ. मियाँ फेंकू का ईद-दीवाली बधाई फरमाओ जान का अब के बारिश इंडिया सिंग का इंडियन रेलवेभक्त हरवक्त और बाई मलाई आप स्वयं जा देखें :), और हाँ, वहां पर मि. माधुरी भी हैं, बड़ी प्यारी सी.इसी तरह के, घोर मनोरंजक कोई चालीस से भी अधिक यू-ट्यूब वीडियो की कड़ियाँ आपको यहाँ से मिल सकती है -वीडियो 1-20वीडियो 20-40वीडियो 40 व आगेइनमें कुछेक को छोड़ कर आमतौर पर बाकी सभी आपका घंटों मनोरंजन करने में अच्छे खासे समर्थ हैं, कुछेक को तो आप बारंबार देखना व मित्रों को फारवर्ड करना चाहेंगे.पॉकेटबड्डीज को इस मजेद…

बदहूहवा = यूट्यूब उर्फ आई एम लेज़ी!

चित्र
बहुत पहले मसिजीवी ने अपनी ऑल्ट-शिफ़्टी नितांत निजी पीड़ा को सार्वजनिक किया था. यह पीड़ा मुझे भी है. शुरू से. देखिए ना, कल ही मैं जब रीयल इंडियन आइडलों के लिए यू ट्यूब पर फ़ाइलें चढ़ाने के लिए जाना चाहा तो मुझसे यू-ट्यूब की जगह ये टाइप हो गया – बदहूहवा. दरअसल, मैं अंग्रेजी में टाइप कर रहा था youtube. परंतु मेरा कुंजीपट हिन्दी में था, और टाइप हो गया बदहूहवा. मैंने कुंजी दबाया था youtube, परंतु इनस्क्रिप्ट पर सेट होने के कारण इनपुट आया बदहूहवा. हम सभी को, जो कि कम्प्यूटर पर एक से अधिक भाषाओं में काम करते हैं, इस समस्या से नित्य दो-चार होना पड़ता है. कुंजीपट टॉगल किए बगैर बिना देखे धड़ाधड़ कभी कभी तो आधा-पूरा पैराग्राफ छाप डालते हैं और तब पता चलता है कि ये तो किसी एलियन भाषा में टाइप हो गया, और अकसर कई बार बड़ी झुंझलाहट भी होती है. परंतु फिर, कल एक जादू हो गया. बदहूहवा से सचमुच एक कड़ी मिली. इस बार गूगल सर्च बक्से ने ये नहीं कहा कि आपका यह अजीबोगरीब शब्द कहीं नहीं मिला. गूगल ने बदहूहवा => यूट्यूब की कड़ी पेश की. और बोपदद! मेरे जैसे आलसी जीवों के लिए काम बन गया जो यूआरएल के छोटे से हिस…

द रीयल इंडियन आइडल्स...

नाम – नामालूमउम्र – 7-8 वर्ष पता – भारतीय रेल का कोई डिब्बा व्यवसाय – गायन ------------- नाम – नामालूमउम्र – 25-30 वर्ष पता – भारतीय रेल का कोई डिब्बा व्यवसाय – गायन इंडियन आइडल, सारेगामापा संगीत का विश्वयुद्ध और स्टार वाइज ऑफ इंडिया जैसे रीयलिटी शो में सुर-ताल से पीछे छूट गए गायक अकसर जनता के एसएमएसिया वोटों के चलते जीत जाते हैं और उनसे बीस पड़ रहे कलाकार हार जाते हैं. मोटी फीस ऐंठे हुए कठपुतली निर्णायक मगरमच्छी टेसुए बहाते हैं, वोटरों को कोसते हैं और फिर जनता से और-और वोट मांगते हैं. ऊपर के दोनों वीडियो में ट्रेन की गति और शोर के बीच, जहाँ गले को ही माइक्रोफ़ोन और स्पीकर का रूप दिया गया है, न तो सुर टूटा है और न ताल. ताल भी एसबेस्टास की चादर के दो छोटे से टुकड़ों और फटी, पैबंद लगी हुई ढपली से जमाई जा रही है. हैं न ये रीयल इंडियन आइडल्स? और, ऐसे एक से बढ़कर एक आइडल आपको हर कहीं, हर शहर में, चलते फिरते मिल जाएंगे. क्या कोई चैनल इन्हें चुनकर इनके बीच गायन प्रतियोगिता का रीयलिटी शो आयोजित कर सकता है? मेरा दावा है कि इस शो को हाईप और हूपला तो मिलेगा ही, देश को चंद सर्वकालिक श्रेष…

चिट्ठाकारी और व्यक्तित्व परिवर्तन

चित्र
क्या चिट्ठाकारी से व्यक्तित्व परिवर्तन संभव है? संभवत:, हाँ. आज जब मैं इस परिवर्तन के बारे में पढ़ने-जानने के लिए चिट्ठे पर गया तो क्या देखता हूँ कि चिट्ठाकार तो क्या, पूरा का पूरा चिट्ठा ही व्यक्तित्व परिवर्तन का शिकार हो गया है. कहाँ ज्ञानदत्त शान से रेलगाड़ी चलाते थे अपने चिट्ठे के बाजू पट्टी में. वहाँ शीर्ष पट्टी में, सबसे ऊपर, देखा कि हवाई जहाज उड़ रहा है.और, साथ ही साथ, यात्रा के लिए बीमा करवाने हेतु एक विज्ञापन भी आगाह कर रहा था. रेलगाड़ी के परिचालन से जुड़े ज्ञानदत्त के रेल दुर्घटनाओं के कुछ अंदरूनी किस्सों वाले चिट्ठापोस्टों को पढ़ कर बगैर बीमा करवाए भला कौन बहादुर रेल यात्रा करने का साहस करेगा! (बीमा कंपनी ने अपना उत्पाद विज्ञापित के लिए कितना सही स्थल चुना है). वैसे, एक और अदृश्य इशारा हो रहा है – अब तो रेलगाड़ी छोड़ो, अपने व्यक्तित्व में परिवर्तन लाओ, और हवाई यात्रा करो! ज्ञानदत्त ने स्वयं माना है कि चिट्ठाकारी ने उनके व्यक्तित्व को परिवर्तित कर दिया है. उनके चिट्ठे का व्यक्तित्व तो खैर बदल ही गया है. उनके व उनके चिट्ठे के नए इनकारनेशन के लिए बधाई. मानसिक हलचल के एक चिट्ठ…

जब वी मेट एट रतलाम: चवन्नी की बातों में है अठन्नी का दम...

चित्र
जब वी मेट फ़िल्म अभी मैंने नहीं देखी है. जब वी मेट पर लिखी गई अपनी समीक्षात्मक ब्लॉग प्रविष्टि में चवन्नी चैप ने फ़िल्म में रतलाम शहर के गंदे प्रस्तुतिकरण को लेकर कुछ वाजिब से सवाल उठाए थे तो मैंने अपनी टिप्पणी में लिखा भी था – रतलाम रेलवे स्टेशन पर रोजी-रोटी की तलाश में रतलाम-झाबुआ-निमाड़ अंचलों से गरीब ग्रामीणों की पलायन करती भीड़ दिखती है, न कि रक्कासाओं की... और तो और, यहाँ पर ज्ञात-अज्ञात क़िस्म के लाल बत्ती क्षेत्र भी नहीं हैं. यह शहर आमतौर पर साफ सुथरा है, और इक्का-दुक्का अपवादों को छोड़ दें तो छेड़-छाड़ जैसी घटनाएँ भी नहीं होतीं. इसके बावजूद इस फ़िल्म में इन बातों को दिखाया गया है. जब यह फ़िल्म हाल ही में रतलाम में रिलीज हुई तो जाहिर है, रतलामियों को यह नागवार गुजरा और फ़िल्म में रतलाम के इस गंदे प्रस्तुतिकरण पर विरोध जताया. इस विरोध प्रदर्शन की मजेदार बात यह रही कि विरोध प्रदर्शन करने वालों ने किसी टॉकीज पर जाकर नहीं, बल्कि शहर के एकमात्र महिला महाविद्यालय के सामने प्रदर्शन किया. चर्चे हैं कि इस फ़िल्म पर किसी संगठन की तरफ से कोई मुकदमा ठोंका जाएगा. मगर मेरा मानना है कि फ़ि…

एक और हिंदी ब्राउज़र का अवतरण...

चित्र
मोजिल्ला के रूप रंग को (जैसे कि फ्लॉक में इसका रूप रंग पूरी तरह बदल दिया गया है,) निखार संवार कर बहुत से प्लेटफ़ॉर्म में इसे सीमंकी के रूप में जारी किया गया है और हाल ही में इसका हिन्दी रूप – हिन्दी सीमंकी को उत्तंक सॉफ़्टवेयर ने जारी किया है. सीमंकी हिन्दी चूंकि मोजिल्ला का ही प्रतिरूप है और ब्राउजर इंजिन मॉजिल्ला का ही इस्तेमाल करता है, अतः आपको सीमंकी में मॉजिल्ला की पूरी खूबियाँ मिलेंगीं. इसके हिन्दी प्रतिरूप के आरंभिक जांच परख में अनुवादकों की मेहनत तो अच्छी खासी झलकती है, परंतु साथ ही अनुवाद में भाषागत त्रुटियाँ और कमियाँ भी नजर आती हैं. उम्मीद है इन ग़लतियों को इसके अगले संस्करण में ठीक कर लिया जाएगा. और अनुवाद की भाषा भी परिष्कृत कर ली जाएगी. कहीं कहीं पर अधूरा अनुवाद भी है. इसी प्रकार अभी सिर्फ इसका यूआई (उपयोक्ता इंटरफ़ेस) ही अनुवादित हुआ है. इसकी मदद फ़ाइलें अंग्रेज़ी में ही हैं. जाहिर है, कार्य बड़ा है. फिर भी, शुरूआत हो चुकी है. इससे पूर्व इनके द्वारा मॉजिल्ला 1.5 का हिन्दी संस्करण जारी किया जा चुका है. हिन्दी सीमंकी की संस्थापना अत्यंत आसान है. बस फ़ाइल डाउनलोड करें व स…

दीपावली की कुछ अहार्दिक क़िस्म की अबधाईयाँ...

चित्र
दीपावली आया और मेरे लिए मुसीबतों का पहाड़ ले आया. अब देखिए ना, मेरा मेल बॉक्स जेनुइन क़िस्म के (कतई स्पैम नहीं!) ईमेलों से अटा पड़ा है. और नित्य कोई तीन-चार गुना ज्यादा ईमेल चला आ रहा है इन दिनों. सबमें घुमा-फिरा कर एक ही बात कही जा रही है – दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ! लफ़्जों के खेल, चित्रों के अखाड़ों, मल्टीमीडिया ऑडियो-वीडियो संलग्नकों के सर्कसों का - सबका सार यही होता है दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ! मोबाइल का इनबॉक्स भी हर घंटे फुल हो जा रहा है. एक अतिरिक्त झंझट कि इसे पढ़ते रहें और खाली करते रहें नहीं तो यह हर एसएमएस पर अतिरिक्त रूप से आगाह करता है कि बक्सा खाली करो! बक्सा खाली करो! – उलटी-सीधी किस्म की भाषाओं, बोलियों और मल्टीमीडिया युक्त इन एसएमएसों का अंततः यही संदेश होता है – दीपावली की हार्दिक बधाईयां!अब मुझे भी हर एक को प्रत्युत्तर में धन्यवाद देना होगी, बदले में हार्दिक बधाईयाँ टिकाना ही होगी अन्यथा क्या पता अगला बुरा मान जाए. भई, मुझे तो लगता है, पर, प्रत्याशित-अप्रत्याशित बधाईयों का प्रत्युत्तर देना मुसीबत से कम अगर किसी को लगता हो तो वो व्यक्ति सचमुच वंदनीय है. इसीलि…

जीतो इनाम दबाके : आइए, शुरू करें एसएमएस मोबाइल बिजनेस

चित्र
आपने अख़बारों, पत्रिकाओं में, पैम्प्लेटों में वर्गाकार पहेली आधारित नेटवर्क-गैरनेटवर्क व्यापार के विज्ञापन देखे सुनें होंगे, और हो सकता है कि हममें से कोई भला-मानुष कभी इनके ट्रैप में फंसा भी होगा. 0 0 0 0 0 0 0 0 0(ऊपर दिए खाने में प्रत्येक में शून्य अंक इस तरह भरें कि आड़ा तिरछा खड़ा किसी भी रूप में तीनों खानों का योग शून्य ही आवे. पहला ईनाम - 29 इंची रंगीन टीवी व लाखों रुपयों के  अन्य पुरस्कार. सही उत्तर वाली सभी प्रविष्टियों को गारंटीड आकर्षक ईनाम - कैमरा/घड़ी चैन सिस्टम के अनुसार आधी कीमत में दिया जाएगा)अब तैयार रहिए कुछ नए, नायाब, एसएमएस-मोबाइल बिजनेस के जालों में फंसने के लिए. वैसे, आप चाहें तो आप स्वयं इस तरह के कई बिजनेस शुरु कर सकते हैं.हाल ही में एक अख़बार में ऐसा ही एक विज्ञापन मुझे देखने को मिला जिसमें कुछ इसी किस्म का खेल है. आपको बस एक सड़ियल किस्म के सवाल का जवाब एसएमएस से भेजना है. सही उत्तर वाली प्रविष्टियों में से एक लकी ड्रॉ निकाला जाएगा और उसके विजेता को एक मोबाइल फ़ोन ईनाम में दिया जाएगा. प्रश्न सड़ियल है, तो हर कोई उसका उत्तर जानता है और चूंकि दाम सिर्फ लग रहे …

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें