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January, 2007 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गर्दन व पीठ दर्द से छुटकारा पाने के लिए एक अनुभूत प्रयोग

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डॉ. प्रभात टण्डन ने अपने एक वैज्ञानिक आलेख में गर्दन दर्द के कारणों व समस्या के समाधान के बारे में लिखा है. कुछ अरसा पहले मुझे भी पीठ - खासकर कमर के क्षेत्र में तथा गर्दन में दर्द बने रहने की समस्या हो गई थी. अगर आप कंप्यूटर के सामने बैठे-बैठे अपना अच्छा-खासा वक्त गुजारेंगे तो ऐसी समस्या आज नहीं तो कल होनी ही है. आयुर्वेद में अनुभूत प्रयोगों के बारे में अकसर बोला बताया जाता है. इस समस्या से निजात दिलाने वाले इस अनुभूत प्रयोग के बारे में आपको बताता हूँ. तो जब मेरी समस्या असहनीय हो गई तो प्रारंभ में कुछ समय तो मूव, आयोडैक्स और पता नहीं क्या क्या के चक्कर में रहे और जब बात नहीं बनी तो अंततः सही दवा दारू के लिए हड्डी रोग चिकित्सक को दिखाया. उन्होंने देखते ही कहा कि यह कोई बीमारी नहीं है जिसके लिए चिकित्सक को दिखाया जाए और दवा-दारू ली जाए.उन्होंने मुझे दो साधारण व्यायाम बताए और कहा कि पंद्रह दिन ईमानदारी से ये व्यायाम सुबह शाम करो, और फिर भी बात नहीं बने तो (हँसी में कहा-) ऑपरेशन कर देंगे. भले मानस ने न कोई फ़ीस ली, न कोई प्रिस्क्रिप्शन लिखा, और दरवाजा दिखा दिया. पहले तो मुझे लगा कि कोई …

इंटरनेट के सामग्री चोरों से सावधान!

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अब यह तो तयशुदा बात है कि तमाम घपलेबाजों, धोखेबाजों के लिए इंटरनेट एक नया आश्रय स्थल और कार्य स्थल बन गया है. छद्मनाम, अनाम और अज्ञातनाम होते हुए वे इंटरनेट पर उपलब्ध तकनॉलाजी का बेजा इस्तेमाल तमाम तरह की धोखाधड़ी कर धन कमाने के लिए करते हैं. इंटरनेट पर धोखाधड़ी के आंकड़ों में प्रतिवर्ष तेजी से इजाफ़ा होता जा रहा है. इधर कुछ समय से इंटरनेट पर सामग्री चोरों ने भी अपने हाथ-पाँव पसारे हैं. ये सामग्री चोर इंटरनेट पर उपलब्ध तमाम तरह के सामग्रियों की चोरी (वास्तविक लेखक/प्रकाशक के बिना अनुमति के नकल) कर लेते हैं और उसे अपने सर्वर पर रख कर प्रकाशित करते हैं. अपने सर्वर पर ये एडसेंस जैसे विज्ञापन डाल देते हैं और इसे कमाई का जरिया बनाते हैं. पूर्व में भी एक ऐसा ही प्रयास हिन्दी चिट्ठा जगत में सुनील के चिट्ठे की सामग्री के साथ किया जा चुका है और अमित के अंग्रेज़ी ब्लॉग को पूरा का पूरा चोरी कर अन्यत्र प्रकाशित कर लिया गया था.सुनील को तो इससे ज्यादा परेशानी नहीं हुई, चूंकि उन्होंने अपने चिट्ठे को क्रिएटिव कॉमन लाइसेंस के तहत रखा है और उन्होंने इसे अपने चिट्ठे की लोकप्रियता माना. परंतु लंबे समय म…

आपके चिट्ठों के लिए आवश्यक हैक्स...

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नया ब्लॉगर यूँ तो ढेरों सुविधाओं के साथ उपलब्ध है, और इसमें नित नई चीज़ें जुड़ती जा रही हैं, और जुड़ती जाती रहेंगीं. आखिरकार इंटरनेट के सबसे बड़े व सबसे ज्यादा तेज़ी से विकसित हो रहे गूगल का वरदहस्त इस पर जो है.फिर भी, कई दफ़ा इसमें मनवांछित चीज़ें हमें इसमें अंतर्निर्मित नहीं मिल पातीं. वैसे भी, किसी भी दिए गए समय में, कोई भी अनुप्रयोग, हर उपयोक्ता की हर जरूरत को पूरा नहीं कर सकता.ऐसे में आवश्यकता होती है हैक्स की. यानी कि वर्तमान सुविधाओं में, कानूनी रूप से बंधे हुए ही, सोर्स में कुछ फेर-बदल कर आवश्यकतानुसार नई विशेषताएँ जोड़ना. व्यक्तिगत तौर पर ही सही, आम तौर पर प्रोग्रामर्स प्राय: अपने अनुप्रयोगों में ऐसी तीमारदारियाँ करते फिरते हैं.विकिपीडिया पर एक ऐसा ही खंड नए व पुराने (क्लासिक) ब्लॉगर हैक्स के लिए भी बनाया गया है. वहाँ पर आप ब्लॉगर से संबंधित ढेरों हैक्स पाएंगे. जैसे कि नए ब्लॉगर में तीन कॉलम का टैम्प्लेट कैसे बनाना, कैलेण्डर कैसे जोड़ना, 25 नई टिप्पणियाँ कैसे दिखाना इत्यादि इत्यादि... हर हैक्स को वर्णानुक्रम में जमाया गया है. आपको अपनी पसंद का हैक नहीं मिलता है तो आप अपनी इच्…

बिहारीबाबू, ऐश्वर्याराय और गूगल

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बिहारी बाबू फ्रस्टिया रहे हैं ऐश्वर्याराय की शादी के कारण और ऊपर से करेले पर नीम चढ़ा बना रहे हैं गूगल मियाँ :)लगता है गूगल मियाँ अब हिन्दी में लिखा ऐश्वर्या-अभिषेक समझने लगे हैं इसीलिए बिहारी बाबू को जरा ज्यादा जलाने को अंग्रेज़ी में ही सही, ऐश्वर्या-अभिषेक को संदर्भित विज्ञापन में ले आए हैं. (यह स्क्रीनशॉट मेरे कमप्यूटर का है, और यकीन मानिए, असली है - कोई काटो-चिपकाओ संपादन नहीं :) Tag ,,,del.icio.usDigg this

नए ब्लॉगर में शीर्षक चित्र (हेडर इमेज) कैसे डालें?

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इसके कई तरीके हैं. आसान सा तरीका है -हेडर इमेज वाला टैम्प्लेट चुनें, जैसे कि हार्बर. फिर डैशबोर्ड में जाएँ, और टैम्प्लेट टैब पर Edit Html को क्लिक करें.आपके सामने संपादन योग्य बक्से पर आपके टैम्प्लेट का एचटीएमएल कोड खुलेगा. वहाँ पर Page Structure खंड में Wrap 2 तथा Wrap 3 मिलेंगे उनके बैकग्राउण्ड यूआरएल को मिटा दें, तथा Wrap 4 के बैकग्राउण्ड यूआरएल को अपने चित्र के यूआरएल से बदल दें. टैम्प्लेट सहेज लें. आपके ब्लॉग हेडर में आपका मनपसंद चित्र आ गया है.दूसरा तरीका भी आसान सा ही है, बस कुछ चरण ज्यादा हैं.यह तरीका किसी भी टैम्प्लेट में काम करेगा. (यदि आपने पहले से ही हेडर में चित्र वाला टैम्प्लेट चुना है तो ऊपर दी गई विधि से चित्रों के यूआरएल को मिटाना होगा). इस तरीके के लिए भी आपको टैम्पलेट एचटीएमएल संपादित करना होगा. टैम्प्लेट के सबसे निचले हिस्से में जाएँ. वहाँ आपको यह कोड दिखाई देगा-<b:section class='header' id='header' maxwidgets='1' showaddelement='no'>इसे बदल कर कर दें<b:section class='header' id='header' maxwidgets='4&#…

यू नीड नो एक्शन मैन!

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(एएक्सएन प्रतिबंधित)

यूट्यूब के गांधी वीडियो पर बंदिश की कोशिशों की सरकारी मूर्खता की कहानी अभी खत्म ही नहीं हो पाई थी कि उसी तरह की एक नई कहानी आ गई. केंद्र सरकार ने सोनी नियंत्रित एएक्सएन चैनल पर दो माह के लिए भारत देश के भीतर प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है.प्रतिबंध इस लिए लगाया गया है कि एएक्सएन ने अपने किसी प्रसारण में अश्लील सामग्री प्रसारित की. उक्त अश्लील प्रसारण का नाम था - वर्ल्ड्स सेक्सिएस्ट कमर्शियल.दरअसल, एएक्सएन पर यह सीरियल कोई नया नहीं था. इस सीरियल में तमाम विश्व के विविध उत्पादों के उन विज्ञापनों को दिखाया जाता था जो तथाकथित हॉट की श्रेणी में आते हैं - ऐसे कुछेक सीरियल तो मैंने भी देखे हैं, रोमांटिक दृष्टिकोण से वे थोड़े से गर्म तो होते हैं, परंतु अश्लील तो कतई नहीं.एएक्सएन एक पे चैनल है, जिसे उपयोक्ता पैसे देकर देखता है. उपयोक्ता की मर्जी है कि वह उस चैनल को देखे या न देखे. अगर वह उसे उसके नियमित मासिक सब्सक्रिप्शन राशि का भुगतान देकर देखता है, तो निश्चित रूप से उसकी सामग्री के प्रति वह खुद जवाबदार होता है कि वह क्या द…

नए ब्लॉगर में साइडबार में कड़ियाँ कैसे बनाएँ?

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नए ब्लॉगर पर कड़ियाँ
नए ब्लॉगर की खूबी यह है कि इसमें आपको अपने ब्लॉग को सजाने-संवारने के लिए एचटीएमएल भाषा संपादन का जानकार होना कतई आवश्यक नहीं है. सारा कार्य खींचो-व-छोड़ो (ड्रैग एंड ड्रॉप) तथा आसान चित्रमय-इंटरफेस के जरिए किया जा सकता है. हाल ही में दिव्याभ व संजय सहित कुछ अन्य हिन्दी चिट्ठाकारों को अपने ब्लॉगर ब्लॉग में साइडबार में कड़ियों को जोड़ने में समस्याएँ आईं. इसका आसान सा हल कुछ यूँ है:नए ब्लॉगर में नया, विशेषताओं युक्त टैम्प्लेट इस्तेमाल करें. पुराने क्लासिक टैम्प्लेट में आपको पूरी सुविधा नहीं मिलेगी, जिसमें ऊपर वर्णित सुविधाएँ भी सम्मिलित हैं.नए ब्लॉगर में साइडबार में जाल-स्थलों की कड़ियाँ लगाने हेतु निम्न, चरण-दर-चरण कार्य हैं:चरण 1 ब्लॉगर में लॉगइन कर ब्लॉगर डैशबोर्ड में जाएँ व अपना चिट्ठा, जिसमें आप साइड बार में कड़ियाँ लगाना चाहते हैं, उसके लेआउट को क्लिक करें. आपके सामने टैम्प्लेट का पेज-एलिमेंट पृष्ठ खुलेगा.चरण 2 पेज-एलिमेंट पृष्ठ पर आपके पूर्व चयनित ब्लॉग टैम्प्लेट के अनुसार पेज एलिमेंट विंडो खुलेगा. जैसे कि आपके ब्लॉग टैम्प्लेट का साइडबार दाईं तरफ है तो Add a p…

हिन्दी / मराठी का पहला मुफ़्त, पाठ-से-वार्ता प्रोग्राम जारी

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हिन्दी व मराठी का पाठ से वार्ता (टैक्स्ट टू स्पीच प्रोग्राम) जारी..

वैसे तो विंडोज़ तंत्र के लिए वाचक नाम का हिन्दी का पाठ-से-वार्ता प्रोग्राम (टेक्स्ट टू स्पीच) कुछ समय से उपलब्ध है, परंतु लिनक्स तंत्र के लिए ऐसा कोई प्रोग्राम अब तक अनुपलब्ध था.
हाल ही में सीडॅक मुम्बई की भाषा कम्प्यूटिंग समूह - जनभारती ने हिन्दी व मराठी के लिए पाठ-से-वाचन प्रोग्राम का अल्फ़ा संस्करण जारी किया है. वस्तुतः यह लिनक्स तंत्र के लिए पहले से उपलब्ध फ़ेस्टिवल नाम के पाठ-से-वार्ता नाम के स्पीच इंजिन के एक्सटेंशन के रूप में काम करता है. इसका अर्थ है कि इसका इस्तेमाल करने के लिए आपके लिनक्स तंत्र में पहले से ही फ़ेस्टिवल संस्थापित होना आवश्यक है. फ़ेस्टिवल एक क्रास प्लेटफ़ॉर्म स्पीच सिंथेसाइजर है जिसे विंडोज, लिनक्स, मॅक, बीएसडी, सन-स्पार्क इत्यादि सभी में इस्तेमाल किया जा सकता है.
जाहिर है, आपके लिनक्स तंत्र में यदि फ़ेस्टिवल संस्थापित नहीं है तो पहले उसे संस्थापित करें. प्रोग्राम संस्थापनाओं की जानकारी हेतु यह कड़ी देखें.
हिन्दी फ़ेस्टिवल यहाँ से डाउनलोड कर संस्थापित करें:
http://janabhaaratii.org.in:9673/…

हिन्दी लेखक के बाद हिन्दी शब्द...

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इंडीवर्ड : एक नया बहुभाषी ऑनलाइन शब्द संसाधक

एक नया ऑनलाइन (वस्तुतः बहुभाषी) हिन्दी शब्द संसाधक बीटा स्वरूप में जारी किया गया है. इंडीवर्ड नाम के इस ऑनलाइन हिन्दी शब्द संसाधक में निम्न खूबियां हैं - 1 यह इंटरनेट एक्सप्लोरर के साथ साथ फ़ॉयरफ़ॉक्स पर भी चलता है2 अन्य ऑनलाइन कुंजीपटों के विपरीत यह ब्राउज़र विंडो में तीव्र गति से चलता है.3 हिन्दी के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं का समर्थन है, तथा इन भाषाओं में लिपि परिवर्तन की सुविधा ऑनलाइन है.4 चार कुंजीपटों का समर्थन है - सिस्टम, फ़ोनेटिक, इनस्क्रिप्ट, आईट्रांस5 असीमित अनडू-रीडू समर्थन6 इसे आसानी से जाल स्थलों पर इंटीग्रेट किया जा सकता है. इसका मीडिया विकि के साथ जुड़ा तमिल संस्करण यहाँ देखें-http://te.indiwiki.org/
भविष्य में इसमें रिच-टेक्स्ट संपादन विशेषता जोड़ने की योजनाएँ हैं - ऐसा इसके विकासकर्ता कृष्ण मोहन का कहना है.जाँच करें व अपने बग रपट यहाँ भेजें - gkmohan at gmail dot com

संबंधित आलेख : हिन्दी राइटर डिजिट पर
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हिन्दी लेखक डिज़िट में...

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देवेन्द्र पारख का हिन्दी राइटर डिजिट सीडी परजी हाँ, देवेन्द्र पारख का मुफ़्त सॉफ़्टवेयर - हिन्दी राइटर संस्करण 1.4.a , डिजिट पत्रिका के जनवरी 2007 के अंक के साथ उपलब्ध सीडी में संलग्न किया गया है.इससे निश्चित रूप से डिजिट पत्रिका के लाखों पाठकों को न सिर्फ इसकी जानकारी मिल सकेगी, बहुतों के लिए, जो हिन्दी के बारे में कम जानकारी रखते हैं या जान नहीं पाते, नई संभावनाएँ पैदा करेगा.देवेन्द्र को बधाई! संबंधित विषयों पर अन्य आलेख:आशीष का हिन्दी औजारहिन्दी में ऑफ़िस सूटहिन्दी शब्द संसाधक Tag ,,,del.icio.usDigg this

कुत्ता टट्टी बल?

डॉग शिट स्क्वॉड का यही तो अर्थ होगा ना? कुत्ता मल बल भी कह सकते हैं. इससे ज्यादा भला लगने वाला नाम आपको सूझे तो जरूर सुझाएँ. बहरहाल, बात कुत्तों के मल विसर्जन की हो रही है.इंडियन एक्सप्रेस की स्तंभकार तवलीन सिंह मुम्बई में मरीन ड्राइव पर सुबह-सुबह अपने पालतू कुत्ते को टहलाने निकलीं. उनका कुत्ता सामाजिक रूप से सभ्य, ट्रेण्ड कुत्ता था जो सुबह बाहर टहलाने निकाले जाने पर ही उपयुक्त, पवित्र स्थान को सूंघ-सांघ कर मल मूत्र विसर्जन करता था.तवलीन का कुत्ता मरीन ड्राइव के ऐसे ही किसी पवित्र स्थल को और अधिक पवित्र कर रहा होगा, इतने में मुम्बई महानगर निगम का एक कर्मचारी उनके पास पहुँचा और तवलीन से कहा कि या तो वह तत्काल ही उनके कुत्ते द्वारा उत्सर्जित मल मूत्र को साफ करे अन्यथा उन्हें पाँच सौ रुपया जुर्माना भरना पड़ेगा.तवलीन ने पूछा कि भाई मेरे तुम हो कौन किस हैसियत से बात कर रहे हो और ये कौन सा कानून है?उस व्यक्ति ने बताया कि वह नए-नए बनाए गए विभाग कुत्ता टट्टी बल से है और उसका काम है - जो लोग अपने पालतू कुत्तों को सुबह सुबह लेकर घूमने निकलते हैं उस पर नजर रखना ताकि उनके कुत्ते सरे आम खुले में म…

हिन्दी कम्प्यूटिंग के पच्चीस बरस...

हिन्दी कम्प्यूटिंग का रजत जयंती वर्ष...
कुछ समय पहले मैंने भोपाल के रवींद्र भवन में हिन्दी कम्प्यूटिंग के पच्चीस वर्ष विषय पर एक प्रस्तुति दी थी. जिसका विवरण यहाँ पर है.यह प्रस्तुति आपके अवलोकनार्थ मॅक्रोमीडिया फ्लैश में है, जिसे आप इस कड़ी को क्लिक कर देख सकते हैं:http://raviratlami.googlepages.com/hindi-computing.htmlआप चाहें तो इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं. डाउनलोड की कड़ी है:http://raviratlami.googlepages.com/hindi-computing.swf(यह 4 मेबा फ़ाइल है)
प्रकटतः जितनी प्रगति होनी चाहिए थी, उतनी तो नहीं ही हुई, परंतु संतोष की बात है कि अब चक्र ने गति पकड़ ली है, और अब पहिया थमेगा नहीं....

संबंधित आलेख: इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए, गौरवशाली 150 वां अंकप्रभासाक्षी : हिन्दी के बढ़ते कदम - मासिक हिट्स 1 करोड़ के कगार पर

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प्रभासाक्षी ने कर दिखाया! दैनिक हिट 3 लाख के पार

माफ़ कीजिएगा, आईई चाहिए ...

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इंटरनेट एक्सप्लोरर के बगैर काम नहीं चलेगा भाई...
बीएसएनएल 1 जनवरी 2007 से अपने ब्रॉडबॅण्ड की दरों में खासी कमी कर रहा है. इस खुशी के मौके पर उनके जाल स्थल पर अपना ब्रॉडबॅण्ड इस्तेमाल की जानकारी लेने पहुँचा तो क्या पाया?(ऊपर दिए गए स्क्रीनशॉट ने) मेरा अभिनंदन कुछ यूँ किया :
माफ़ कीजिएगा, आईई (इंटरनेट एक्सप्लोरर) चाहिए.आईई क्यों? ऑपेरा, मॉज़िल्ला या फिर कॉन्करर क्यों नहीं? इसके माने कि जो विंडोज इस्तेमाल नहीं करते हैं (सुन रहे हैं उन्मुक्त जी?), सिर्फ लिनक्स या मॅक इस्तेमाल करते हैं उनके लिए बीएसएनएल के जाल-स्थल के दरवाजे तो पूरी तौर से बन्द? यह तो जबरदस्ती आईई इस्तेमाल करने के लिए ललकारे जाने वाली बात हुई!जहाँ माइक्रोसॉफ़्ट द्वारा ब्लॉगरों को लॅपटॉप के घूँस दिए जाने की चर्चा हो रही है ताकि उनके विंडोज विस्टा के बारे में (अच्छा) लिखें, क्या बीएसएनएल को आईई इस्तेमाल करने-करवाने के लिए ऐसा ही कुछ तो नहीं मिलगया...?या बीएसएनएल के साइट एडमिनिस्ट्रेटर को यह नहीं पता कि आधी दुनिया आईई से उबर चुकी है? Tag ,,,

हिन्दी के लिए नव वर्ष का नायाब तोहफ़ा..

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अंतत: अभिव्यक्ति / अनुभूति यूनिकोड परहिन्दी साहित्य को इंटरनेट पर पहचान देने में प्रतिबद्ध अभिव्यक्ति और अनुभूति ने नए साल में अंतत: यूनिकोड का आवरण पहन ही लिया.हिन्दी के विकास को नि: संदेह इससे नई दिशा मिलेगी. हालाकि पुराने पन्ने अभी भी शुषा फ़ॉन्ट में ही हैं, परंतु अब गूगल के गैर यूनिकोडित हिन्दी को भी ढूंढ लेने की क्षमता की वजह से अब पुराने पन्नों को यूनिकोडित करना वैसे भी गैर जरूरी रह गया है.फ़ॉर्मेटिंग में कुछ समस्या है - जैसे कि फ़ॉयरफ़ॉक्स पर सामग्री - पृष्ठ जस्टीफ़ाई होने के कारण टूटी दिखती है - परंतु इसे शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा ऐसी उम्मीदें हैं.टीम अभि को बधाईयाँ. Tag ,,,

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