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शौचालय तीन ताले में
जनता निपटे मैदान में
    बोलो सा रा रा रा रा रा


 
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मुर्दा पूछे है कहाँ जाए
श्मशान या कब्रिस्तान में
           बोलो सा रा रा रा रा रा

 


 
करिए अंधेरा एक समान

दीवाली औ रमजान में
    बोलो सा रा रा रा रा रा
 


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गुजराती गधे चले दिल्ली
और सैफई के नखलऊ में
    बोलो सा रा रा रा रा रा

 


 
जाति-धर्म के टोले में
बाबा वोटों की लाइन में
    बोलो सा रा रा रा रा रा

 

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गाय, भैंस हो या सूअर

सब बराबर, मिले पौंड में

बोलो सा रा रा रा रा रा

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(व्यंग्य जुगलबंदी 21 - प्रेम दिवस - वेलेंटाइन डे के अवसर पर प्रेममय है, तो इस अवसर पर नियमावलि को धो-पोंछ कर चमका कर फिर से प्रस्तुत किया गया है -)

• प्यार अंधा होता है- परंतु दिव्य दृष्टि के साथ.

• प्यार, बटुए में छेद का दूसरा नाम है.

• जो आपसे जितना ही दूर होता है वो उतना ही प्यारा होता है.

• प्यार में पड़ने के बाद बुद्धिमान तथा मूर्ख में कोई अंतर नहीं रह जाता.

• दिमाग़ x सुंदरता x उपलब्धता = प्रेम स्थिरांक. और, यह स्थिरांक हर स्थिति में शून्य होता है.

 

• किसी का आपके प्रति प्यार और आपका उसके प्रति प्यार का अनुपात अकसर व्युत्क्रमानुपाती होता है.

• पैसे से कोई प्यार नहीं खरीदा जा सकता, परंतु वह आपको शानदार समझौते की स्थिति में तो ला ही देता है.

• संसार की समस्त अच्छी वस्तुएँ – जिसमें प्रेम सम्मिलित है, मुफ़्त उपलब्ध हैं --- और वे आपको आपके पैसे का पूरा मूल्य चुकाती हैं.

• प्रत्येक भद्र प्रेम क़िस्म की क्रिया की प्रतिक्रिया भद्र-प्रेम ही हो यह जरूरी नहीं.

• प्यार का अंत, पहले होता है.

 

• प्रिय/प्रेयसी की उपलब्धता समय का एक कारक है. जिस पल आपकी रुचि किसी में उत्पन्न होती है, उसी पल वो किसी और को ढूंढ चुके होते हैं.

• कोई प्रिय जितना ज्यादा ख़ूबसूरत होगा, उसे उतनी ही आसानी से बिना किसी कठोर अनुभव के त्यागा जा सकता है.

• उम्र के साथ कोई चीज बेहतर नहीं होती – प्यार तो बिलकुल नहीं.

• चाहे कोई कितनी दफा ही प्यार में पड़ कर त्याग चुका हो, इसका प्रस्ताव नहीं नकारता क्योंकि प्यार कभी एक जैसा नहीं होता.

• प्यार में कोई कैलोरियाँ नहीं होतीं, गहन प्यार में भी नहीं.

 

• प्यार सबसे कम समय खाता है और सबसे ज्यादा समस्याएँ पैदा करता है.

• प्यार नाम की बीमारी का कोई इलाज नहीं है सिवाय ज्यादा, और ज्यादा प्यार के.

• प्यार 50% वह है जैसा आप सोचते हैं, और 50% वह है जो अन्य सोचते हैं.

• एक ही ऑफ़िस में दो लोगों से प्यार? कभी नहीं.

 

• प्यार... डबरे में चलने की तरह है... आपको पता नहीं होता कि आप कितने गहरे जा सकते हैं और कितने कंकड़ पत्थर सांप बिच्छू मिल सकते हैं.

• घर में एक अदद ‘प्रिय’, बाजार के दो अदद प्रिय से ज्यादा अच्छा है.

• यदि आप अपने प्रिय को चुटैया पकड़ कर रखेंगे तो उनके दिल व दिमाग भी आपके कब्जे में रहेंगे.

• जब लोग अपने प्रिय को समझने लग जाते हैं तो फिर उनका परस्पर संवाद बन्द हो जाता है.

• अपने से ज्यादा पागल से तो कभी प्यार न करें.

 

• किसी नारी (पुरुष) के जो गुण किसी पुरुष (नारी) को अत्यंत आकर्षक लगते हैं, कुछ वर्षों पश्चात् ऐसे गुणों में कोई आकर्षण नहीं रह जाता है.

• प्यार एक धोखा है यदि इसे सही किया जाए.

• प्यार में पड़ने का समय हमेशा बुरा ही होता है.

• अपने प्रिय को थामे रखने का सबसे बढ़िया तरीका उसका पहुँचा पकड़े रहना ही है.

• अंधेरे में सभी नारियाँ एक समान होती हैं – और उजाले में पुरुष.

 

• सेब का वृक्ष या उसके फल ने नहीं, बल्कि बग़ीचे में मौजूद नर-नारी के जोड़े ने समस्याएँ पैदा कीं.

• अपने खूबसूरत प्रिय को ढूंढ लेने से पहले आपको बहुत से मेंढकों को चूमना ही होता है.

• प्यार से अच्छी भी कोई चीज हो सकती है, और उससे बुरी भी—परंतु उस जैसी चीज कोई हो ही नहीं सकती.

• पड़ोसियों से भले ही प्यार करें, परंतु पकड़ में आने से बचें.

• प्यार बुद्धि के ऊपर कल्पना की जीत है.

 

• प्यार में पड़ कर नष्ट हो जाना उत्तम है बजाय इसके कि कभी प्यार ही न करना.

• आदमी किसी औरत के साथ हमेशा खुश रह सकता है जब तक कि वह उससे प्यार नहीं करता.

• प्यार बिजली के फ़व्वारे की तरह होता है – फ़ाल्ट में बिजली अबाधित नहीं होती, ड्यूअल सप्लाई भी नहीं.

• पुनर्जन्म के नौ कारणों में से एक कारण प्यार होता है... बाकी आठ तो ग़ैर जरूरी हैं.

• इसे आप न करें यदि आप इसे जारी नहीं रख सकते.

 

• प्यार वह भ्रम है जो एक नारी (पुरुष) को दूसरी नारी (पुरुष) से भिन्न बनाता है.

• जब आप किसी संगी से पहले ही प्यार में पड़े हुए होते हैं तो संगी पाना हमेशा ही अत्यंत आसान होता है.

• आपको सबसे बढ़िया प्यार सबसे खराब व्यक्ति से मिलता है.

• आपका प्यार आपसे कहता है कि वो आपको हमेशा प्यार करेगा. एक सच्चा प्यार सभी से कहता है कि वो आपको हमेशा प्यार करेगा – लज्जा गुणक के बावजूद.

• प्यार में पड़ने से पहले अपना बैकअप बना लें, यह रिकवरी में हमेशा काम आता है

 

• प्यार में सब उत्तर है. परंतु फिर वासना कुछ प्रश्न लेकर आता है.

• कखग नियम: यदि क, ख के प्रति आकर्षित है, और आप ग के प्रति आकर्षित हैं, तो क के पास ख के लिए बेहतर संभावनाएँ हैं जैसी कि आपकी ग के लिए होनी चाहिएँ... और अकसर ख और ग एक ही व्यक्ति होता है.

• अपने पिछवाड़े अंगने में कभी प्यार न करें. प्यार अंधा होता है, परंतु पड़ोसी नहीं.

• प्यार अंधा होता है, शादी आँखें खोलता है.

• प्यार में पड़ने के दौरान सही काम करना हमेशा तकलीफदेह होता है.

 

• जितना ज्यादा आप किसी नारी (पुरुष) को चाहेंगे, उतना ही कम वो आपको चाहेगी (गा).

• यदि आप किसी ख़ूबसूरत कन्या से शादी करते हैं तो वह अपनी अम्मी की प्रतिरूप बन जाती है. और यदि आप किसी साधारण सी कन्या से शादी करते हैं तो वह अपने डैडी की प्रतिरूप बन जाती है.

• पुरुष की मां या नारी के पिता को अगर आप इज़्ज़त देते हैं तो वे हर हाल में आपसे नफ़रत करेंगे.

• अच्छी नारी या अच्छा पुरुष पार्किंग की जगह के अनुरूप होते हैं – सारे अच्छे तो पहले से ही एंगेज रहते हैं.

• कोई भी अच्छा दिखने वाला व्यक्ति ऐसे विपरीत सेक्स वाले व्यक्ति के साथ पाया जाता है जो किसी सूरत पात्र नहीं होता.

• प्यार कोई उत्तर नहीं है. यह तो प्रश्न है- जिसका उत्तर हाँ है.

 

• प्यार व्यक्तियों को मूर्खता भरे कार्य करवाता है.

• यदि आप किसी से प्यार करते हैं तो उन्हें जाने दीजिए. यदि वे आपके पास वापस नहीं आते हैं तो वे आपके लायक नहीं हैं.

• यदि आप समझते हैं कि कोई नारी सुंदर है तो उसका पुरुष मित्र इस बात की ताकीद करने के लिए हमेशा वहां होगा.

• समीकरण -

प्रश्न - सिद्ध करें कि प्रेम दोगुनी बुराई है.

हल -

स्त्री = समय * धन,

चूंकि, समय = धन

अतः स्त्री = धन^2

चूंकि, धन = √बुराई (धन सभी बुराइयों की जड़ है)

अतः स्त्री = बुराई

सिद्ध हुआ.

<#!समीकरण अभी बाकी है मेरे दोस्त :>

चूंकि, स्त्री = पुरुष

अतः पुरुष = बुराई

अब, स्त्री + पुरुष = प्रेम,

अतः प्रेम =  2x बुराई

यह भी सिद्ध हुआ.

• दो व्यक्तियों के प्यार में पड़ने पर किसी को दोष नहीं दिया जा सकता सिवाय उन दोनों के.

• प्यार और जुकाम में अंतर सिर्फ इतना है कि जुकाम के लिए वैक्सीन अब उपलब्ध है .

 

• संसार की सबसे ख़ूबसूरत स्त्री संसार के सबसे बदसूरत पुरुष से शादी करती है. और, प्रायः इसके उलट भी सही होता है – यानी संसार का सबसे आकर्षक पुरुष संसार की सबसे बदसूरत स्त्री से शादी करता है.

• यदि आप उससे प्यार करते हैं, वो आपसे प्यार नहीं करता(ती) है.

• यदि, आप प्यार में हैं, तो वो नहीं है.

• यदि आप प्यार चाहते हैं, तो वो आपको नहीं मिलता.

• यदि आप दोनों बड़े प्रसन्न हैं, तो शादी होने तक का इंतजार कीजिए.

• प्यार आपका सबसे बेहतर दोस्त हो सकता है तो वो सबसे बड़ा दुश्मन भी है.

 

• प्यार तभी खत्म हो जाता है जब उसे प्रकट कर दिया जाता है.

• प्यार ठुकराने के कारण सदैव सामने उपलब्ध रहते हैं.

• प्यार ढाई आखर का है, परंतु अकसर उसका अर्थ तीन आखर से ही स्पष्ट होता है.

• यदि कहीं प्यार पूरा नहीं मिलता तो आधे से ही काम चलाने में भलाई है.

• प्यार में सफलता के लिए सही व्यक्ति का मिलना जरूरी नहीं है, जरूरी है सही व्यक्ति बनना.

• बहुधा, प्रेम प्रकट करने का समय तब आता है जब मौका हाथ से निकल चुका होता है.

 

• जिस तीव्रता से आप किसी को प्यार करते हैं, वक्त आने पर उसे कई गुना तीव्रता से घृणा करते हैं.

• प्रिय से दूरी प्यार को बढ़ाती है दूसरों के लिए.

• प्यार की परिणति विवाह है, और विवाह प्यार का अंत है.

• हर चमकदार चीज प्यार नहीं है.

• प्यार लोगों को मूर्खता भरे काम करने को प्रेरित करता है.

• जिन्हें आप चाहते हैं वे आपको मिलते नहीं और जो आपको चाहते हैं वो आप सोचते हैं कि वे आपके लिए बने ही नहीं.

• अनिंद्य सुंदरी/पुरुष से भी घृणा करने वाले लोग मिल जाते हैं.

 

• जिस दिन आप अपने प्यार को बताते हैं कि आप उसके बगैर जी नहीं सकते, उसके ठीक दूसरे दिन आपका प्यार आपको छोड़ कर चला जाता है.

• प्यार में ईमानदार होने का दूसरा अर्थ है प्यार को दुश्मन बना लेना.

• प्यार में सभी विश्वास रखते हैं – परंतु क्या वह कहीं मौजूद भी है?

(विविध स्रोतों से संकलित मरफ़ी के नियमों का अनुवाद. मरफ़ी के कुछ अन्य नियम यहाँ पढ़ सकते हैं - http://raviratlami.blogspot.in/search?q=मरफी%20के%20नियम  )


हमारा वसंत

यूं तो यह ऋतुओं का राजा कहलाता है, परंतु किसलिए, यह बहुतों को पता नहीं. और, यह कब आता है और कब जाता है यह भी बहुतों को पता नहीं.  बहुत से अधिकारी-नेता किस्म के लोगों के लिए यह ऋतुओं में निकृष्ट है - यह किसी किस्म       के स्कीम  की संभावना लेकर ही नहीं आता है। इसके आने व जाने के बारे में मौसम विभाग की अपेक्षा कवियों लेखकों को अधिक सटीकता से पता रहता है. बहुधा मौसम विभाग फेल हो जाता है, परंतु प्रेम कविता रचने वाला दूर कहीं नामालूम सी क्षीण आवाज में कोयल के कूक की कल्पना कर घोषणा कर देता है कि वसंत आ गया है।

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अब देखिए न, जब वर्षा का मौसम आता है तो वो भयंकर गर्मी के बाद, तेज आंधी तूफानों के साथ आता है. और जब आता है तो सर्वत्र कीचड़ ले आता है. अब ये बात अलग है कि बहुत से लोग कीचड़, अधिक कीचड़ की कामना करते हैं ताकि वे अपने-अपने कमल खिला सकें. अरे बाबा, जितना अधिक पानी गिरेंगा उतना ही अधिक कीचड़ होएंगा और सड़कों में उतना ही अधिक गड्ढा होएंगा। तो उसे रिपेयर करने का उतना ही तगड़ा एस्टीमेट बनेंगा और उतना ही मोटा टेंडर निकलेंगा। देश में एक ही काम बिलकुल समय पे, चाक चौबंद तरीके से होता है। टेंडर निकालने का काम।


फिर कहीं अतिवृष्टि होती है तो कहीं अल्पवृष्टि। दोनों ही में ही टेंडरिया देश के लिए शासकीय राहत की स्कीमों और योजनाओं के रूप में ढेरों संभावनाएं आती हैं। लगता है कि आजकल इन्द्र देवता भी केवल और केवल अधिकारियों और नेताओं की प्रार्थना सुनते हैं और हर साल, अधिक, और अधिक संभावनाएं लेकर आते हैं। वैसे, होशियार लोगों के लिए संभावनाएं तो रेत में भी तेल की सूरत में निकल आती हैं। जल जनित बीमारियों और महामारियों से सृजित अन्य, पूरित संभावनाएं अलग हैं।


इधर गर्मी भी जब आती है तो सबको जलाते भुनाते ही जाती है। और इस कदर जलाते भुनाते जाती है कि पिछली बरसात में अतिवृष्टि से पीड़ित देश एक-एक बूँद जल के लिए तरसता और त्राहिमाम् करता है। यह चक्र अनंत काल से चला आ रहा है और अनंत काल तक चलता रहेगा। और, इन्द्र देवता की तरह सूर्य देव भी केवल और केवल नेता-अधिकारियों की प्रार्थना सुनकर गहन आग बरसाते हैं और अधिकाधिक बोरवेल और तालाब-सृजन-गहरीकरण के टेंडर की संभावनाएं पैदा करते हैं। लू और डिहाइड्रेशन संबंधित संभावनाएं तो खैर सदा साथ आनी ही हैं।


सर्दी का मौसम तो और भी, उच्च स्तरीय संभावनाओं को साथ लाता है। बरफ बारी होती है कश्मीर में तो शीत लहर चलती है चेन्नई में। और फिर टेंडरिया देश स्वाइन, एवियन फ्लू से लेकर फसलों में पाला पड़ने आदि आपदाओं का शिकार हो जाता है जिसका बेसब्री से इंतजार देश के नेता-बाबू कर रहे होते हैं। जितना जियादा ठंड उतना ही विविध, बड़ा टेंडर और राहत राशि। उतने ही बड़े अपने-अपने परसेंटेज की कटिंग। और, सहृदय, उदार ठंड का देवता ग्लोबल वार्मिंग के बावजूद हर साल नेताओं-बाबुओं की प्रार्थनाओं को ही तरजीह देता है।


अब जरा बताइए कि बसंत आता है तो क्या लाता है? संभावनाओं के नाम पर शून्य और खाली हाथ। न गहन गरमी, न सरदी और न ही जल प्लावन। बसंत का देवता तो राक्षसी प्रवृत्ति का है जो संभावना शून्य समय और मौसम लाता है। और जब तक कोई जला हुआ परवाना फेसबुक पर अपनी गहन गंभीर तड़प से लबरेज प्रेम कविता से स्टेटस अपडेट नहीं करता है, दुनिया को हवा ही नहीं लगती है कि बसंत आया भी है। और, यदि आप वो स्टेटस अपडेट देखने से चूक जाते हैं तो समझिए कि आप उस बरस बसंत से भी चूक जाते हैं।


मैं पिछले कई सालों से बसंत के मौसम से चूकता आ रहा हूँ। क्या कोई बताएगा कि अबके बसंत कब आएगा-जाएगा? आएगा भी या नहीं? कुछ नहीं तो सोशल मीडिया में सद्य: प्रकाशित प्रेम कविता की लिंक ही दे दें। शायद वहां से बसंत का पता चल जाए!

नए दौर में प्यार और युद्ध गौण हैं। बचा है तो केवल बिजनेस। यहां सब जायज है। और यह कोई रईस फिल्म का धांसू डायलॉग नहीं है। एप्पल कंपनी का सफलता का सूत्र - मंत्र है!

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